दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Meta ने एक बार फिर AI टैलेंट की दौड़ में बड़ा दांव खेलते हुए Joshua Gross को अपनी इंजीनियरिंग लीडरशिप टीम में शामिल कर लिया है। Gross पहले Thinking Machines Lab के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे—यह वही स्टार्टअप है जिसे Mira Murati ने OpenAI छोड़ने के बाद शुरू किया था।
यह सिर्फ एक हायरिंग नहीं है—यह तेजी से बढ़ रही “AI टैलेंट वॉर” का हिस्सा है, जहां बड़ी टेक कंपनियां उभरते स्टार्टअप्स से टॉप इंजीनियर्स को अपने साथ जोड़ रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
Joshua Gross ने मार्च 2026 में Meta जॉइन किया और अब वह कंपनी की इंजीनियरिंग लीडरशिप टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले वह Thinking Machines Lab में founding technical staff में थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Gross इस स्टार्टअप को छोड़ने वाले पांचवें founding member हैं—जो अपने आप में एक बड़ा संकेत है कि कंपनी के अंदर बड़े बदलाव हो रहे हैं।
Mira Murati की कंपनी: तेजी से उभरा लेकिन अब दबाव में?
Thinking Machines Lab की शुरुआत फरवरी 2025 में हुई थी और इसे AI इंडस्ट्री में एक “next-gen” स्टार्टअप माना जा रहा था।
इस स्टार्टअप की कुछ बड़ी खास बातें:
- फाउंडर: Mira Murati (पूर्व CTO, OpenAI)
- फंडिंग: $2 बिलियन (a16Z के नेतृत्व में)
- वैल्यूएशन: $12 बिलियन
- प्रोडक्ट: “Tinker” — एक flexible AI API
कंपनी ने बहुत कम समय में लगभग 130 कर्मचारियों की टीम बना ली थी, जो इसकी तेजी से ग्रोथ को दिखाता है।
लगातार हो रहे बड़े एग्जिट: क्या चिंता की बात?
हाल के महीनों में Thinking Machines Lab से कई बड़े नाम बाहर गए हैं:
- CTO Barret Zoph → OpenAI
- साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट Jolene Parish → OpenAI
- को-फाउंडर Andrew Tulloch → Meta
- अब Joshua Gross → Meta
इतने कम समय में founding team के कई मेंबर्स का निकलना किसी भी स्टार्टअप के लिए चिंता का विषय माना जाता है।
Meta और OpenAI क्यों कर रहे हैं आक्रामक हायरिंग?
AI सेक्टर में इस समय जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है। Meta, OpenAI और अन्य टेक दिग्गज “AGI” (Artificial General Intelligence) की दौड़ में आगे निकलना चाहते हैं।
इसके लिए सबसे जरूरी है:
- टॉप AI इंजीनियर्स
- रिसर्च साइंटिस्ट्स
- प्रोडक्ट इनोवेटर्स
यही वजह है कि बड़ी कंपनियां स्टार्टअप्स से टैलेंट “poach” कर रही हैं—क्योंकि वहां पहले से ही cutting-edge काम हो रहा होता है।
“Tinker” क्या है और क्यों अहम है?
Thinking Machines Lab का पहला प्रोडक्ट “Tinker” एक flexible API है, जो डेवलपर्स को अपने हिसाब से AI मॉडल को fine-tune करने की सुविधा देता है।
आज के AI इकोसिस्टम में APIs का बहुत बड़ा रोल है—जैसे:
- कस्टम AI ऐप बनाना
- बिजनेस ऑटोमेशन
- कोडिंग टूल्स
इसलिए Tinker जैसे प्रोडक्ट्स को भविष्य के AI प्लेटफॉर्म की नींव माना जा रहा है।
बड़ी तस्वीर: क्या हो रहा है AI इंडस्ट्री में?
यह पूरा मामला सिर्फ एक कंपनी या एक हायरिंग तक सीमित नहीं है। यह एक बड़े ट्रेंड की ओर इशारा करता है:
- AI इंडस्ट्री में “Talent is the new currency”
- स्टार्टअप्स innovation ला रहे हैं, लेकिन Big Tech उन्हें absorb कर रही है
- Funding high है, लेकिन stability एक चुनौती बनी हुई है
क्या Thinking Machines Lab के लिए खतरे की घंटी?
हालांकि Thinking Machines Lab अभी भी मजबूत फंडिंग और बड़े नामों के साथ खड़ा है, लेकिन लगातार टैलेंट लॉस से कुछ सवाल जरूर खड़े होते हैं:
- क्या कंपनी अपनी टीम को बनाए रख पाएगी?
- क्या प्रोडक्ट रोडमैप प्रभावित होगा?
- क्या निवेशकों का भरोसा डगमगाएगा?
हालांकि, कंपनी ने Soumith Chintala (CTO) और Neal Wu जैसे बड़े नामों को भी जोड़ा है, जो इसे संतुलित कर सकते हैं।
निष्कर्ष: AI की दौड़ अब और तेज
Meta द्वारा Joshua Gross की हायरिंग यह दिखाती है कि AI सेक्टर में प्रतिस्पर्धा अब नए स्तर पर पहुंच चुकी है।
जहां एक तरफ स्टार्टअप्स नए आइडियाज और इनोवेशन ला रहे हैं, वहीं बड़ी कंपनियां उन्हें तेजी से अपने इकोसिस्टम में शामिल कर रही हैं।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि:
- क्या स्टार्टअप्स इस दबाव को झेल पाएंगे
- या फिर Big Tech AI इंडस्ट्री पर पूरी तरह हावी हो जाएगी
एक बात साफ है—AI का भविष्य सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि टैलेंट की इस लड़ाई से तय होगा।
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