नई दिल्ली: टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट (Trent) के चेयरमैन नोएल टाटा ने कंपनी की 74वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में एक भावुक घोषणा करते हुए कहा कि चेयरमैन के रूप में यह उनकी आखिरी सालाना बैठक होगी। इस घोषणा के साथ ही ट्रेंट के उस स्वर्णिम दौर का समापन होने जा रहा है, जिसमें कंपनी ने भारतीय रिटेल सेक्टर में अभूतपूर्व सफलता हासिल की और Westside तथा Zudio जैसे ब्रांड देश के करोड़ों ग्राहकों की पहली पसंद बन गए।
16 साल के सफल नेतृत्व का होगा अंत
नोएल टाटा 19 अगस्त 2010 को ट्रेंट के बोर्ड में डायरेक्टर के रूप में शामिल हुए थे। उनके नेतृत्व में कंपनी ने एक साधारण फैशन रिटेलर से देश की सबसे तेजी से बढ़ती लाइफस्टाइल कंपनियों में जगह बनाई। AGM में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए 69 वर्षीय नोएल टाटा ने कहा,
“जैसा कि आप जानते हैं, चेयरमैन के तौर पर यह मेरी आखिरी सालाना बैठक होगी।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब नवंबर में उनके 70 वर्ष पूरे होने के बाद टाटा समूह के बोर्ड से उनकी योजनाबद्ध रिटायरमेंट की चर्चा तेज है। हालांकि वे अभी भी टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन बने रहेंगे, जो टाटा संस के सबसे बड़े शेयरधारक हैं।
ट्रेंट को बनाया सबसे मूल्यवान कंज्यूमर बिजनेस
नोएल टाटा के नेतृत्व में ट्रेंट ने शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया। वित्त वर्ष 2014 में कंपनी का राजस्व करीब 2,333 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026 तक बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया।
कंपनी ने सिर्फ बिक्री ही नहीं बढ़ाई बल्कि घाटे से निकलकर भारतीय रिटेल उद्योग की सबसे लाभदायक कंपनियों में भी अपनी जगह बनाई। वित्त वर्ष 2026 में ट्रेंट का कुल राजस्व 20,007 करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि टैक्स से पहले का मुनाफा 2,259 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
321 शहरों तक पहुंचा ट्रेंट का नेटवर्क
नोएल टाटा के कार्यकाल में ट्रेंट का विस्तार रिकॉर्ड स्तर पर हुआ।
मुख्य उपलब्धियां:
- 79 नए शहरों में कारोबार का विस्तार।
- 289 नए स्टोर की शुरुआत।
- 321 शहरों में कुल 1,286 स्टोर का नेटवर्क।
- 12 करोड़ से अधिक ग्राहकों तक पहुंच।
आज ट्रेंट भारत के सबसे बड़े फैशन और लाइफस्टाइल रिटेल नेटवर्क में शामिल हो चुका है।
मां सिमोन टाटा ने रखी थी नींव
नोएल टाटा ने AGM में कंपनी की शुरुआत को भी याद किया। उन्होंने बताया कि ट्रेंट की नींव उनकी मां सिमोन टाटा ने रखी थी। लैक्मे बिजनेस को हिंदुस्तान यूनिलीवर को बेचने के बाद उन्होंने फैशन रिटेल में कदम रखा।
ट्रेंट का पहला Westside स्टोर वर्ष 1998 में बेंगलुरु के कमर्शियल स्ट्रीट पर शुरू हुआ था। वहीं से कंपनी के सफर की शुरुआत हुई, जो आज पूरे देश में फैले विशाल नेटवर्क तक पहुंच चुकी है।
Zudio ने बदल दी ट्रेंट की किस्मत
यदि Westside ने ट्रेंट को पहचान दिलाई, तो Zudio ने कंपनी की ग्रोथ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
साल 2016 में पुरुषों के किफायती फैशन ब्रांड के रूप में शुरू हुआ Zudio धीरे-धीरे महिलाओं, बच्चों और फैशन एक्सेसरीज तक फैल गया। भारतीय मिडिल क्लास को कम कीमत में ट्रेंडी फैशन उपलब्ध कराने की रणनीति इतनी सफल रही कि आज Zudio स्टोर की संख्या और बिक्री दोनों के मामले में Westside से आगे निकल चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Zudio की सफलता के पीछे ट्रेंट की मजबूत सप्लाई चेन, निजी ब्रांड (Private Labels) और लागत नियंत्रण की रणनीति रही है।
भविष्य के लिए मजबूत आधार
नोएल टाटा ने अपने संबोधन में कहा कि ट्रेंट की सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने भरोसा जताया कि कंपनी आने वाले वर्षों में भी इसी गति से आगे बढ़ेगी और भारतीय रिटेल सेक्टर में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखेगी।
ट्रेंट आज केवल एक फैशन रिटेल कंपनी नहीं बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती पसंद और किफायती फैशन की पहचान बन चुकी है। नोएल टाटा की विदाई के साथ एक सफल अध्याय समाप्त होगा, लेकिन उनके नेतृत्व में तैयार किया गया मजबूत बिजनेस मॉडल आने वाले वर्षों में भी कंपनी की विकास यात्रा को गति देता रहेगा.


