देश में शादियों का सीजन चल रहा है, लेकिन इसी बीच जूलरी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट ने निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को बाजार खुलते ही टाइटन, सेनको गोल्ड, कल्याण जूलर्स और दूसरी जूलरी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। कुछ शेयर कारोबार के दौरान 10 फीसदी तक टूट गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान ने बाजार sentiment को अचानक बदल दिया। पीएम मोदी ने लोगों से अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी ताकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार बचाया जा सके। इसी बयान के बाद निवेशकों ने gold jewellery stocks में profit booking शुरू कर दी।
क्यों टूटे जूलरी कंपनियों के शेयर?
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार को डर है कि अगर लोग सोने की खरीद कम करते हैं, तो इसका असर सीधे jewellery companies की sales पर पड़ेगा। भारत में शादी और सोने का रिश्ता बेहद मजबूत माना जाता है और wedding season के दौरान gold jewellery demand सबसे ज्यादा रहती है।
ऐसे में पीएम मोदी की अपील ने निवेशकों के बीच uncertainty पैदा कर दी। बाजार को लग रहा है कि gold demand घट सकती है, jewellery sales प्रभावित हो सकती हैं और companies की future growth धीमी पड़ सकती है। इसी वजह से gold jewellery sector में भारी बिकवाली देखने को मिली।
किस कंपनी के शेयर में कितनी गिरावट आई?
सोमवार को सेनको गोल्ड के शेयरों में सबसे ज्यादा करीब 10 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का शेयर बीएसई पर पिछले सत्र में 365.45 रुपये पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार को यह गिरकर करीब 325 रुपये तक पहुंच गया।
वहीं कल्याण जूलर्स के शेयरों में भी 9 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। यह शेयर 424 रुपये से टूटकर कारोबार के दौरान करीब 382 रुपये तक पहुंच गया।
इसके अलावा टाटा ग्रुप की कंपनी Titan के शेयरों में भी करीब 8 फीसदी गिरावट दर्ज की गई और यह शेयर कारोबार के दौरान 4,151 रुपये तक फिसल गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि jewellery sector में valuation पहले से काफी ऊंचे स्तर पर था। ऐसे में negative trigger मिलते ही selling pressure तेजी से बढ़ गया।
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा में पीएम मोदी ने लोगों से अपील की थी कि वे अगले एक साल तक शादी या दूसरे कार्यक्रमों के लिए सोना खरीदने से बचें।
उन्होंने कहा था कि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना आयात करता है और इसका भुगतान डॉलर में करना पड़ता है। इससे foreign exchange reserves पर दबाव बढ़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक सरकार फिलहाल crude oil imports और geopolitical tensions के बीच विदेशी मुद्रा बचाने पर ज्यादा फोकस कर रही है।
भारत में कितना बड़ा है गोल्ड मार्केट?
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा gold consumer माना जाता है। देश में हर साल सैकड़ों टन सोने की खपत होती है और इसका बड़ा हिस्सा शादी के सीजन में खरीदा जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत ने पिछले वित्त वर्ष में हर महीने करीब 60 टन सोने का आयात किया, जिसकी कीमत लगभग 6 अरब डॉलर प्रति माह रही। यही वजह है कि gold imports भारत के import bill पर बड़ा असर डालते हैं।
अप्रैल में क्यों घट गया सोने का आयात?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में भारत का gold import घटकर करीब 15 टन रह सकता है, जो लगभग तीन दशक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इसकी बड़ी वजह यह है कि सरकार ने banks पर 3% Integrated GST लागू किया, जिसके बाद कई बैंकों ने gold imports कम कर दिए। इसी कारण बाजार में पहले से ही supply pressure बना हुआ है।
गिरावट के बावजूद मजबूत हैं कंपनियों के नतीजे
दिलचस्प बात यह है कि शेयरों में गिरावट ऐसे समय आई है जब jewellery companies के quarterly results काफी मजबूत रहे हैं।
Titan का मार्च तिमाही रिजल्ट
टाटा ग्रुप की कंपनी Titan का मार्च तिमाही में net profit करीब 35 फीसदी बढ़कर ₹1,179 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹871 करोड़ था।
कंपनी की revenue growth करीब 46 फीसदी रही और revenue ₹20,300 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं कंपनी का EBIT करीब 28 फीसदी बढ़कर ₹1,875 करोड़ हो गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि Titan का jewellery business अभी भी मजबूत demand दिखा रहा है और long-term growth outlook सकारात्मक बना हुआ है।
Kalyan Jewellers का प्रदर्शन भी मजबूत
कल्याण जूलर्स ने भी मार्च तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का net profit 118 फीसदी बढ़कर ₹409 करोड़ पहुंच गया, जबकि revenue करीब 66 फीसदी उछलकर ₹10,274 करोड़ हो गया।
इसके अलावा कंपनी का EBITDA भी 84 फीसदी की तेजी के साथ ₹735 करोड़ तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि operational performance मजबूत होने के बावजूद short-term sentiment कमजोर पड़ने से शेयरों में दबाव आया।
क्या आगे और गिर सकते हैं gold stocks?
Market experts का कहना है कि short-term में volatility बनी रह सकती है। अगर gold demand कमजोर पड़ती है, imports और घटते हैं या सरकार gold consumption कम करने पर जोर देती है, तो jewellery sector पर दबाव बना रह सकता है।
हालांकि long-term में wedding demand, rising income levels और organized jewellery market growth इन कंपनियों को support दे सकते हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों के मुताबिक panic selling से बचना चाहिए क्योंकि jewellery sector में कई कंपनियों के fundamentals अब भी मजबूत हैं।
हालांकि short-term volatility, crude oil prices और government policy पर नजर रखना जरूरी होगा क्योंकि यही फैक्टर्स आगे बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
FAQ
जूलरी शेयरों में गिरावट क्यों आई?
पीएम मोदी की सोना खरीद कम करने वाली अपील के बाद निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी।
सबसे ज्यादा कौन सा शेयर टूटा?
Senco Gold के शेयरों में करीब 10 फीसदी गिरावट आई।
Titan के शेयर में कितनी गिरावट आई?
Titan करीब 8 फीसदी तक टूट गया।
क्या कंपनियों के रिजल्ट कमजोर थे?
नहीं, Titan और Kalyan Jewellers दोनों के quarterly results मजबूत रहे।
भारत कितना सोना आयात करता है?
भारत हर महीने औसतन करीब 60 टन सोने का आयात करता है।
Also Read:


