Market Cues: शेयर बाजार में मंगलवार को रेंज-बाउंड कारोबार के बीच बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी 0.50 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ और इंट्राडे में 4 अगस्त की रेंज के निचले स्तर यानी 24,430 के करीब पहुंच गया। हालांकि, बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है। कमजोर मोमेंटम इंडिकेटर्स फिलहाल कंसोलिडेशन की ओर इशारा कर रहे हैं। वहीं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर निफ्टी मंगलवार की ट्रेडिंग रेंज के निचले स्तर से नीचे जाता है और वहां टिकता है, तो इंडेक्स में और कमजोरी देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में 24,350, जो इसका 50-डे EMA है, और उसके बाद 24,200, जो 100-डे EMA का स्तर है, अहम सपोर्ट बन सकते हैं।
दूसरी ओर, अगर निफ्टी मौजूदा स्तरों से रिकवरी करता है तो 24,600 से 24,700 का जोन उसके लिए अहम रेजिस्टेंस बन सकता है। इसलिए आज के कारोबार में इन स्तरों पर खास नजर रखना जरूरी होगा।
निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
ट्रेडिंग के लिहाज से पिवट प्वाइंट्स पर आधारित निफ्टी के प्रमुख स्तर इस प्रकार हैं:
पिवट प्वाइंट आधारित सपोर्ट:
- 24,436
- 24,401
- 24,345
पिवट प्वाइंट आधारित रेजिस्टेंस:
- 24,549
- 24,584
- 24,640
डेली चार्ट पर निफ्टी ने मंगलवार को एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई। कैंडल के निचले हिस्से में छोटी शैडो देखने को मिली, जो बताती है कि रेंज-बाउंड कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव बना रहा।
हाल की तेजी के बाद निफ्टी 23.6 फीसदी फिबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर से थोड़ा नीचे आया है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इंडेक्स अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे बाजार के व्यापक स्ट्रक्चर को फिलहाल सपोर्ट मिल रहा है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो RSI घटकर 56.1 पर आ गया है और इसमें बेयरिश क्रॉसओवर देखने को मिला है। दूसरी ओर, MACD सिग्नल लाइन की ओर नीचे झुका हुआ है। लगातार चौथे सेशन में MACD हिस्टोग्राम का हरा बार भी कमजोर हुआ है।
इन संकेतकों से पता चलता है कि बाजार में तेजी की रफ्तार पहले की तुलना में धीमी हुई है और बुल्स की ताकत में कुछ कमी आई है।
बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल
बैंक निफ्टी मंगलवार को 57,446 के स्तर पर बंद हुआ। इंडेक्स के लिए पिवट प्वाइंट्स और फिबोनैचि स्तरों के आधार पर प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस इस प्रकार हैं।
पिवट प्वाइंट आधारित रेजिस्टेंस:
- 57,575
- 57,681
- 57,853
पिवट प्वाइंट आधारित सपोर्ट:
- 57,232
- 57,126
- 56,955
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट आधारित रेजिस्टेंस:
- 59,247
- 61,787
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट आधारित सपोर्ट:
- 57,305
- 56,441
डेली टाइमफ्रेम पर बैंक निफ्टी ने लंबी लोअर शैडो वाली बेयरिश कैंडल बनाई। लंबी लोअर शैडो इस बात का संकेत देती है कि निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिली।
इंडेक्स ने जुलाई के निचले स्तर से आई हालिया रैली के 50 फीसदी फिबोनैचि रिट्रेसमेंट और 50-डे EMA के आसपास सपोर्ट लिया। इसके बाद बैंक निफ्टी ने इन स्तरों से रिकवरी की, हालांकि अंत में यह दिन के निचले स्तर के करीब 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।
बैंक निफ्टी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ, लेकिन अभी भी मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। RSI घटकर 49.95 पर आ गया है और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर दिखाई दिया।
