Bank Strike 2026: बैंक कर्मचारियों की 5 दिन वर्किंग की मांग को लेकर इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच 4 सितंबर 2026 को हुई बातचीत बेनतीजा रही। बैठक में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था, PLI और अन्य लंबित मुद्दों पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद UFBU ने 11 सितंबर 2026 को प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल को जारी रखने का फैसला किया है।
ऐसे में अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो उसे समय रहते पूरा कर लेना बेहतर होगा। प्रस्तावित हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में कैश जमा-निकासी, चेक से जुड़े काम और अन्य सामान्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
11 सितंबर को क्यों हो रही है बैंक हड़ताल?
बैंक यूनियनों और IBA के बीच लंबे समय से कई मुद्दों पर बातचीत चल रही है। इनमें सबसे प्रमुख मांग हफ्ते में 5 दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है।
4 सितंबर को IBA ने UFBU के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर हड़ताल के नोटिस में उठाए गए मुद्दों पर चर्चा की। IBA ने यूनियनों से प्रस्तावित हड़ताल को टालने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
हालांकि, UFBU का कहना है कि इन मांगों पर काफी समय से चर्चा हो रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी वजह से संगठन ने 11 सितंबर की हड़ताल को वापस लेने या स्थगित करने का फैसला नहीं किया।
UFBU ने दी जानकारी
UFBU ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बैठक के बाद जानकारी साझा करते हुए बताया कि 4 सितंबर को IBA के साथ हुई बैठक किसी सकारात्मक नतीजे तक नहीं पहुंची।
संगठन के अनुसार, 5 दिन की बैंकिंग व्यवस्था, भेदभावपूर्ण PLI और अन्य लंबित मुद्दों पर समाधान नहीं निकल सका है। इसलिए 11 सितंबर को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को टालने का फिलहाल कोई आधार नहीं है।
सितंबर और अक्टूबर में कब-कब बैंक हड़ताल?
UFBU की ओर से बताए गए कार्यक्रम के मुताबिक बैंकिंग सेवाओं पर आने वाले समय में कई चरणों में असर पड़ सकता है।
- 11 सितंबर 2026: एक दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल
- 28 से 30 सितंबर 2026: तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल
- 26 अक्टूबर 2026 से: अनिश्चितकालीन देशव्यापी बैंक हड़ताल का प्रस्ताव
यानी अगर बातचीत के जरिए कोई समाधान नहीं निकलता है, तो सितंबर के बाद अक्टूबर में भी बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है।
क्या है 5 Day Bank Working की मांग?
बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि बैंकों में हफ्ते में सिर्फ पांच दिन काम हो।
इस व्यवस्था के लागू होने पर बैंक कर्मचारियों को सोमवार से शुक्रवार तक काम करना होगा, जबकि शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी। मौजूदा व्यवस्था में दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि बाकी शनिवार को बैंक खुले रहते हैं।
प्रस्ताव के अनुसार, शनिवार की छुट्टी के कारण ग्राहकों के बैंकिंग समय में ज्यादा कमी न हो, इसके लिए सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रावधान रखा गया है।
यह प्रस्ताव IBA और बैंक यूनियनों के बीच 8 मार्च 2024 को हुए समझौते और जॉइंट नोट का हिस्सा बताया गया है। यूनियनों का कहना है कि इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के लिए भेजे काफी समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इसे लागू करने को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
PLI को लेकर भी विवाद
बैंक यूनियनों ने वरिष्ठ अधिकारियों के लिए लागू की गई नई Performance Linked Incentive (PLI) व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।
UFBU का आरोप है कि पहले यह तय किया गया था कि PLI बैंक के पूरे प्रदर्शन से जुड़ा होगा और स्केल VII तक के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए इंसेंटिव के दिनों में समानता रहेगी।
लेकिन यूनियनों के मुताबिक नई व्यवस्था में अधिकारियों के अलग-अलग स्तर के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। UFBU का कहना है कि स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए अधिकतम 365 दिनों तक का PLI हो सकता है, जबकि स्केल III तक के अधिकारियों के लिए यह सीमा 15 दिन है।
यूनियनों का तर्क है कि इस तरह का अंतर उचित नहीं है और PLI व्यवस्था में बदलाव करने से पहले उनके साथ पर्याप्त बातचीत होनी चाहिए।
बैंक हड़ताल से ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर 11 सितंबर को हड़ताल होती है, तो सबसे ज्यादा असर बैंक शाखाओं के सामान्य कामकाज पर पड़ने की संभावना है। ग्राहकों को कैश लेन-देन, चेक से जुड़े काम, डिपॉजिट और अन्य ब्रांच आधारित सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बंद हों, यह जरूरी नहीं है। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM सेवाएं कई मामलों में उपलब्ध रह सकती हैं। इन सेवाओं पर असर संबंधित बैंक की व्यवस्था और तकनीकी स्थिति पर निर्भर करेगा।
इसलिए जिन ग्राहकों को बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम करना है, उनके लिए हड़ताल की तारीख से पहले काम निपटाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
क्या बैंक हड़ताल से पहले खत्म हो सकता है विवाद?
अभी हड़ताल को लेकर अंतिम स्थिति बातचीत पर निर्भर करेगी। यदि IBA, बैंक यूनियनों और संबंधित पक्षों के बीच किसी समझौते पर सहमति बनती है, तो प्रस्तावित हड़ताल के कार्यक्रम में बदलाव संभव है।
लेकिन 4 सितंबर की बैठक में सहमति नहीं बनने के बाद फिलहाल 11 सितंबर की हड़ताल का कार्यक्रम जारी है। ऐसे में बैंक ग्राहकों को सितंबर और अक्टूबर में संभावित बैंकिंग व्यवधान को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी काम पहले से प्लान करने चाहिए।
जरूरी बात
11 सितंबर, 28-30 सितंबर और 26 अक्टूबर से जुड़ी हड़ताल की स्थिति में बदलाव बातचीत के आधार पर हो सकता है। इसलिए बैंकिंग सेवाओं से जुड़े जरूरी काम के लिए अपने बैंक की आधिकारिक सूचना भी जरूर देखें।


