Sony Bravia TV India: महंगे टीवी की वारंटी के दौरान खराबी आने के बाद एक ग्राहक और Sony India के बीच विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा में है। ग्राहक का दावा है कि 22 महीने में टीवी पर वर्टिकल लाइन्स आने के बावजूद कंपनी ने इसे ‘External Damage’ बताते हुए वारंटी में ठीक करने से इनकार कर दिया। इसके बाद ग्राहक ने अपनी शिकायत सार्वजनिक करने के लिए एक डोमेन खरीदा। अब उसका कहना है कि कंपनी की ओर से उसे ₹5 करोड़ के नुकसान के दावे वाला कानूनी नोटिस मिला है।
नई दिल्ली: बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के सामने किसी आम ग्राहक का अपनी शिकायत को लेकर डटे रहना आसान नहीं होता। लेकिन Sony Bravia टीवी से जुड़ा एक ऐसा ही मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। मामला करीब ₹1.5 लाख के टीवी, वारंटी क्लेम और कंपनी की ओर से भेजे गए कथित लीगल नोटिस से जुड़ा है।
इस पूरे विवाद को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल कुमार नाम के यूजर ने शेयर किया, जिसके बाद मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। ग्राहक का दावा है कि उसने टीवी की खराबी को लेकर कंपनी से बार-बार समाधान मांगा, लेकिन उसे मरम्मत के बजाय कानूनी नोटिस मिला।
कैसे शुरू हुआ Sony Bravia TV का विवाद?
5 करोड़ का लीगल नोटिस सिर्फ इसलिए क्योंकि किसी ग्राहक ने सच बोल दिया।
एक बंदे ने डेढ़ लाख का Sony Bravia टीवी खरीदा था।
22वें महीने में टीवी में ग्रीन लाइनें आ गईं, वारंटी अभी बाकी थी।
कंपनी के पास गया तो बोले ये external damage है, कवर नहीं होगा।
कोई डेंट नहीं था न कोई… pic.twitter.com/SC4VMXIMdU
— Rahul Kumar (@MukAn_X) September 3, 2026 सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, ग्राहक का नाम लक्ष्मीकांत बताया जा रहा है। उन्होंने 20 सितंबर 2024 को 55-इंच Sony Bravia K-55XR70 Mini LED TV खरीदा था। इसके लिए उन्होंने करीब ₹1,50,031 का भुगतान किया था।
ग्राहक के मुताबिक, टीवी के साथ Sony की ओर से तीन साल की वारंटी दी गई थी। इसके अलावा उन्होंने Croma से करीब ₹20,789 में दो साल की एक्सटेंडेड वारंटी भी ली थी।
दावा है कि खरीदारी के करीब 22 महीने बाद टीवी की स्क्रीन पर वर्टिकल लाइन्स दिखाई देने लगीं। इसके बाद ग्राहक ने Sony के सर्विस सेंटर में शिकायत दर्ज कराई।
कंपनी ने वारंटी क्लेम क्यों खारिज किया?
