SGIL Share Price: सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में गोल्ड ज्वेलरी की मांग मजबूत बनी हुई है। इसका फायदा शांति गोल्ड इंटरनेशनल (SGIL) को भी मिल रहा है। कंपनी ने जून तिमाही में शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है और अपने बिजनेस विस्तार के लिए नए प्रोडक्ट्स, नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और एक्सपोर्ट मार्केट पर फोकस बढ़ाया है। इसके अलावा कंपनी ने राइट्स इश्यू के जरिए ₹1,000 करोड़ तक जुटाने की योजना भी बनाई है। इन सभी कदमों को देखते हुए निवेशकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या SGIL के शेयर में आगे भी अच्छी कमाई की संभावना है?
जून तिमाही में शानदार ग्रोथ, मजबूत रही ज्वेलरी की मांग
शादी और त्योहारों के सीजन के चलते गोल्ड ज्वेलरी की मांग में अच्छी तेजी देखने को मिली। इसका सीधा फायदा शांति गोल्ड इंटरनेशनल को हुआ और कंपनी ने जून तिमाही में लगभग 40% से 60% तक की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। बढ़ती बिक्री ने यह संकेत दिया कि ऊंची सोने की कीमतों के बावजूद उपभोक्ताओं की खरीदारी पर खास असर नहीं पड़ा।
नए प्रोडक्ट्स से बढ़ा बिजनेस
बाजार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने के लिए SGIL लगातार नए उत्पाद लॉन्च कर रही है। कंपनी ने कुछ तिमाहियों पहले मशीन से बनी गोल्ड ज्वेलरी की शुरुआत की थी, जो हाई-वॉल्यूम कैटेगरी मानी जाती है। इसके अलावा कंपनी ने मंगलसूत्र और टर्किश डिजाइन वाली गोल्ड ज्वेलरी भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल की है।
इन नए उत्पादों की मदद से कंपनी अलग-अलग ग्राहक वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। साथ ही बदलते फैशन ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए नए डिजाइनों पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
उत्तर भारत और एक्सपोर्ट मार्केट पर फोकस
शांति गोल्ड इंटरनेशनल घरेलू बाजार में खासतौर पर उत्तर भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है। इसके साथ ही कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी से विस्तार कर रही है।
इसी रणनीति के तहत कंपनी ने दुबई में नया ऑफिस खोला है। इससे सिंगापुर, मलेशिया, अमेरिका और यूरोप के देशों में गोल्ड ज्वेलरी के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एक्सपोर्ट बढ़ने से कंपनी के राजस्व में भी बेहतर योगदान मिल सकता है।
दो नए प्लांट्स से तीन गुना होगी उत्पादन क्षमता
कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए दो नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तैयार किए हैं।
- वर्तमान उत्पादन क्षमता: 2,700 किलोग्राम प्रति वर्ष
- नई क्षमता: करीब 7,900 किलोग्राम प्रति वर्ष
मुंबई स्थित नया प्लांट कंपनी के पुराने प्लांट के पास बनाया गया है, जिसकी सालाना क्षमता 4,000 किलोग्राम है। इस प्लांट में जुलाई से उत्पादन शुरू हो चुका है।
वहीं, जयपुर प्लांट की क्षमता 1,200 किलोग्राम प्रति वर्ष होगी और इसमें नवंबर-दिसंबर 2026 तक उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
इन दोनों प्लांट्स के पूरी तरह चालू होने के बाद कंपनी की उत्पादन क्षमता लगभग तीन गुना हो जाएगी, जिससे मीडियम और लॉन्ग टर्म में मुनाफे में सुधार की उम्मीद है।
राइट्स इश्यू से जुटाएगी ₹1,000 करोड़
कंपनी के बोर्ड ने 30 जून को राइट्स इश्यू के जरिए पूंजी जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। कंपनी का लक्ष्य ₹1,000 करोड़ तक जुटाने का है।
इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बिजनेस विस्तार के लिए किया जाएगा। हालांकि, इस राइट्स इश्यू के बाद कंपनी की इक्विटी में लगभग 6% का डायल्यूशन होगा।
वैल्यूएशन अभी भी आकर्षक
विश्लेषकों के अनुसार कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और जरूरत पड़ने पर कर्ज जुटाने की क्षमता भी बेहतर है।
मौजूदा शेयर कीमत पर SGIL का स्टॉक FY28 की अनुमानित आय (Earnings) के लगभग 9 गुना के वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है, जिसे कई विशेषज्ञ आकर्षक मानते हैं। कंपनी की वैल्यूएशन अपने कुछ प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों, जैसे श्रृंगार हाउस ऑफ मंगलसूत्र, की तुलना में लगभग 35% कम बताई जा रही है।
SGIL Share Price का प्रदर्शन
24 जुलाई को SGIL का शेयर 2.22% की बढ़त के साथ ₹211.76 पर बंद हुआ।
शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो—
- 24 जुलाई का क्लोजिंग प्राइस: ₹211.76
- दिनभर की तेजी: 2.22%
- पिछले 1 साल का रिटर्न: लगभग -7%
- 2026 में अब तक का रिटर्न: करीब +11%
- इसी अवधि में निफ्टी का प्रदर्शन: करीब -9%
इससे साफ है कि हाल के महीनों में SGIL ने व्यापक बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।
क्या SGIL में निवेश करना चाहिए?
शांति गोल्ड इंटरनेशनल के लिए मजबूत ज्वेलरी डिमांड, नए प्रोडक्ट लॉन्च, उत्पादन क्षमता में बड़ा विस्तार, एक्सपोर्ट बिजनेस की बढ़ती संभावनाएं और राइट्स इश्यू के जरिए पूंजी जुटाने की योजना सकारात्मक संकेत मानी जा सकती हैं। हालांकि, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, उपभोक्ता मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं।
नोट: किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता, निवेश अवधि और वित्तीय सलाहकार की सलाह को जरूर ध्यान में रखें।


