Indo-MIM IPO: इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी इंडो-एमआईएम लिमिटेड (Indo-MIM Ltd) का बहुप्रतीक्षित ₹3,812 करोड़ का आईपीओ 23 जुलाई 2026 से निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड ₹461-₹485 प्रति शेयर तय किया है। ग्रे मार्केट में भी इस इश्यू को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और मौजूदा GMP ₹213 तक पहुंच गया है, जिससे मजबूत लिस्टिंग की उम्मीद जताई जा रही है।
Highlights
- ₹3,812 करोड़ का Indo-MIM IPO 23 जुलाई से खुलेगा
- प्राइस बैंड ₹461-₹485 प्रति शेयर तय
- एंकर निवेशकों की बोली 22 जुलाई को
- 27 जुलाई को बंद होगा पब्लिक इश्यू
- मौजूदा GMP ₹213, करीब 44% प्रीमियम की संभावना
- कंपनी ऑटो, एयरोस्पेस, मेडिकल और डिफेंस सेक्टर के लिए इंजीनियरिंग पार्ट्स बनाती है
23 जुलाई से खुलेगा Indo-MIM IPO
बेंगलुरु मुख्यालय वाली Indo-MIM Limited अपना ₹3,812 करोड़ का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लेकर आ रही है। कंपनी ने शेयरों का प्राइस बैंड ₹461 से ₹485 प्रति शेयर तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब ₹24,000 करोड़ बैठता है।
आईपीओ 23 जुलाई 2026 को खुलेगा और 27 जुलाई 2026 को बंद होगा। जबकि 22 जुलाई को एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने का अवसर रहेगा।
IPO से जुटाए गए पैसे का क्या करेगी कंपनी?
यह आईपीओ दो हिस्सों में बंटा हुआ है—
- ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू
- 6.83 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS)
कंपनी के अनुसार, फ्रेश इश्यू से मिलने वाले फंड में से ₹400 करोड़ का उपयोग मौजूदा कर्ज के भुगतान या प्री-पेमेंट के लिए किया जाएगा। शेष राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और कारोबार को मजबूत करने में किया जाएगा।
कंपनी के शेयरों की 30 जुलाई 2026 को BSE और NSE पर संभावित लिस्टिंग होगी।
Indo-MIM IPO GMP Today
ग्रे मार्केट में Indo-MIM IPO को मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है।
- GMP (Grey Market Premium): ₹213
- ऊपरी प्राइस बैंड: ₹485
यदि आईपीओ का अंतिम इश्यू प्राइस ₹485 तय होता है और GMP मौजूदा स्तर पर बना रहता है, तो शेयर की संभावित लिस्टिंग लगभग ₹698 के आसपास हो सकती है। यानी निवेशकों को करीब 44% का संभावित लिस्टिंग प्रीमियम मिल सकता है।
ध्यान दें: GMP केवल बाजार की अनौपचारिक धारणा दर्शाता है। लिस्टिंग के समय वास्तविक प्रीमियम इससे अलग हो सकता है।
क्या करती है Indo-MIM?
Indo-MIM Limited की स्थापना 1996 में हुई थी। कंपनी Metal Injection Moulding (MIM), Precision Investment Casting और Metal Additive Manufacturing जैसी एडवांस मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों में विशेषज्ञता रखती है।
कंपनी निम्न उद्योगों के लिए हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स तैयार करती है—
- ऑटोमोबाइल
- एयरोस्पेस
- मेडिकल उपकरण
- डिफेंस
- इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग
Indo-MIM को मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रमुख कंपनियों में गिना जाता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
इंडो-एमआईएम का आईपीओ बड़े आकार, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस, वैश्विक ग्राहक आधार और ग्रे मार्केट में सकारात्मक संकेतों के कारण चर्चा में है। हालांकि, किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, जोखिम, वैल्यूएशन और अपने निवेश लक्ष्य का मूल्यांकन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


