Paytm Financial Services Growth: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने पेटीएम (Paytm) के फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस को कंपनी का सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला सेगमेंट बताया है। जून तिमाही (Q1 FY27) में इस कारोबार की आय सालाना आधार पर 45% बढ़कर 814 करोड़ रुपये पहुंच गई। ब्रोकरेज का कहना है कि क्रेडिट और अन्य वित्तीय उत्पादों की बढ़ती क्रॉस-सेलिंग ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है। मजबूत वित्तीय नतीजों के बाद बर्नस्टीन ने पेटीएम पर अपनी ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,500 रुपये का टारगेट प्राइस दोहराया है।
वित्तीय सेवाओं का कारोबार बना सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन
बर्नस्टीन की रिपोर्ट के मुताबिक, पेटीएम का फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस कंपनी की कमाई का सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बनकर उभरा है। इस कारोबार से होने वाली आय एक साल पहले की तुलना में 45 प्रतिशत बढ़कर 814 करोड़ रुपये पहुंच गई।
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी ने अपने विशाल यूजर बेस का बेहतर उपयोग करते हुए क्रेडिट, इंश्योरेंस और अन्य वित्तीय उत्पादों की सफल क्रॉस-सेलिंग की है। इससे कंपनी के राजस्व में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है।
Q1 FY27 के नतीजों ने बढ़ाया भरोसा
बर्नस्टीन का कहना है कि जून तिमाही के नतीजों ने उसके निवेश दृष्टिकोण को और मजबूत किया है। रिपोर्ट के अनुसार:
- कंपनी की कुल आय में 28% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई।
- अप्रत्यक्ष खर्च केवल 6% बढ़े।
- EBITDA में 182% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।
- पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (PIDF) इंसेंटिव को हटाकर देखें तो EBITDA में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की गई।
ब्रोकरेज का मानना है कि मजबूत राजस्व वृद्धि के साथ लागत पर नियंत्रण कंपनी की भविष्य की लाभप्रदता को और मजबूत करेगा।
लागत नियंत्रण के साथ AI में निवेश जारी
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पेटीएम ने खर्चों पर अनुशासन बनाए रखा है। प्लेटफॉर्म डेवलपमेंट से जुड़ी लागत में 3% की कमी आई, जबकि कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नए प्रोडक्ट डेवलपमेंट में निवेश जारी रखा।
बर्नस्टीन के अनुसार, यह रणनीति लंबे समय तक कंपनी की ग्रोथ को समर्थन दे सकती है।
भुगतान कारोबार भी रहा मजबूत
पेटीएम का कोर पेमेंट्स बिजनेस भी शानदार प्रदर्शन करता रहा।
मुख्य आंकड़े:
- मर्चेंट GMV: 31% बढ़कर 7.1 लाख करोड़ रुपये
- कंज्यूमर UPI पेमेंट वैल्यू: 45% की वृद्धि
- यह वृद्धि उद्योग की औसत वृद्धि दर से भी दोगुनी रही।
ब्रोकरेज ने इसे कंपनी के मजबूत डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम का संकेत बताया है।
बढ़ी एक्टिव यूजर्स की संख्या
कंपनी के मासिक लेनदेन करने वाले यूजर्स (MTU) की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
- पिछले वर्ष: 7.4 करोड़
- वर्तमान तिमाही: करीब 8 करोड़
बर्नस्टीन के अनुसार, यह दर्शाता है कि पेटीएम प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों की सक्रियता और जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है।
लेंडिंग बिजनेस के संकेतक भी मजबूत
रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के लेंडिंग बिजनेस से जुड़े प्रमुख संकेतक भी सकारात्मक बने हुए हैं।
इनमें शामिल हैं:
- अपेक्षित क्रेडिट हानि (Expected Credit Loss)
- दोबारा ऋण लेने वाले ग्राहकों (Repeat Borrowers) की संख्या
इन संकेतकों से भविष्य में वित्तीय सेवाओं के कारोबार के और विस्तार की संभावना दिखाई देती है।
दूसरे ब्रोकरेज भी हुए बुलिश
सिर्फ बर्नस्टीन ही नहीं, अन्य प्रमुख ब्रोकरेज हाउस भी पेटीएम को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं।
जेफरीज
- रेटिंग: Buy
- टारगेट प्राइस: 1,450 रुपये से बढ़ाकर 1,600 रुपये
- टिप्पणी: कंपनी में मजबूत ग्रोथ मोमेंटम जारी है और यह पसंदीदा फिनटेक कंपनियों में शामिल है।
एमके
- रेटिंग: Buy
- टारगेट प्राइस: 1,500 रुपये से बढ़ाकर 1,700 रुपये
- मानना है कि नए ग्राहकों को जोड़ने और वित्तीय सेवाओं के विस्तार से लंबी अवधि में मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी।
आगे क्या है उम्मीद?
ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2029 तक पेटीएम की आय में लगातार वृद्धि जारी रह सकती है। ऑपरेटिंग लीवरेज बेहतर होने से कंपनी के मार्जिन में भी सुधार की संभावना है। बाजार में अब यह धारणा मजबूत होती दिख रही है कि पेटीएम स्थायी मुनाफे की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
प्रमुख बातें (Key Highlights)
- फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार की आय 45% बढ़कर 814 करोड़ रुपये।
- बर्नस्टीन ने Outperform रेटिंग और 1,500 रुपये का टारगेट बरकरार रखा।
- कंपनी की कुल आय में 28% और EBITDA में 182% की वृद्धि।
- मर्चेंट GMV 7.1 लाख करोड़ रुपये पहुंचा।
- UPI पेमेंट वैल्यू में 45% की बढ़ोतरी।
- मासिक सक्रिय ट्रांजैक्शन यूजर्स करीब 8 करोड़ पहुंचे।
- जेफरीज ने 1,600 रुपये और एमके ने 1,700 रुपये का नया लक्ष्य तय किया।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


