नई दिल्ली: पावर सेक्टर की EPC कंपनी Om Power Transmission का ₹150 करोड़ का IPO आज बाजार में खुल गया, लेकिन पहले ही दिन इसकी शुरुआत उम्मीद से थोड़ी धीमी रही। शुरुआती घंटों में यह इश्यू सिर्फ 6% सब्सक्राइब हुआ, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह मजबूत नहीं है।
हालांकि रिटेल निवेशकों ने कुछ रुचि दिखाई है, लेकिन संस्थागत निवेशकों की तरफ से शुरुआती समय में कोई खास भागीदारी नहीं दिखी। ऐसे में इस IPO को लेकर बाजार का मूड थोड़ा “wait and watch” नजर आ रहा है।
Day 1 Subscription: कौन कितना interested?
स्टॉक एक्सचेंज Bombay Stock Exchange (BSE) के डेटा के मुताबिक, सुबह करीब 10:45 बजे तक IPO को कुल मिलाकर लगभग 5–6% सब्सक्रिप्शन मिला था।
रिटेल निवेशकों (RIIs) ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई, जहां उनका हिस्सा करीब 11% तक भर गया। वहीं non-institutional investors (NIIs) का हिस्सा लगभग 2% तक ही सीमित रहा।
सबसे अहम बात यह रही कि qualified institutional buyers (QIBs) की तरफ से शुरुआती घंटों में कोई bids नहीं आईं।
IPO के लिए QIB interest बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह बड़े निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
GMP क्या बता रहा है? (Grey Market Signal)
Grey market में Om Power Transmission IPO का प्रीमियम फिलहाल करीब ₹7 के आसपास चल रहा है।
इसका मतलब यह है कि ₹175 के इश्यू प्राइस के मुकाबले लिस्टिंग लगभग ₹182 के आसपास हो सकती है, यानी करीब 4% का संभावित listing gain।
लेकिन ध्यान रहे — GMP एक unofficial संकेत होता है, यह actual listing price की guarantee नहीं देता।
कंपनी क्या करती है? बिजनेस मॉडल समझें
Om Power Transmission एक EPC (Engineering, Procurement and Construction) कंपनी है, जो पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में काम करती है।
कंपनी की विशेषज्ञता high-voltage और extra-high-voltage transmission lines, substations और underground cabling में है। इसके अलावा यह operation और maintenance services भी देती है।
कंपनी ने सरकारी utilities और private clients दोनों के साथ काम किया है, जिससे इसका client base diversified माना जाता है।
ऑर्डर बुक और ग्रोथ
दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास करीब ₹744 करोड़ का ऑर्डर बुक था, जिसमें 58 प्रोजेक्ट शामिल हैं।
यह एक पॉजिटिव संकेत है क्योंकि इससे आने वाले समय में revenue visibility मजबूत रहती है।
इसके अलावा कंपनी 124 substations को operate और maintain भी कर रही है, जिससे recurring income का source बना हुआ है।
फाइनेंशियल्स: कितनी मजबूत है कंपनी?
अगर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को देखें, तो पिछले कुछ समय में steady growth देखने को मिली है।
- 9 महीने (Dec 2025 तक): Revenue ₹276 करोड़
- Profit After Tax (PAT): ₹23 करोड़
- EBITDA margin: ~12.4%
- PAT margin: ~8.45%
ये numbers बताते हैं कि कंपनी profitable है, लेकिन margins बहुत high नहीं हैं — यानी यह एक stable लेकिन high-growth story नहीं है।
IPO का पैसा कहां जाएगा?
IPO से जुटाए गए ₹150 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपने बिजनेस को मजबूत करने के लिए करेगी:
- ₹55 करोड़ — working capital
- ₹25 करोड़ — debt repayment
- ₹11 करोड़ — capital expenditure
इसका मतलब है कि कंपनी expansion के साथ-साथ balance sheet को भी मजबूत करना चाहती है।
एंकर निवेशकों का क्या संकेत है?
IPO खुलने से पहले कंपनी ने ₹45 करोड़ anchor investors से जुटाए थे।
यह एक पॉजिटिव संकेत माना जाता है, क्योंकि anchor investors आमतौर पर बड़े और समझदार निवेशक होते हैं।
लेकिन secondary market (GMP) और Day 1 subscription को देखकर यह भी साफ है कि broader market अभी cautious है।
क्या यह IPO safe है या risky?
अब सबसे जरूरी सवाल — क्या इसमें निवेश करना चाहिए?
पॉजिटिव फैक्टर्स
- मजबूत ऑर्डर बुक (₹744 करोड़)
- diversified business (EPC + O&M)
- profitable कंपनी
- debt reduction plan
रिस्क फैक्टर्स
- low Day 1 subscription
- QIB interest की कमी
- low GMP (सिर्फ ~4%)
- EPC सेक्टर में execution risk
मार्केट सेंटिमेंट क्या कहता है?
IPO की शुरुआती धीमी शुरुआत यह दिखाती है कि बाजार अभी selective हो गया है।
हर IPO को blindly subscribe करने का trend अब खत्म हो चुका है। निवेशक अब:
- valuation
- growth
- sector outlook
इन सभी चीजों को ध्यान में रखकर निर्णय ले रहे हैं।
बड़ा एनालिसिस: क्या करना चाहिए?
अगर आप short-term listing gain के लिए IPO देखते हैं, तो यह issue बहुत attractive नहीं लग रहा है, क्योंकि GMP काफी कम है।
लेकिन अगर आप long-term investor हैं और infrastructure/power sector में विश्वास रखते हैं, तो यह एक “moderate risk” opportunity हो सकती है।
सबसे safe strategy:
- last day subscription trend देखें
- QIB participation check करें
- उसके बाद decision लें
निष्कर्ष
Om Power Transmission IPO की शुरुआत धीमी जरूर रही है, लेकिन यह पूरी तरह negative signal नहीं है।
कंपनी के fundamentals ठीक हैं, लेकिन market sentiment अभी cautious है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी करने के बजाय पूरी जानकारी के साथ फैसला लेना चाहिए।
आने वाले दिनों में subscription data और QIB interest ही तय करेगा कि यह IPO मजबूत लिस्टिंग देगा या नहीं।
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