UltraTech Wires & Cables Business: आदित्य बिड़ला ग्रुप ने एक और बड़े सेक्टर में कदम रखने की तैयारी कर ली है। ग्रुप की प्रमुख कंपनी UltraTech Cement ने करीब ₹1,800 करोड़ के निवेश के साथ वायर्स और केबल्स कारोबार में एंट्री का ऐलान किया है। कंपनी ने इस नए कारोबार को Ultravolt नाम दिया है।
अल्ट्राटेक के इस कदम का असर शेयर बाजार में तुरंत दिखाई दिया। वायर और केबल सेक्टर की प्रमुख कंपनियों Polycab India और KEI Industries के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान KEI Industries का शेयर करीब 9% तक गिर गया, जबकि Polycab India में लगभग 6% की गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी तरफ, UltraTech Cement के शेयरों में तेजी देखने को मिली। बाजार को उम्मीद है कि नए कारोबार से कंपनी आने वाले वर्षों में अपने रेवेन्यू और EBITDA को और बढ़ा सकती है।
₹1,800 करोड़ से Ultravolt की शुरुआत
UltraTech Cement ने वायर्स और केबल्स कारोबार में उतरने के लिए Ultravolt ब्रांड लॉन्च किया है। कंपनी शुरुआती चरण में इस बिजनेस के लिए करीब ₹1,800 करोड़ का निवेश करेगी।
कंपनी का लक्ष्य इस कारोबार को बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए तेजी से देशभर में फैलाना है। UltraTech के मुताबिक, Ultravolt की पहुंच 1 लाख से ज्यादा रिटेलर्स तक बनाने की योजना है।
इसके अलावा कंपनी अपने 5,000 से अधिक UltraTech Building Solutions (UBS) आउटलेट्स का भी इस्तेमाल नए कारोबार के विस्तार के लिए करेगी।
शुरुआती नेटवर्क के तहत कंपनी 500 से ज्यादा जिलों और करीब 6,000 पिन कोड्स को कवर करने की योजना बना रही है। कंपनी के पास पहले से ही 20 से अधिक वेयरहाउस का नेटवर्क मौजूद है, जिससे नए कारोबार को लॉजिस्टिक्स के स्तर पर भी फायदा मिल सकता है।
तीन साल में चौथा नया बिजनेस
आदित्य बिड़ला ग्रुप पिछले कुछ वर्षों में अपने कारोबार का लगातार विस्तार कर रहा है। वायर और केबल्स सेक्टर में Ultravolt की एंट्री भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
ग्रुप के अनुसार, यह तीन साल में उसका चौथा नया बिजनेस है। कुमार मंगलम बिड़ला का मानना है कि भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरीकरण और बिजली की बढ़ती मांग के कारण वायर और केबल इंडस्ट्री के लिए लंबी अवधि में बड़े अवसर मौजूद हैं।
कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि वायर्स और केबल्स भारत के विकास के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह सेक्टर देश में शहरीकरण, विद्युतीकरण और डिजिटलीकरण जैसे बड़े ट्रेंड्स से सीधे जुड़ा हुआ है।
Polycab और KEI Industries पर क्यों बढ़ी चिंता?
UltraTech की एंट्री को लेकर निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक बड़ी और मजबूत कंपनी के आने से वायर और केबल बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
इस सेक्टर में पहले से Polycab India, KEI Industries और Havells India जैसी स्थापित कंपनियां मौजूद हैं। UltraTech के पास बड़ा ब्रांड, मजबूत डीलर नेटवर्क और निर्माण क्षेत्र में पहले से मौजूद ग्राहक आधार है।
ऐसे में बाजार को आशंका है कि कंपनी अपने मौजूदा नेटवर्क का इस्तेमाल वायर और केबल उत्पादों को तेजी से बाजार में पहुंचाने के लिए कर सकती है।
यही वजह है कि UltraTech की घोषणा के बाद मौजूदा कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
KEI Industries का शेयर 9% तक गिरा
UltraTech की घोषणा के बाद KEI Industries के शेयर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। NSE पर कंपनी का शेयर करीब 9% गिरकर ₹4,848.50 के आसपास पहुंच गया।
वहीं Polycab India का शेयर भी करीब 6% टूटकर ₹8,300 के आसपास आ गया।
इसके उलट UltraTech Cement के शेयरों में तेजी रही। BSE पर पिछले कारोबारी सत्र में ₹11,223.45 पर बंद हुआ शेयर कारोबार के दौरान करीब ₹11,438.80 तक पहुंच गया।
इससे साफ है कि बाजार ने UltraTech की नई कारोबारी पहल को उसके लिए सकारात्मक, लेकिन मौजूदा वायर-केबल कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक चुनौती के तौर पर देखा।
ब्रोकरेज ने क्या कहा?
UltraTech की वायर और केबल कारोबार में एंट्री के बाद ब्रोकरेज फर्मों ने भी इस कदम का आकलन शुरू कर दिया है।
Nuvama Institutional Equities के मुताबिक, UltraTech की आक्रामक एंट्री से मौजूदा वायर और केबल कंपनियों पर निकट अवधि में दबाव पड़ सकता है। खासतौर पर बाजार हिस्सेदारी और मार्जिन को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, दूसरी तरफ Jefferies का मानना है कि नए कारोबार से UltraTech को लंबी अवधि में फायदा हो सकता है। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, वायर और केबल कारोबार FY30 तक UltraTech के रेवेन्यू और EBITDA में करीब 3-7% का योगदान कर सकता है।
Jefferies ने UltraTech Cement के शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹14,065 का टारगेट प्राइस दिया है।
वहीं Motilal Oswal ने भी UltraTech Cement पर Buy रेटिंग दी है और शेयर के लिए ₹13,800 का टारगेट प्राइस तय किया है।
UltraTech को क्या फायदा हो सकता है?
वायर और केबल कारोबार में UltraTech के लिए सबसे बड़ा फायदा उसका मौजूदा वितरण नेटवर्क और निर्माण क्षेत्र में मजबूत ब्रांड हो सकता है।
सीमेंट कारोबार के जरिए कंपनी पहले से ही देशभर में बिल्डर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स, डीलर्स और रिटेलर्स के बड़े नेटवर्क से जुड़ी हुई है। ऐसे में वायर और केबल उत्पादों को इसी इकोसिस्टम के जरिए आगे बढ़ाने की क्षमता कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
इसके अलावा भारत में बिजली की खपत बढ़ने, नए घरों के निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, डेटा सेंटर और डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में विस्तार से वायर और केबल की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
UltraTech की एंट्री से वायर और केबल इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा का स्तर बढ़ना तय माना जा रहा है। स्थापित कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वे अपनी बाजार हिस्सेदारी और प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती हैं।
हालांकि, सिर्फ एक कारोबारी घोषणा के आधार पर किसी शेयर के लंबी अवधि के प्रदर्शन का अनुमान लगाना सही नहीं होगा। निवेशकों को कंपनियों की वैल्यूएशन, मार्जिन, बाजार हिस्सेदारी, ऑर्डर बुक और भविष्य की ग्रोथ को भी ध्यान में रखना चाहिए।
फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि Ultravolt कितनी तेजी से अपना नेटवर्क तैयार करता है और मौजूदा दिग्गज कंपनियों के मुकाबले कितनी बाजार हिस्सेदारी हासिल कर पाता है।


