Market Cues Today: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव लगातार बना हुआ है। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोरी के साथ बंद हुआ और अब यह अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। तकनीकी संकेतक भी फिलहाल बाजार में कमजोरी के रुझान की पुष्टि कर रहे हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर आज 23,800 के अहम सपोर्ट लेवल पर रहेगी।
हाईलाइट्स
- निफ्टी लगातार चौथे दिन दबाव में, 0.53% की गिरावट
- 23,800 का सपोर्ट बेहद अहम, टूटने पर 23,500 तक गिरावट संभव
- इंडिया VIX बढ़कर 13.47 पर, बाजार में बढ़ी घबराहट
- FIIs ने लगातार दूसरे दिन करीब ₹3,000 करोड़ की बिकवाली की
- DIIs ने ₹2,947 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया
23,800 का सपोर्ट टूटा तो बढ़ सकती है गिरावट
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी फिलहाल एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर पर पहुंच चुका है। यदि इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट के नीचे फिसलता है तो अगला सपोर्ट 23,650-23,600 के जोन में दिखाई देगा। यदि यह स्तर भी नहीं टिकता तो निफ्टी 23,500 तक गिर सकता है, जो अगला मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
वहीं, यदि बाजार में रिकवरी आती है तो 24,000-24,100 का दायरा फिलहाल मजबूत रेजिस्टेंस बना रहेगा। इस स्तर के ऊपर टिकने पर ही बाजार में दोबारा मजबूती के संकेत मिल सकते हैं।
निफ्टी के लिए आज के सपोर्ट और रेजिस्टेंस
Pivot Point आधारित सपोर्ट
- पहला सपोर्ट: 23,819
- दूसरा सपोर्ट: 23,776
- तीसरा सपोर्ट: 23,706
Pivot Point आधारित रेजिस्टेंस
- पहला रेजिस्टेंस: 23,959
- दूसरा रेजिस्टेंस: 24,003
- तीसरा रेजिस्टेंस: 24,073
टेक्निकल चार्ट क्या कह रहे हैं?
डेली चार्ट पर निफ्टी ने दोनों तरफ लंबी शैडो वाली छोटी बॉडी की बेयरिश हाई-वेव कैंडल बनाई है। यह बाजार में अनिश्चितता और बिकवाली के दबाव को दर्शाती है। इसके साथ ही इंडेक्स अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल बाजार पर मंदड़ियों की पकड़ मजबूत होती जा रही है।
निफ्टी जून के निचले स्तर से जुलाई की ऊंचाई तक की रैली के 50% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के करीब पहुंच गया है। तकनीकी विश्लेषण में इसे मजबूत सपोर्ट माना जाता है।
RSI और MACD भी दे रहे कमजोरी के संकेत
- RSI गिरकर 45.36 पर पहुंच गया है, जो कमजोर मोमेंटम को दर्शाता है।
- MACD जीरो लाइन के नीचे और फिसल गया है तथा रेड हिस्टोग्राम लगातार बढ़ रहे हैं।
ये दोनों संकेतक फिलहाल बाजार में कमजोरी और बिकवाली के दबाव की पुष्टि कर रहे हैं।
बैंक निफ्टी भी दबाव में
बैंक निफ्टी भी गैप-डाउन ओपनिंग के बाद 0.94% की गिरावट के साथ बंद हुआ। इंडेक्स ने दोनों तरफ विक्स वाली बेयरिश कैंडल बनाई, जो ऊंचे उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का संकेत है।
यह इंडेक्स अब 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के EMA से नीचे कारोबार कर रहा है। हालांकि, दिन के दौरान यह 200-दिन EMA के नीचे गया था लेकिन अंत में उसके ऊपर बंद होने में सफल रहा, जिससे यह स्तर फिलहाल मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।
बैंक निफ्टी सपोर्ट और रेजिस्टेंस
Pivot आधारित रेजिस्टेंस
- 56,844
- 56,975
- 57,188
Pivot आधारित सपोर्ट
- 56,420
- 56,289
- 56,077
फाइबोनैचि रेजिस्टेंस
- 57,253
- 59,247
फाइबोनैचि सपोर्ट
- 56,441
- 55,742
FIIs और DIIs की गतिविधि
23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बिकवाली जारी रखी और लगभग ₹3,000 करोड़ के शेयर बेचे।
दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने दो दिन की बिकवाली के बाद वापसी करते हुए करीब ₹2,947 करोड़ की खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला।
इंडिया VIX बढ़ा, लेकिन अभी पैनिक नहीं
बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 1.37% बढ़कर 13.47 पर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि निवेशकों की चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन फिलहाल बाजार में घबराहट का स्तर नियंत्रण में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक VIX 15 के नीचे बना रहता है, तब तक इसे गंभीर पैनिक की स्थिति नहीं माना जाएगा। यदि यह लगातार 15 से ऊपर टिकता है तो बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
पुट-कॉल रेशियो क्या बता रहा है?
23 जुलाई को निफ्टी का Put-Call Ratio (PCR) घटकर 0.80 रह गया, जो पिछले सत्र में 0.84 था।
- 1 या उससे ऊपर का PCR आमतौर पर तेजी की भावना दर्शाता है।
- 0.7 से नीचे जाने पर बाजार में मंदी की धारणा मजबूत मानी जाती है।
फिलहाल 0.80 का स्तर बताता है कि बाजार में सतर्कता बनी हुई है, लेकिन निवेशकों का भरोसा पूरी तरह नहीं टूटा है।
F&O बैन सूची
नए शामिल स्टॉक
- कोई नहीं
पहले से प्रतिबंधित स्टॉक
- कोई नहीं
प्रतिबंध से हटाया गया स्टॉक
- केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
निष्कर्ष
मिडिल ईस्ट तनाव, महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। तकनीकी संकेतक फिलहाल कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं और 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट बन गया है। यदि यह स्तर टूटता है तो 23,650-23,600 और उसके बाद 23,500 तक गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं, रिकवरी के लिए 24,000-24,100 के ऊपर टिकना जरूरी होगा।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश या ट्रेडिंग निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


