Lift Karadey Shoot: अदनान सामी का ‘लिफ्ट करा दे’ आज भी 2000 के दशक के सबसे यादगार पॉप गानों में गिना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने के म्यूजिक वीडियो के लिए शुरुआत में एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया था? खुद अदनान सामी ने बताया कि गोविंदा भी बिना रिहर्सल और बिना कॉस्ट्यूम बदले इस वीडियो का हिस्सा बन गए थे।
Lift Karadey Shoot: अदनान सामी का गाना ‘लिफ्ट करा दे’ आज भी उन पॉप सॉन्ग्स में शामिल है, जिन्हें सुनते ही 2000 के दशक की यादें ताजा हो जाती हैं। गाने की मस्ती, अदनान सामी की आवाज और म्यूजिक वीडियो में गोविंदा की मौजूदगी ने इसे खास बना दिया था। हालांकि, इस गाने के पीछे की कहानी उतनी ही दिलचस्प है, जितना इसका वीडियो।
दरअसल, जब अदनान सामी ने इस गाने का आइडिया अपनी म्यूजिक कंपनी के सामने रखा था, तब उन्हें बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि इसे इतनी आसानी से मंजूरी मिल जाएगी। उनके म्यूजिक लेबल मैग्नासाउंड को यह गाना पसंद नहीं आया था। कंपनी का मानना था कि अदनान सामी को अपने पिछले सफल और रोमांटिक गानों जैसी ही इमेज बरकरार रखनी चाहिए।
‘लिफ्ट करा दे’ को लेकर लेबल को क्यों थी आपत्ति?
अदनान सामी ने हाल ही में Zoom को दिए एक इंटरव्यू में ‘लिफ्ट करा दे’ से जुड़ी यह कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उस समय उनके दो गाने ‘कभी तो नजर मिलाओ’ और ‘बरसात’ काफी लोकप्रिय हो चुके थे। ऐसे में मैग्नासाउंड चाहता था कि वह इसी तरह का कोई और रोमांटिक और सॉफ्ट गाना तैयार करें।
लेकिन अदनान सामी का मूड कुछ अलग था। वह एक ऐसा गाना बनाना चाहते थे, जो हल्का-फुल्का, मजेदार और पूरी तरह एनर्जी से भरपूर हो। इसी सोच के साथ उन्होंने ‘लिफ्ट करा दे’ का आइडिया सामने रखा।
लेबल की प्रतिक्रिया हालांकि बिल्कुल अलग थी। अदनान के मुताबिक, टीम ने इस गाने को ‘सड़क छाप’ तक कह दिया था। उनका मानना था कि जिस तरह के क्लासी और रोमांटिक गानों से अदनान सामी की पहचान बन रही थी, ‘लिफ्ट करा दे’ उससे बिल्कुल अलग था।
अदनान सामी ने उस बातचीत को याद करते हुए कहा कि उन्होंने टीम से साफ कहा था कि वह केवल एक तरह के गाने बनाने या गाने वाले कलाकार नहीं हैं। वह अलग-अलग तरह के म्यूजिक पर काम करना चाहते थे।
छह महीने तक चली गाने को लेकर बहस
इस गाने को लेकर अदनान सामी और म्यूजिक लेबल के बीच सहमति बनने में करीब छह महीने लग गए। लेबल को लगातार लगता रहा कि यह गाना सफल नहीं होगा।
सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि कंपनी इस गाने के म्यूजिक वीडियो पर पैसा खर्च करने के लिए भी तैयार नहीं थी। ऐसे में अदनान सामी और उनकी टीम के सामने एक बड़ा सवाल था कि आखिर बिना बजट के वीडियो कैसे बनाया जाए।
यहीं से शुरू हुई ‘लिफ्ट करा दे’ के वीडियो की सबसे दिलचस्प कहानी।
बिना बजट के ‘गुरिल्ला फॉर्मेट’ में शूट हुआ वीडियो
अदनान सामी ने बताया कि जब म्यूजिक कंपनी ने वीडियो के लिए पैसा देने से इनकार कर दिया, तो उनकी टीम ने गुरिल्ला फॉर्मेट में वीडियो शूट करने का फैसला किया।
गुरिल्ला फिल्ममेकिंग का मतलब ऐसे तरीके से शूट करना होता है, जिसमें बहुत कम या बिना बजट के वास्तविक लोकेशन पर जाकर काम किया जाता है। बड़े सेट, भारी-भरकम प्रोडक्शन और लंबी तैयारी के बजाय उपलब्ध संसाधनों के साथ शूटिंग पूरी की जाती है।
‘लिफ्ट करा दे’ के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। जिस गाने पर कंपनी पैसा खर्च करने को तैयार नहीं थी, उसी का वीडियो बेहद सीमित संसाधनों में तैयार किया गया।
अदनान ने बताया कि उन्होंने और उनकी टीम ने सड़कों पर जाकर वीडियो शूट किया। यानी जिस गाने को लेकर म्यूजिक कंपनी को कोई खास उम्मीद नहीं थी, उसके वीडियो को तैयार करने के लिए टीम ने अपनी तरफ से रास्ता निकाला।
गोविंदा कैसे बने ‘लिफ्ट करा दे’ का हिस्सा?
