3 मई 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्या हैं? जानिए दिल्ली, मुंबई, लखनऊ से लेकर पटना तक सभी शहरों के ताज़ा रेट और मार्केट अपडेट।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डालती हैं। ट्रांसपोर्ट से लेकर खाने-पीने की चीजों तक, हर चीज की लागत कहीं न कहीं ईंधन के दामों से जुड़ी होती है। यही वजह है कि लोग हर दिन पेट्रोल और डीजल के रेट्स पर नजर रखते हैं।
3 मई 2026 को जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक देश के प्रमुख महानगरों और हिंदी भाषी राज्यों में ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। हालांकि कुछ शहरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जो लोकल टैक्स और सप्लाई फैक्टर पर निर्भर करती है।
पेट्रोल की कीमतें आज
| शहर | पेट्रोल कीमत (₹) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹94.77 | 0.00 |
| लखनऊ | ₹94.69 | 0.00 |
| चंडीगढ़ | ₹94.30 | 0.00 |
| नोएडा | ₹94.90 | 0.00 |
| गुरुग्राम | ₹95.48 | -0.17 |
| जयपुर | ₹104.72 | 0.00 |
| पटना | ₹105.23 | -0.19 |
| भुवनेश्वर | ₹101.03 | 0.00 |
| भोपाल* | ~₹102.00 | अनुमानित |
| रायपुर* | ~₹103.00 | अनुमानित |
(स्रोत: GoodReturns)
देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली, नोएडा, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे उत्तर भारतीय शहरों में कीमतें 95 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई हैं।
दूसरी ओर, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों में पेट्रोल 100 रुपये से ऊपर बना हुआ है। इसका मुख्य कारण राज्य टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन लागत है।
हैदराबाद और पटना जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमतें अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिलती हैं, जो 105 रुपये के आसपास पहुंच रही हैं।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल रेट
नई दिल्ली में पेट्रोल लगभग ₹94.77 प्रति लीटर है। लखनऊ में यह ₹94.69 और नोएडा में ₹94.90 के आसपास बना हुआ है। चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹94.30 के करीब है, जो इन सभी शहरों में सबसे कम में से एक है।
जयपुर और पटना जैसे शहरों में कीमतें 104 से 105 रुपये के बीच बनी हुई हैं। वहीं हैदराबाद में पेट्रोल सबसे महंगा है, जो ₹107.50 प्रति लीटर तक पहुंच चुका है।
डीजल की कीमतें आज
| शहर | डीजल कीमत (₹) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹87.67 | 0.00 |
| लखनऊ | ₹87.81 | 0.00 |
| पटना | ₹91.49 | -0.18 |
| चंडीगढ़ | ₹82.45 | 0.00 |
| जयपुर | ₹90.21 | 0.00 |
| नोएडा | ₹88.01 | 0.00 |
| गुरुग्राम | ₹87.94 | -0.16 |
| भोपाल* | ~₹89.50 | अनुमानित |
| रायपुर* | ~₹90.20 | अनुमानित |
| भुवनेश्वर | ₹92.60 | 0.00 |
(स्रोत: GoodReturns)
डीजल की कीमतें भी लगभग स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि कुछ शहरों में हल्की गिरावट देखी गई है। डीजल का असर सीधे ट्रांसपोर्ट और कृषि सेक्टर पर पड़ता है, इसलिए इसकी स्थिरता आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
उत्तर भारत के कई शहरों में डीजल की कीमतें 87 से 91 रुपये प्रति लीटर के बीच बनी हुई हैं।
प्रमुख शहरों में डीजल रेट
दिल्ली में डीजल ₹87.67 प्रति लीटर है। लखनऊ में ₹87.81 और नोएडा में ₹88.01 के आसपास कीमत बनी हुई है। गुरुग्राम में हल्की गिरावट के साथ डीजल ₹87.94 पर दर्ज किया गया है।
पटना में डीजल ₹91.49 और जयपुर में ₹90.21 के आसपास बना हुआ है। चंडीगढ़ में यह सबसे सस्ता है, जहां कीमत ₹82.45 प्रति लीटर है।
शहरों के बीच कीमतों में अंतर क्यों होता है?
बहुत से लोग यह सवाल पूछते हैं कि भारत में एक ही ईंधन की कीमत अलग-अलग शहरों में क्यों बदलती है। इसके पीछे तीन मुख्य कारण होते हैं।
पहला कारण है राज्य सरकारों का VAT (Value Added Tax), जो हर राज्य में अलग होता है।
दूसरा कारण है ट्रांसपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट। दूर-दराज़ के राज्यों में ईंधन पहुंचाने की लागत ज्यादा होती है।
तीसरा कारण है स्थानीय मांग और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, जो शहर-दर-शहर अलग होता है।
आज कीमतें स्थिर क्यों हैं?
3 मई के आंकड़े बताते हैं कि फिलहाल ईंधन बाजार में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं है। इसका मुख्य कारण है कि अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है।
इसके अलावा, भारत में सरकार समय-समय पर टैक्स और एक्साइज ड्यूटी के जरिए कीमतों को नियंत्रित करती है ताकि अचानक महंगाई का असर आम जनता पर न पड़े। डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट भी एक बड़ा फैक्टर होता है, लेकिन अभी इसमें भी कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
आम जनता पर क्या असर पड़ता है?
पेट्रोल और डीजल की कीमतें सिर्फ गाड़ी चलाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती हैं। जब ईंधन महंगा होता है तो ट्रांसपोर्ट महंगा हो जाता है, जिससे सब्जियां, अनाज और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ जाती हैं।
इसी तरह, डीजल महंगा होने पर ट्रक और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट बढ़ती है, जिसका असर पूरे सप्लाई चेन पर पड़ता है।
आने वाले समय में क्या हो सकता है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पूरी तरह ग्लोबल क्रूड ऑयल मार्केट पर निर्भर रहेंगी। अगर मिडिल ईस्ट में कोई भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो कीमतों में तेजी आ सकती है।
वहीं अगर क्रूड ऑयल सप्लाई बढ़ती है या डॉलर कमजोर होता है तो कीमतों में राहत मिल सकती है।
निष्कर्ष
3 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। फिलहाल बाजार स्थिर स्थिति में है, लेकिन यह स्थिरता हमेशा बनी रहे यह जरूरी नहीं है।
ईंधन की कीमतें आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार, सरकार की नीतियों और टैक्स स्ट्रक्चर पर निर्भर रहेंगी। आम उपभोक्ता के लिए यह समय सतर्क रहने का है, क्योंकि छोटी-छोटी कीमतों में बदलाव भी लंबे समय में बड़ा असर डाल सकते हैं।
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