Who is IAS Sanjeev Khirwar: दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में अपने पालतू कुत्ते को टहलाने को लेकर साल 2022 में विवादों में आए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव खिरवार एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उस समय विवाद बढ़ने के बाद उन्हें दिल्ली से लद्दाख ट्रांसफर कर दिया गया था। करीब चार साल बाद जनवरी 2026 में दिल्ली लौटे खिरवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) का कमिश्नर बनाया गया।
अब दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद एक बार फिर उनकी भूमिका और एमसीडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हादसे के बाद छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए एमसीडी पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और संजीव खिरवार के इस्तीफे की मांग की है।
लेकिन आखिर IAS संजीव खिरवार कौन हैं? उनका प्रशासनिक करियर कैसा रहा है और 2022 में ऐसा क्या हुआ था कि उनका ट्रांसफर लद्दाख कर दिया गया था? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
कौन हैं IAS संजीव खिरवार?
संजीव खिरवार 1994 बैच के AGMUT कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। AGMUT कैडर में अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेशों का कैडर शामिल है।
खिरवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी खास है। उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियरिंग में B.Tech की पढ़ाई की है। इसके अलावा उनके पास इकोनॉमिक्स में मास्टर डिग्री भी है।
आईएएस बनने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। उनके करियर में दिल्ली सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार से जुड़ी महत्वपूर्ण पोस्टिंग भी शामिल रही हैं। प्रशासनिक अनुभव के चलते उन्हें वरिष्ठ स्तर की जिम्मेदारियां मिलती रही हैं।
2022 में क्यों हुआ था ‘डॉग-वॉकिंग’ विवाद?
संजीव खिरवार को देशभर में पहचान साल 2022 में मिली, जब दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, स्टेडियम में ट्रेनिंग करने वाले खिलाड़ियों और कोचों ने आरोप लगाया था कि उन्हें शाम करीब 7 बजे तक अपनी प्रैक्टिस खत्म करके स्टेडियम खाली करना पड़ता था। आरोप था कि इसके बाद आईएएस अधिकारी संजीव खिरवार वहां अपने पालतू कुत्ते को टहलाने के लिए आते थे।
इस मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा क्योंकि खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग के लिए उपलब्ध समय कम होने की शिकायत की थी। हालांकि, स्टेडियम प्रशासन की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया था। प्रशासन का कहना था कि शाम 7 बजे स्टेडियम बंद होने का निर्धारित समय था।
मामला मीडिया में आने के बाद केंद्र सरकार ने इस पर संज्ञान लिया और संजीव खिरवार का दिल्ली से लद्दाख ट्रांसफर कर दिया गया। उनकी पत्नी रिंकू दुग्गा का भी ट्रांसफर अरुणाचल प्रदेश किया गया था।
इस घटना के बाद संजीव खिरवार का नाम देशभर में ‘डॉग-वॉकिंग विवाद’ से जुड़ गया।
लद्दाख में पोस्टिंग के बाद फिर दिल्ली लौटे
2022 के विवाद के बाद संजीव खिरवार ने लद्दाख में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद जनवरी 2026 में उन्हें फिर दिल्ली लाया गया।
दिल्ली लौटने के बाद उन्हें दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने अश्वनी कुमार के बाद यह पद संभाला।
MCD कमिश्नर के तौर पर उनकी जिम्मेदारी दिल्ली में नागरिक सुविधाओं, साफ-सफाई, बिल्डिंग नियमों, अवैध निर्माण और नगर निगम से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कामों की निगरानी से जुड़ी है।
लेकिन दिल्ली वापसी के कुछ ही महीनों बाद सत्य निकेतन का हादसा उनके लिए नया विवाद लेकर आया।
सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से मचा हड़कंप
दक्षिण दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां बड़ी संख्या में छात्र पीजी, हॉस्टल और किराये के कमरों में रहते हैं।
इसी इलाके में एक पांच मंजिला इमारत के गिरने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और अवैध निर्माण को लेकर सवाल उठने लगे। हादसे ने इलाके में मौजूद पुरानी और कमजोर इमारतों के साथ-साथ बिल्डिंग नियमों के पालन पर भी बहस छेड़ दी।
हादसे के बाद छात्र संगठनों ने एमसीडी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इलाके में अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों को लेकर समय रहते पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।
इसी वजह से प्रदर्शनकारियों ने MCD कमिश्नर संजीव खिरवार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
एमसीडी कमिश्नर ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद एमसीडी की ओर से अपने स्तर पर की गई कार्रवाई का हवाला दिया गया। संजीव खिरवार ने नगर निगम की कार्यप्रणाली का बचाव करते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया गया है।
एमसीडी के मुताबिक, इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में अवैध इमारतों को सील करने और ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है।
ऐसे में अब सवाल यह है कि सत्य निकेतन हादसे में जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है और क्या किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक बार फिर चर्चा के केंद्र में संजीव खिरवार
संजीव खिरवार का प्रशासनिक करियर काफी लंबा रहा है, लेकिन 2022 का त्यागराज स्टेडियम विवाद उनके नाम के साथ आज भी जुड़ा हुआ है।
उस घटना के करीब चार साल बाद दिल्ली में MCD कमिश्नर की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब सत्य निकेतन हादसे ने उन्हें फिर सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
फिलहाल पूरा मामला इस बात पर निर्भर करेगा कि सत्य निकेतन हादसे की जांच में इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या सामने आती है, निर्माण नियमों का कितना पालन हुआ था और संबंधित विभागों की ओर से पहले कोई कार्रवाई की गई थी या नहीं।
यानी 1994 बैच के इस वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के लिए दिल्ली में नई जिम्मेदारी का सफर एक बार फिर विवादों से घिर गया है।