‘लिफ्ट करा दे’ के म्यूजिक वीडियो की सबसे यादगार बातों में से एक गोविंदा की मौजूदगी थी। गोविंदा उस समय बॉलीवुड के बेहद लोकप्रिय सितारों में शामिल थे और उनकी कॉमिक टाइमिंग और डांसिंग स्टाइल दर्शकों के बीच काफी पसंद की जाती थी।
अदनान सामी के मुताबिक, गोविंदा ने इस वीडियो की शूटिंग के लिए किसी बड़े प्रोडक्शन की तरह तैयारी नहीं की थी। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना रिहर्सल किए ही शूटिंग में हिस्सा लिया।
इतना ही नहीं, गोविंदा ने वीडियो के लिए अपनी कॉस्ट्यूम तक नहीं बदली थी। वह जिस स्थिति में शूट का हिस्सा बने, उसी तरह कैमरे के सामने आ गए।
यही वजह है कि वीडियो में गोविंदा की मौजूदगी किसी बड़े प्लान किए गए कैमियो की बजाय अचानक हुई लेकिन बेहद यादगार भागीदारी जैसी लगती है।
एक ‘सड़क छाप’ कहे गए गाने ने बना ली अलग पहचान
जिस गाने को शुरुआत में म्यूजिक लेबल ने अपनी अपेक्षित इमेज से अलग माना था, वही आगे चलकर अदनान सामी के सबसे लोकप्रिय पॉप गानों में शामिल हो गया।
‘लिफ्ट करा दे’ की खासियत यह थी कि यह अदनान सामी के पहले के रोमांटिक गानों से काफी अलग था। इसमें गंभीर रोमांस के बजाय मस्ती, एनर्जी और एक अलग तरह का पॉप फ्लेवर था।
गाने को अदनान सामी ने कंपोज और गाया, जबकि इसके बोल रियाज़-उर-रहमान सागर ने लिखे थे।
2000 के दशक की शुरुआत में भारतीय पॉप म्यूजिक तेजी से लोकप्रिय हो रहा था। उस दौर में कई ऐसे गाने सामने आए, जिन्हें लोगों ने लंबे समय तक याद रखा। ‘लिफ्ट करा दे’ भी इसी दौर का ऐसा गाना बना, जिसकी पहचान केवल उसके म्यूजिक तक सीमित नहीं रही बल्कि उसका वीडियो भी लोगों के जेहन में बस गया।
गोविंदा का कैमियो बना वीडियो की खासियत
किसी बड़े बजट के बिना शूट किए गए इस म्यूजिक वीडियो में गोविंदा का शामिल होना आज भी इस गाने से जुड़ी सबसे दिलचस्प कहानियों में से एक है।
अदनान सामी की बातों से यह भी पता चलता है कि वीडियो को लेकर शुरुआत में कोई बड़ा प्रोडक्शन प्लान नहीं था। इसके बावजूद टीम ने उपलब्ध संसाधनों के साथ इसे शूट किया और गोविंदा की मौजूदगी ने इसकी अपील को और बढ़ा दिया।
एक तरफ म्यूजिक कंपनी को गाने के हिट होने पर भरोसा नहीं था, वहीं दूसरी तरफ अदनान सामी अपने प्रयोग को लेकर आश्वस्त थे। बाद में ‘लिफ्ट करा दे’ की लोकप्रियता ने यह साबित किया कि हर बार कलाकार की सफलता का फॉर्मूला केवल पहले से स्थापित इमेज को दोहराना नहीं होता।
आज भी याद किया जाता है ‘लिफ्ट करा दे’
‘लिफ्ट करा दे’ को रिलीज हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन यह गाना आज भी 2000 के दशक के लोकप्रिय भारतीय पॉप म्यूजिक की याद दिलाता है। खासतौर पर उस दौर के संगीत प्रेमियों के बीच इसकी अलग पहचान है।
इस गाने की कहानी यह भी बताती है कि कभी-कभी जिस आइडिया को शुरुआत में जोखिम भरा या सामान्य से अलग समझा जाता है, वही आगे चलकर कलाकार की पहचान का हिस्सा बन सकता है।
अदनान सामी के लिए ‘लिफ्ट करा दे’ ऐसा ही प्रयोग था। म्यूजिक लेबल को जिस गाने पर भरोसा नहीं था, उसके वीडियो के लिए पैसे तक उपलब्ध नहीं कराए गए। टीम ने इसके बावजूद गुरिल्ला फॉर्मेट में शूट किया और गोविंदा जैसे बड़े स्टार की अचानक हुई भागीदारी ने वीडियो को एक यादगार टच दे दिया।
आज जब इस गाने की शूटिंग से जुड़ी यह कहानी सामने आती है, तो यह साफ होता है कि ‘लिफ्ट करा दे’ केवल एक पॉप सॉन्ग नहीं था, बल्कि यह अदनान सामी के उस दौर के प्रयोग और अलग तरह का संगीत करने के उनके आत्मविश्वास की कहानी भी है।


