US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत ठिकाने Pickaxe Mountain को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर इस ठिकाने पर किसी तरह की गतिविधि जारी रही, तो अमेरिका वहां सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच अब Pickaxe Mountain का नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ईरान के इस बेहद सुरक्षित भूमिगत ठिकाने पर संभावित हमले को लेकर चेतावनी दी।
ट्रंप के मुताबिक अमेरिका ईरान के इस ठिकाने पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि अगर वहां कुछ ऐसा हो रहा है, जिसे अमेरिका खतरा मानता है, तो उस स्थिति में सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
ट्रंप ने दी Pickaxe Mountain पर हमले की चेतावनी
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बहुत जल्द Pickaxe Mountain पर हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर इस जगह पर कोई गतिविधि चल रही होगी, तो अमेरिका कार्रवाई करेगा।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को इस ठिकाने पर होने वाली गतिविधियों की जानकारी है। उनके अनुसार अमेरिका यह जानता है कि Pickaxe Mountain पर कौन गतिविधियां कर रहा है और ईरान के अलग-अलग हिस्सों में क्या गतिविधियां चल रही हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अगर उन्हें वहां किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर आती है तो अमेरिका कड़ा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। इससे पहले जुलाई में भी ट्रंप Pickaxe Mountain को लेकर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।
क्यों अमेरिका के निशाने पर है Pickaxe Mountain?
Pickaxe Mountain ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों में शामिल नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के आसपास स्थित बताया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका बेहद मजबूत और गहराई में बनाया गया भूमिगत ढांचा है।
रिपोर्टों के मुताबिक यहां जमीन के काफी नीचे दो बड़ी सुरंगों का कॉम्प्लेक्स मौजूद है। इसकी गहराई और संरचना के कारण पारंपरिक हवाई हमलों से इसे नुकसान पहुंचाना काफी मुश्किल माना जाता है।
यही वजह है कि यह ठिकाना ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही अमेरिकी और इजरायली चिंताओं के केंद्र में आ गया है।
हजारों सेंट्रीफ्यूज होने का दावा
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान ने अपने हजारों सेंट्रीफ्यूज को इस भूमिगत परिसर में स्थानांतरित किया है।
सेंट्रीफ्यूज का इस्तेमाल यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया में किया जाता है। ऐसे में अगर ईरान के महत्वपूर्ण परमाणु उपकरण इस भूमिगत ठिकाने में मौजूद हैं, तो इसकी रणनीतिक अहमियत काफी बढ़ जाती है।
ईरान के अन्य परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों के बाद Pickaxe Mountain को लेकर चिंता और बढ़ी है। इसकी गहराई और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के कारण इसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बचे हुए हिस्से के लिए संभावित सुरक्षित ठिकाना माना जा रहा है।
यही कारण है कि अमेरिका की सैन्य रणनीति में यह जगह महत्वपूर्ण बन गई है।
ट्रंप बोले- ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की कार्रवाई के पीछे सबसे बड़ा कारण ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना बताया है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। ट्रंप ने अपने सैन्य अभियान का बचाव करते हुए कहा कि कई महीनों से चल रही कार्रवाई का मकसद इसी खतरे को खत्म करना है।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हो।
इजरायल और पश्चिमी देशों को खतरे का हवाला
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए इजरायल और पश्चिमी देशों की सुरक्षा का भी मुद्दा उठाया।
ट्रंप ने दावा किया कि अगर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई नहीं की होती, तो इजरायल और पूरे मध्य पूर्व के लिए स्थिति ज्यादा खतरनाक हो सकती थी। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि भविष्य में ईरान यूरोप और अमेरिका के शहरों को भी निशाना बना सकता था।
ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य किसी व्यापक युद्ध को बढ़ाना नहीं बल्कि ईरान के परमाणु खतरे को रोकना है।
ईरान ने अमेरिका पर लगाया संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप
वहीं, ईरान ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह खारिज करते हुए वाशिंगटन पर अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक अमेरिका ने देश के कई हिस्सों में नागरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और अपनी संप्रभुता के खिलाफ बताया है।
ईरान का कहना है कि उसकी सशस्त्र सेनाओं ने भी पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाब दिया है।
आगे क्या होगा?
Pickaxe Mountain को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की ताजा चेतावनी से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। अगर अमेरिका वास्तव में इस भूमिगत परिसर पर हमला करता है, तो इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम के साथ-साथ पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका Pickaxe Mountain जैसे गहरे भूमिगत ठिकाने को प्रभावी ढंग से निशाना बना पाएगा और अगर हमला होता है तो ईरान की प्रतिक्रिया कितनी व्यापक होगी।
फिलहाल दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव इस पूरे घटनाक्रम को बेहद संवेदनशील बना रहा है।


