Nepal Flash Flood: पड़ोसी देश नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भोटेकोशी नदी के उफान के बीच फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने का अभियान तेज कर दिया गया है। इस बीच भारतीय नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी 21 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और उन्हें नेपाल के बाढ़ प्रभावित टिमुरे क्षेत्र से बाहर निकाल लिया गया है।
यह खबर ऐसे समय में आई है जब नेपाल के कई हिस्सों में बाढ़ और अचानक आई फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई इलाकों में सड़क और संपर्क मार्ग बाधित होने के कारण लोगों तक राहत पहुंचाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
21 भारतीय नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे तमिलनाडु के 21 नागरिक बाढ़ प्रभावित इलाके में फंस गए थे। राहत और बचाव अभियान के तहत इन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर इस रेस्क्यू की जानकारी साझा करते हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपडेट दिया। उनके मुताबिक, सभी 21 लोग सुरक्षित हैं।
रेस्क्यू की यह खबर उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जो नेपाल में बिगड़े हालात के बीच अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।
रेस्क्यू किए गए 21 लोगों की पूरी लिस्ट कहां देखें?
रणधीर जायसवाल ने अपने एक्स पोस्ट में रेस्क्यू किए गए भारतीय नागरिकों से संबंधित जानकारी भी साझा की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पूरी सूची उनके आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में देखी जा सकती है।
हालांकि, यहां उपलब्ध मूल जानकारी में उन 21 नागरिकों के नाम अलग-अलग दर्ज नहीं हैं, इसलिए बिना आधिकारिक सूची की पुष्टि के किसी नाम को जोड़ना उचित नहीं होगा।
नेपाल में 288 भारतीयों के लापता होने की खबर
21 भारतीय नागरिकों के सुरक्षित रेस्क्यू की खबर निश्चित तौर पर राहत देने वाली है, लेकिन नेपाल में भारतीय नागरिकों को लेकर स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद करीब 288 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। इनमें नेपाल घूमने गए पर्यटकों के अलावा अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले भारतीय कर्मचारी भी शामिल बताए गए हैं।
इनमें त्रिशूली वन पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 73 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इन कर्मचारियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास लगातार संबंधित अधिकारियों और परियोजना प्रबंधन के संपर्क में है।
भारतीय दूतावास की ओर से स्थानीय प्रशासन और संबंधित परियोजना के अधिकारियों के साथ समन्वय कर लापता नागरिकों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
तिब्बत में भी करीब 200 भारतीयों ने मांगी मदद
नेपाल के अलावा तिब्बत सीमा क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भी भारत सरकार सक्रिय है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, तिब्बत क्षेत्र में मौजूद करीब 200 भारतीय नागरिकों ने सहायता के लिए भारत सरकार से संपर्क किया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े यात्रियों के लिए नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में मौजूदा परिस्थितियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। खराब मौसम, बाढ़ और प्रभावित मार्गों के कारण यात्रियों की आवाजाही पर असर पड़ा है।
भारत सरकार की ओर से इन नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षित निकासी के लिए संबंधित पक्षों के साथ संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
नेपाल की मदद के लिए भारत तैयार
विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि मुश्किल की इस घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है। भारत ने नेपाल की जरूरतों के अनुसार हर संभव सहायता और मानवीय राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तत्परता जताई है।
भारत और नेपाल के बीच भौगोलिक और मानवीय संबंधों को देखते हुए आपदा की इस स्थिति में दोनों देशों के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। भारतीय अधिकारी नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और जरूरत के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के प्रयास में लगे हैं।
भोटेकोशी नदी की बाढ़ से भारी तबाही
नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ का असर विशेष रूप से तीन जिलों में देखने को मिला है। अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ के बाद कई स्थानों पर संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे राहत एवं बचाव टीमों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नेपाली सेना, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियां लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
मौतों का आंकड़ा 270 तक पहुंचा
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने बड़े स्तर पर जान-माल का नुकसान किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में मौतों का आंकड़ा 270 तक पहुंच गया है।
इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है। राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं और लापता लोगों को खोजने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी हैं।
भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन और दूतावास की भूमिका अहम
नेपाल में फंसे या लापता भारतीय नागरिकों के परिजनों के लिए इस समय भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से मिलने वाली जानकारी सबसे महत्वपूर्ण है। स्थानीय परिस्थितियों के लगातार बदलने के कारण रेस्क्यू और लापता लोगों की संख्या से जुड़ी जानकारी में भी बदलाव हो सकता है।
ऐसे में यात्रियों और उनके परिवारों को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट सूचनाओं के बजाय विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
फिलहाल 21 तमिलनाडु के भारतीय नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू नेपाल में जारी बचाव अभियान के बीच एक बड़ी राहत है। वहीं, त्रिशूली परियोजना के 73 कर्मचारियों समेत अन्य लापता भारतीयों की जानकारी जुटाने और तिब्बत में फंसे करीब 200 भारतीयों की मदद के प्रयास भी जारी हैं।
Disclaimer: नेपाल बाढ़ और भारतीय नागरिकों के रेस्क्यू से जुड़े आंकड़े राहत एवं बचाव अभियान के दौरान बदल सकते हैं। किसी व्यक्ति के नाम या स्थिति की पुष्टि के लिए विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास की आधिकारिक जानकारी को प्राथमिक स्रोत माना जाना चाहिए।


