Rail Coach Export: भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा समय में रिश्तों में तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच रेलवे से जुड़ा एक अहम कारोबारी समझौता आगे बढ़ रहा है। भारतीय रेलवे की कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किए गए 19 पैसेंजर कोच बुधवार को बांग्लादेश भेजे जा रहे हैं। ये कोच 200 डिब्बों के बड़े निर्यात ऑर्डर का हिस्सा हैं।
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की तकनीक और यहां तैयार होने वाले ट्रेन कोच अब बांग्लादेश के यात्रियों के सफर का हिस्सा बनने जा रहे हैं। पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (RCF) में तैयार किए गए 19 पैसेंजर कोचों का पहला रेक बुधवार को बांग्लादेश के लिए रवाना किया जा रहा है। यह निर्यात ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और बांग्लादेश के राजनीतिक रिश्तों में पहले की तुलना में काफी बदलाव आया है।
रेलवे के मुताबिक, बांग्लादेश के लिए भेजे जा रहे ये सभी कोच ब्रॉड गेज (Broad Gauge) के हैं। इस पहले रेक में कुल 19 कोच शामिल हैं। इनमें यात्रियों के लिए अलग-अलग श्रेणी के कोच के साथ-साथ ट्रेन संचालन के लिए जरूरी गार्ड कम पावर कार भी शामिल हैं।
यह पूरा निर्यात भारत की सरकारी कंपनी RITES के माध्यम से किया जा रहा है। RITES को बांग्लादेश रेलवे की ओर से कुल 200 कोचों की आपूर्ति का ऑर्डर मिला है। बुधवार को रवाना किया जा रहा 19 कोचों का रेक इसी बड़े ऑर्डर की पहली खेप है।
बांग्लादेश जा रहे 19 कोच में क्या खास है?
कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किए गए पहले रेक में यात्रियों की सुविधा और ट्रेन संचालन को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग प्रकार के कोच शामिल किए गए हैं।
इस रेक में कुल 19 डिब्बे हैं। इनमें 3 AC स्लीपर कोच, 3 AC चेयर कार कोच और 11 नॉन-एसी चेयर कार कोच शामिल हैं। इसके अलावा ट्रेन के आगे और पीछे लगाए जाने वाले 2 गार्ड कम पावर कार भी इस रेक का हिस्सा हैं।
इस तरह यह केवल सामान्य यात्री डिब्बों की खेप नहीं है, बल्कि एक पूरा ट्रेन रेक तैयार करके बांग्लादेश रेलवे को सौंपा जा रहा है। अलग-अलग श्रेणी के कोच होने से इसमें लंबी दूरी के यात्रियों के साथ-साथ सामान्य यात्रियों के लिए भी सीटिंग व्यवस्था उपलब्ध होगी।
200 कोचों का है पूरा निर्यात ऑर्डर
बांग्लादेश रेलवे के लिए भेजे जा रहे ये 19 कोच किसी छोटे ऑर्डर का हिस्सा नहीं हैं। भारत को बांग्लादेश की ओर से कुल 200 पैसेंजर कोचों की आपूर्ति का ऑर्डर मिला है।
यह कॉन्ट्रैक्ट मई 2024 में यूरोपीय इन्वेस्टमेंट बैंक की ओर से जारी ग्लोबल कंपीटिटिव बिडिंग प्रक्रिया के माध्यम से मिला था। इस प्रक्रिया के बाद भारतीय सरकारी कंपनी RITES को बांग्लादेश रेलवे के लिए कोच उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी मिली।
अब इस ऑर्डर के तहत पहली खेप में 19 कोच बांग्लादेश भेजे जा रहे हैं। आने वाले समय में ऑर्डर के बाकी कोच भी तैयार कर वहां भेजे जाएंगे।
पहली बार नहीं हो रहा बांग्लादेश को भारतीय कोच का निर्यात
भारत और बांग्लादेश के बीच रेलवे क्षेत्र में सहयोग नया नहीं है। भारतीय रेलवे पहले भी बांग्लादेश रेलवे को यात्री कोच और रेल इंजन की आपूर्ति कर चुका है।
रेलवे की जानकारी के मुताबिक, 2015-16 में भारत ने बांग्लादेश को 120 ब्रॉड गेज पैसेंजर कोच सप्लाई किए थे। इसके अलावा RITES पहले बांग्लादेश को ब्रॉड गेज के 36 इंजन और मीटर गेज के 10 इंजन भी निर्यात कर चुकी है।
हालांकि, मौजूदा खेप की राजनीतिक और कूटनीतिक परिस्थितियों की वजह से खास अहमियत है। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के हटने के बाद दोनों देशों के संबंधों में कई मुद्दों को लेकर तनाव देखने को मिला है। ऐसे समय में रेलवे से जुड़ा यह कारोबारी समझौता अपने आप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
RITES के जरिए हो रहा है रेलवे एक्सपोर्ट
भारत की सरकारी कंपनी RITES Limited रेलवे से जुड़े उपकरणों और सेवाओं के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कंपनी भारतीय रेलवे के लिए तैयार किए गए कोच, लोकोमोटिव और अन्य रेल से जुड़े उत्पादों के निर्यात में भी काम करती है।
बांग्लादेश को भेजे जा रहे 200 कोचों के ऑर्डर को भी RITES के जरिए पूरा किया जा रहा है। इसके लिए भारत में कोच निर्माण की जिम्मेदारी कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री को मिली है।
