Adani Power: अदाणी ग्रुप की बिजली कंपनी अदाणी पावर ने GVK Energy के अधिग्रहण की दिशा में एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। GVK Energy के लेनदारों की समिति (CoC) ने कंपनी के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है। इसके बाद Adani Power को लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) भी जारी कर दिया गया है। इस डील के पूरा होने पर अदाणी पावर के पावर पोर्टफोलियो में उत्तराखंड का 330 MW का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट शामिल हो जाएगा।
Adani Power का शेयर सोमवार, 7 सितंबर को NSE पर 1.31% की गिरावट के साथ ₹204.49 पर बंद हुआ। हालांकि, लंबी अवधि में शेयर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है।
GVK Energy के अधिग्रहण में बड़ा अपडेट
Adani Power ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि GVK Energy के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने 7 सितंबर 2026 को Letter of Intent (LOI) जारी किया है। यह कदम कंपनी के रिजॉल्यूशन प्लान को CoC से मंजूरी मिलने के बाद उठाया गया है।
यह पूरा अधिग्रहण Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) के तहत किया जा रहा है। CIRP की प्रक्रिया Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) के प्रावधानों के तहत चलती है।
330 MW का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट मिलेगा
GVK Energy के अधिग्रहण की सबसे बड़ी खासियत इसका हाइड्रो पावर एसेट है। कंपनी के पास उत्तराखंड में 330 MW क्षमता का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट है।
यह प्रोजेक्ट GVK Energy की सब्सिडियरी Alaknanda Hydro Power Company के जरिए संचालित किया जाता है। अधिग्रहण पूरा होने के बाद यह प्रोजेक्ट Adani Power के पावर पोर्टफोलियो का हिस्सा बन सकता है।
हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट मिलने से अदाणी पावर को अपने मौजूदा थर्मल पावर पोर्टफोलियो के साथ रिन्यूएबल और हाइड्रो एनर्जी क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
Adani Power खरीदेगी 100% हिस्सेदारी
Adani Power ने GVK Energy की 100% शेयर कैपिटल और कंट्रोल हासिल करने के लिए रिजॉल्यूशन प्लान पेश किया है।
इस प्रस्ताव को लेकर Competition Commission of India (CCI) की मंजूरी भी मई 2026 में मिल चुकी है। हालांकि, अधिग्रहण को अंतिम रूप देने के लिए अभी कुछ अन्य नियामकीय और कानूनी मंजूरियां जरूरी हैं।
अभी पूरी नहीं हुई है डील
LOI मिलना अधिग्रहण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि GVK Energy का अधिग्रहण पूरी तरह पूरा हो गया है।
Adani Power के मुताबिक, रिजॉल्यूशन प्लान को लागू करने के लिए आगे की आवश्यक शर्तों और मंजूरियों को पूरा करना होगा। इसमें हैदराबाद स्थित National Company Law Tribunal (NCLT) की मंजूरी भी शामिल है।
इसके अलावा, जरूरत के अनुसार अन्य रेगुलेटरी अथॉरिटीज, कोर्ट या ट्रिब्यूनल से भी मंजूरी लेनी पड़ सकती है। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही डील को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।
Adani Power Share Price: शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा?
अधिग्रहण की खबर के बीच Adani Power के शेयर में सोमवार को कमजोरी देखने को मिली। 7 सितंबर को NSE पर शेयर ₹204.49 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 1.31% नीचे रहा।
हालांकि, पिछले कुछ महीनों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो शेयर ने मजबूत रिटर्न दिया है।
- 7 सितंबर का बंद भाव: ₹204.49
- एक दिन का बदलाव: -1.31%
- 6 महीने का रिटर्न: 46.93%
- 1 साल का रिटर्न: 61.24%
- मार्केट कैप: करीब ₹78,970 करोड़
इससे साफ है कि हालिया गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में Adani Power के शेयर ने मजबूत प्रदर्शन किया है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
GVK Energy का अधिग्रहण Adani Power के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। कंपनी को इससे उत्तराखंड में 330 MW का हाइड्रो पावर एसेट मिलेगा और उसके पावर पोर्टफोलियो में विविधता आएगी।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि LOI जारी होना अधिग्रहण पूरा होने के बराबर नहीं है। अंतिम डील के लिए NCLT और अन्य जरूरी मंजूरियां हासिल करना अभी बाकी है। इसलिए इस खबर के आधार पर किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन, कर्ज और अधिग्रहण से जुड़े अंतिम विवरणों का आकलन करना जरूरी है।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश संबंधी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी वित्तीय उत्पाद या सेवा में निवेश की सिफारिश नहीं करता।