ग्राहक के अनुसार, Sony का मैकेनिक टीवी की जांच करने के लिए उनके घर पहुंचा। जांच के बाद स्क्रीन की समस्या को कथित तौर पर ‘External Damage’ की श्रेणी में रखा गया।
ग्राहक का कहना है कि टीवी पर न तो कोई डेंट था और न ही कोई क्रैक। इसके बावजूद वारंटी क्लेम को स्वीकार नहीं किया गया।
ग्राहक के अनुसार, टीवी को ठीक कराने के लिए करीब ₹29,000 का खर्च बताया गया। यहीं से विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।
ग्राहक ने खरीदा SonyBravia.com डोमेन
वारंटी विवाद से नाराज होकर लक्ष्मीकांत ने कथित तौर पर SonyBravia.com डोमेन खरीदा। इसके बाद उन्होंने अपनी पूरी कहानी एक वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी।
बताया गया है कि वेबसाइट पर उन्होंने मामले की टाइमलाइन, कंपनी के साथ हुई बातचीत, सर्विस से जुड़े दस्तावेज और टीवी की तस्वीरें भी साझा कीं।
ग्राहक का कहना है कि उसका मकसद अपनी शिकायत और उससे जुड़े सबूत सार्वजनिक करना था।
फिर आया ₹5 करोड़ का लीगल नोटिस
लक्ष्मीकांत के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 को Sony India की ओर से वकीलों के माध्यम से उन्हें छह पेज का कानूनी नोटिस मिला।
उनके दावे के अनुसार, नोटिस में वेबसाइट और उससे संबंधित पोस्ट हटाने तथा बिना शर्त माफी मांगने को कहा गया। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ ₹5 करोड़ के नुकसान का मुकदमा करने की बात कही गई।
हालांकि, इस पूरे मामले में कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया क्या है और कानूनी नोटिस में वास्तव में क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए मूल दस्तावेज और Sony India का आधिकारिक पक्ष देखना जरूरी है।
ग्राहक ने माफी मांगने से किया इनकार
लक्ष्मीकांत ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्होंने कंपनी से केवल दो चीजों में से एक की मांग की है—या तो उन्हें टीवी की खराबी से जुड़ी टेस्ट रिपोर्ट दिखाई जाए या फिर टीवी को वारंटी के तहत ठीक किया जाए।
उनके मुताबिक, टीवी की तीन साल की वारंटी थी और खराबी 22वें महीने में सामने आई। उनका दावा है कि उन्होंने कंपनी से बातचीत के दौरान अपनी मांग लगातार रखी, लेकिन करीब दो महीने तक उन्हें कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला।
उनका यह भी कहना है कि पहले कंपनी की ओर से कथित तौर पर कोई कॉल या ईमेल नहीं आया और बाद में सीधे कानूनी नोटिस भेज दिया गया।
सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया
मामला X पर सामने आने के बाद यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं। कुछ लोगों ने ग्राहक के अपनी बात पर डटे रहने की सराहना की, जबकि कुछ ने बड़ी कंपनियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई की लंबी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
राहुल कुमार ने इस मामले को शेयर करते हुए लिखा कि एक आम ग्राहक कथित तौर पर अरबों डॉलर की कंपनी के खिलाफ अपनी शिकायत को लेकर खड़ा है और अभी पीछे नहीं हटा है।
वहीं, कुछ यूजर्स ने आशंका जताई कि बड़ी कंपनियों के साथ कानूनी विवाद लंबे समय तक चल सकते हैं और ऐसे मामलों में ग्राहक के लिए कानूनी खर्च और समय बड़ी चुनौती बन सकता है।
ग्राहक की मुख्य मांग क्या है?
पूरे मामले में ग्राहक की बताई गई मुख्य मांग काफी सीधी है। वह चाहता है कि Sony यह स्पष्ट करे कि टीवी की स्क्रीन की खराबी को ‘External Damage’ क्यों माना गया।
उसका कहना है कि अगर कंपनी के पास टीवी की खराबी को बाहरी नुकसान बताने की कोई तकनीकी या टेस्ट रिपोर्ट है तो उसे दिखाया जाए। अगर ऐसा नहीं है, तो टीवी को वारंटी के तहत ठीक किया जाए।
ग्राहक ने कथित तौर पर यह भी चुनौती दी है कि टीवी की किसी स्वतंत्र लैब से जांच कराई जा सकती है।
मामला क्यों है महत्वपूर्ण?
यह विवाद केवल एक टीवी की खराबी तक सीमित नहीं है। महंगे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट खरीदने वाले ग्राहकों के लिए वारंटी की शर्तें, सर्विस सेंटर की जांच और ‘External Damage’ जैसे क्लेम अक्सर महत्वपूर्ण मुद्दे होते हैं।
ऐसे मामलों में ग्राहक को खरीद की रसीद, वारंटी कार्ड, सर्विस रिपोर्ट, ईमेल और कंपनी के साथ हुई बातचीत जैसे दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए। यदि वारंटी क्लेम खारिज किया जाता है तो कंपनी से लिखित में कारण और तकनीकी रिपोर्ट मांगना भी उपयोगी हो सकता है।
फिलहाल Sony Bravia टीवी से जुड़े इस मामले में ग्राहक के दावों और सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी की चर्चा है। विवाद का अंतिम निष्कर्ष कानूनी प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही सामने आएगा।


