NPS Mitra: देश के छोटे शहरों, गांवों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए पेंशन से जुड़ी सेवाएं जल्द आसान हो सकती हैं। पेंशन नियामक PFRDA (Pension Fund Regulatory and Development Authority) ने नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS की पहुंच बढ़ाने के लिए पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है।
प्रस्तावित बदलावों का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में NPS की सेवाएं पहुंचाना है, जहां अभी पेंशन से जुड़ी सुविधाओं का नेटवर्क सीमित है। इसके साथ ही नए ग्राहकों को NPS से जोड़ने और मौजूदा ग्राहकों को सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए नए मॉडल को बढ़ावा देने की तैयारी है।
इस प्रस्ताव में पेंशन एजेंटों के लिए ‘NPS मित्र’ नाम इस्तेमाल करने का सुझाव भी दिया गया है। अगर प्रस्तावित नियम लागू होते हैं, तो लोगों के लिए NPS खाता खोलने से लेकर उससे जुड़ी सेवाएं लेने तक की प्रक्रिया और आसान हो सकती है।
क्या होते हैं PoP?
PoP यानी Point of Presence वे बैंक या संस्थान होते हैं जो लोगों तक NPS की सेवाएं पहुंचाने का काम करते हैं। इनके जरिए ग्राहक NPS में खाता खोलने, योगदान करने और खाते से जुड़ी दूसरी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
PFRDA अब PoP नेटवर्क का विस्तार सिर्फ पारंपरिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों तक सीमित रखने के बजाय दूसरे संगठनों तक भी करने का प्रस्ताव लेकर आया है। इसका फायदा खासतौर पर उन लोगों को मिल सकता है जो बड़े शहरों से दूर रहते हैं।
पेंशन एजेंट कहलाएंगे ‘NPS मित्र’
प्रस्तावित नियमों में पेंशन एजेंटों के नाम में बदलाव का सुझाव दिया गया है। इन्हें ‘NPS मित्र’ कहा जा सकता है।
NPS मित्र ग्राहकों को NPS से जुड़ने और सेवाओं का इस्तेमाल करने में सहायता करेंगे। इससे उन लोगों को भी मदद मिलने की उम्मीद है जिन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खुद NPS से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी होती है।
खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर सहायता मिलने से NPS को अपनाने की प्रक्रिया आसान हो सकती है।
NPS मित्र की गलती पर PoP की जिम्मेदारी
प्रस्तावित नियमों में ग्राहकों के हितों और जवाबदेही पर भी जोर दिया गया है। अगर किसी कर्मचारी, NPS मित्र या PoP द्वारा सेवा के लिए नियुक्त किए गए किसी अन्य व्यक्ति की गलती या लापरवाही से ग्राहक को नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित PoP संस्था की होगी।
यानी PoP किसी NPS मित्र को नियुक्त करने के बाद अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकेगा। यदि लापरवाही या गलती साबित होती है और उससे ग्राहक को नुकसान हुआ है, तो प्रस्तावित नियमों के तहत PoP को उसकी भरपाई करनी पड़ सकती है।
ग्राहक की जानकारी रखनी होगी गोपनीय
नए प्रस्ताव में ग्राहकों के डेटा और रिकॉर्ड की सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण माना गया है। PoP और NPS मित्रों को ग्राहकों से जुड़ी जानकारी, रिकॉर्ड और NPS से संबंधित डेटा को गोपनीय रखना होगा।
ग्राहक की जानकारी केवल उन्हीं परिस्थितियों में साझा की जा सकेगी, जहां कानून के तहत ऐसा करना जरूरी हो। इससे NPS ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
PoP के लिए दो तरह का मॉडल
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत PoP को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटने का सुझाव है:
- फिजिकल PoP: जहां ग्राहक कार्यालय या निर्धारित केंद्र पर जाकर सेवाएं ले सकेंगे।
- डिजिटल PoP: ऐसे PoP जो पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से ग्राहकों को जोड़ने और सेवाएं उपलब्ध कराने का काम करेंगे।
डिजिटल मॉडल के जरिए उन ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश होगी जो ऑनलाइन माध्यम से NPS की सेवाएं लेना पसंद करते हैं।
फिजिकल PoP की फीस बढ़ाने का प्रस्ताव
प्रस्तावित नियमों में फिजिकल PoP के लिए आवेदन शुल्क में बदलाव की बात कही गई है। मौजूदा 10,000 रुपये की आवेदन फीस को बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का प्रस्ताव है।
वहीं, डिजिटल PoP के लिए आवेदन शुल्क नहीं लेने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे डिजिटल माध्यम से NPS सेवाएं उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहन मिल सकता है।
हर पेंशन स्कीम के लिए अलग डिजिटल कलेक्शन अकाउंट
जो PoP डिजिटल माध्यम से ग्राहकों को जोड़ेंगे, उन्हें प्रत्येक पेंशन स्कीम के लिए अलग Digital Collection Account रखने का प्रस्ताव है।
इसका उद्देश्य डिजिटल माध्यम से मिलने वाले ग्राहकों के योगदान और फंड के प्रबंधन में बेहतर पारदर्शिता और अलग-अलग हिसाब बनाए रखना हो सकता है।
PoP को 7 दिन में देनी होगी जानकारी
प्रस्तावित नियमों के तहत अगर किसी PoP की स्थिति, जानकारी या संरचना में ऐसा महत्वपूर्ण बदलाव होता है, जिसका उसके रजिस्ट्रेशन पर असर पड़ सकता है, तो उसे 7 दिनों के भीतर PFRDA को इसकी जानकारी देनी होगी।
इससे नियामक को PoP की स्थिति और उसके संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी समय पर मिल सकेगी।
LLP और सोसायटी भी बन सकेंगी PoP
PFRDA के प्रस्तावित बदलावों में PoP बनने के लिए पात्र संस्थाओं का दायरा बढ़ाने की बात भी कही गई है। इसके तहत LLP (Limited Liability Partnership), सोसायटी और को-ऑपरेटिव सोसायटी जैसी संस्थाओं को भी PoP बनने का अवसर मिल सकता है।
इससे NPS का नेटवर्क बैंकिंग क्षेत्र से बाहर भी फैल सकता है और देश के उन हिस्सों में पेंशन सेवाएं पहुंचाने में मदद मिल सकती है जहां अभी इनकी उपलब्धता कम है।
छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को मिल सकता है फायदा
PFRDA के प्रस्तावित बदलावों का सबसे बड़ा असर NPS की पहुंच बढ़ाने पर पड़ सकता है। अगर ज्यादा संस्थाओं को PoP बनने का मौका मिलता है और डिजिटल माध्यम को बढ़ावा मिलता है, तो छोटे शहरों, कस्बों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए NPS सेवाएं हासिल करना आसान हो सकता है।
हालांकि, ये प्रस्तावित नियम हैं। अंतिम नियम लागू होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि PoP, NPS मित्र और डिजिटल सेवाओं की व्यवस्था किस तरह काम करेगी।