MACD में भी बेयरिश क्रॉसओवर देखने को मिला और पिछले पांच सेशन में पहली बार हिस्टोग्राम लाल हुआ है। इन संकेतकों को देखते हुए नियर टर्म में तेजी की रफ्तार कमजोर पड़ सकती है और बाजार का रुख साइडवेज से बेयरिश की तरफ बढ़ सकता है।
हालांकि, महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से मिली रिकवरी यह संकेत देती है कि निचले स्तरों पर अभी भी खरीदारी मौजूद है। इसलिए बैंक निफ्टी में सपोर्ट जोन का टूटना या वहां से मजबूत रिकवरी आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।
FII और DII फंड फ्लो
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने 11 अगस्त को लगातार तीसरे कारोबारी सेशन में भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी की। आंकड़ों के मुताबिक, FII ने करीब ₹258 करोड़ के शेयर खरीदे और वे लगातार तीसरे सेशन में नेट बायर बने रहे।
घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने भी बाजार में खरीदारी जारी रखी। उन्होंने भारतीय इक्विटी मार्केट में लगभग ₹25 करोड़ का निवेश किया। यानी FII और DII दोनों मंगलवार को नेट बायर रहे।
हालांकि खरीदारी की राशि बहुत बड़ी नहीं रही, लेकिन दोनों प्रमुख संस्थागत निवेशक वर्गों का नेट बायर रहना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
India VIX में गिरावट
बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX मंगलवार को 3.18 फीसदी गिरकर 11.85 पर आ गया।
India VIX 27 जुलाई से अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। VIX में गिरावट आम तौर पर बाजार में निकट अवधि की अनिश्चितता कम होने का संकेत देती है। मौजूदा स्तर पर यह बाजार में बुल्स के लिए कुछ राहत का संकेत है।
हालांकि, कम VIX को अकेले तेजी का संकेत नहीं माना जा सकता। ट्रेडर्स को इसे प्राइस एक्शन, सपोर्ट-रेजिस्टेंस और अन्य मोमेंटम इंडिकेटर्स के साथ देखकर ही निर्णय लेना चाहिए।
Nifty Put-Call Ratio
निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो यानी PCR 11 अगस्त को पिछले सेशन के 0.99 से बढ़कर 1.00 हो गया।
आमतौर पर 0.7 से ऊपर और खासकर 1 के आसपास या उससे ऊपर PCR को बाजार में अपेक्षाकृत सकारात्मक सेंटीमेंट से जोड़कर देखा जाता है। इसके विपरीत, 0.7 से नीचे और 0.5 की तरफ जाने वाला PCR कमजोर या मंदी के सेंटीमेंट का संकेत माना जाता है।
मौजूदा PCR 1.00 पर होने से ऑप्शन मार्केट के लिहाज से सेंटीमेंट में फिलहाल बहुत ज्यादा कमजोरी नहीं दिखाई देती।
F&O बैन में कौन-कौन से स्टॉक?
F&O सेगमेंट में उन कंपनियों की सिक्योरिटीज को प्रतिबंधित किया जाता है, जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की ओपन पोजीशन मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती है।
F&O प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
F&O प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक और SAIL
F&O प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
आज ट्रेडर्स की नजर किन स्तरों पर रहे?
आज के कारोबार में निफ्टी के लिए 24,350 और 24,200 अहम सपोर्ट जोन रहेंगे। अगर इंडेक्स इन स्तरों के ऊपर बना रहता है और रिकवरी करता है, तो 24,600-24,700 की रेंज में रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
वहीं बैंक निफ्टी में 57,232 और 57,126 शुरुआती सपोर्ट के तौर पर महत्वपूर्ण रहेंगे, जबकि ऊपर की तरफ 57,575 से 57,853 का क्षेत्र अहम रेजिस्टेंस जोन होगा।
कुल मिलाकर, बाजार का व्यापक स्ट्रक्चर अभी भी पॉजिटिव है, लेकिन कमजोर RSI, MACD में बेयरिश संकेत और हालिया बिकवाली को देखते हुए ट्रेडर्स को जल्दबाजी में आक्रामक पोजीशन लेने से बचना चाहिए। बाजार की अगली दिशा प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों के ब्रेक पर अधिक स्पष्ट हो सकती है।
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