इस तरह इस पूरे प्रोजेक्ट में भारतीय रेलवे की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और RITES की अंतरराष्ट्रीय परियोजना प्रबंधन एवं निर्यात क्षमता दोनों का इस्तेमाल हो रहा है।
कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री में तैयार हुए हैं डिब्बे
पंजाब के कपूरथला में स्थित Rail Coach Factory भारतीय रेलवे की प्रमुख कोच निर्माण इकाइयों में से एक है। यहां अलग-अलग प्रकार के यात्री कोच तैयार किए जाते हैं।
बांग्लादेश के लिए तैयार किए गए कोच भी इसी फैक्ट्री में बनाए गए हैं। इन कोचों को बांग्लादेश रेलवे की जरूरतों और वहां इस्तेमाल किए जाने वाले ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क के अनुरूप तैयार किया गया है।
ब्रॉड गेज रेलवे लाइन भारत और बांग्लादेश दोनों के रेल नेटवर्क में इस्तेमाल होती है। यही वजह है कि भारतीय रेल के लिए बांग्लादेश को ऐसे कोच उपलब्ध कराना तकनीकी रूप से भी महत्वपूर्ण है।
भारत कई देशों को करता है रेलवे से जुड़े उत्पादों का निर्यात
भारत सिर्फ घरेलू जरूरतों के लिए ही रेलवे कोच और रेल उपकरण तैयार नहीं करता। भारतीय कंपनियां और सरकारी संस्थान कई देशों को रेलवे से जुड़े उत्पाद और सेवाएं भी उपलब्ध कराते हैं।
भारत की रेलवे निर्माण क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता के चलते बांग्लादेश, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, मोजाम्बिक और सेनेगल जैसे देशों के साथ रेलवे क्षेत्र में कारोबार हुआ है।
रेलवे एक्सपोर्ट में यात्री कोच, माल ढुलाई से जुड़े उपकरण, लोकोमोटिव और दूसरी रेल तकनीक शामिल हो सकती है। ऐसे निर्यात से भारतीय रेलवे से जुड़ी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का अवसर मिलता है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह रेलवे निर्यात?
बांग्लादेश को 200 कोचों की आपूर्ति सिर्फ एक कारोबारी सौदा नहीं है। यह भारतीय रेलवे की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रदर्शित करने का अवसर भी है।
भारत में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ कोच, इंजन और अन्य उपकरण बनाने की क्षमता लगातार बढ़ी है। घरेलू जरूरतों के साथ यदि इन्हीं क्षमताओं का इस्तेमाल दूसरे देशों के लिए उत्पाद तैयार करने में किया जाता है तो रेलवे सेक्टर की कंपनियों के लिए निर्यात बाजार का विस्तार हो सकता है।
इसके अलावा सरकारी कंपनियों के माध्यम से विदेशी रेलवे परियोजनाओं में भारतीय कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से भारत की रेलवे टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग क्षमताओं को भी वैश्विक स्तर पर पहचान मिलती है।
रिश्तों में तनाव के बावजूद जारी है रेलवे कारोबार
भारत और बांग्लादेश के बीच राजनीतिक संबंधों में उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी और व्यापारिक साझेदार है।
ऐसे में 200 पैसेंजर कोचों का यह ऑर्डर रेलवे क्षेत्र में दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद व्यावसायिक संबंधों की निरंतरता को दिखाता है। बुधवार को भेजी जा रही 19 कोचों की पहली खेप इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
बांग्लादेश जाने वाले 19 कोचों की पूरी जानकारी
| कोच का प्रकार | संख्या |
|---|---|
| AC स्लीपर कोच | 3 |
| AC चेयर कार | 3 |
| नॉन-एसी चेयर कार | 11 |
| गार्ड कम पावर कार | 2 |
| कुल | 19 |
आगे क्या होगा?
बुधवार को रवाना होने वाला 19 कोचों का रेक बांग्लादेश रेलवे के लिए 200 कोचों के ऑर्डर की पहली खेप है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में भारत से बांग्लादेश के लिए और भी कोच भेजे जाएंगे।
इस पूरे प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद बांग्लादेश रेलवे के बेड़े में भारतीय रेल की कपूरथला फैक्ट्री में बने कुल 200 नए पैसेंजर कोच शामिल होंगे। इससे भारतीय रेलवे की विदेशी परियोजनाओं और निर्यात कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में राजनीतिक स्तर पर भले ही चुनौतियां बनी हुई हों, लेकिन रेलवे क्षेत्र में यह प्रोजेक्ट दोनों देशों के बीच जारी व्यावसायिक सहयोग का एक अहम उदाहरण है। कपूरथला में बने 19 कोचों की पहली खेप का निर्यात न केवल बांग्लादेश के रेल यात्रियों के लिए नई ट्रेन सुविधाओं का रास्ता खोलता है, बल्कि भारतीय रेलवे की बढ़ती निर्यात क्षमता को भी सामने लाता है।


