IndiaMART Share Price: देश की प्रमुख ऑनलाइन B2B मार्केटप्लेस कंपनी IndiaMART InterMESH के शेयरों में मंगलवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कंपनी के जून 2026 तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे अनुमान के अनुरूप रहे, लेकिन लगातार घटते पेड सब्सक्राइबर्स और कलेक्शन ग्रोथ में सुस्ती ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया। इसका असर यह हुआ कि शेयर 7% से ज्यादा टूटकर पिछले एक साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
बीएसई पर कारोबार के दौरान IndiaMART का शेयर 7.51% गिरकर ₹1,775 तक पहुंच गया, जो पिछले एक साल का लो है। हालांकि निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी देखने को मिली, लेकिन शेयर फिर भी करीब 4.63% की गिरावट के साथ ₹1,830.35 पर कारोबार करता दिखा। गौरतलब है कि पिछले वर्ष 25 अगस्त 2025 को यही शेयर ₹2,686.55 के एक साल के उच्च स्तर पर था।
Q1 Results: मुनाफा और रेवेन्यू बढ़ा, फिर भी क्यों टूटा शेयर?
पहली नजर में कंपनी के वित्तीय नतीजे मजबूत दिखाई देते हैं।
जून 2026 तिमाही के प्रमुख आंकड़े
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट: ₹172.2 करोड़ (सालाना आधार पर 12.2% की बढ़त)
- ऑपरेशनल रेवेन्यू: ₹414.4 करोड़ (11.4% की वृद्धि)
- EBITDA: ₹145.9 करोड़ (9.4% की बढ़ोतरी)
- EBITDA Margin: 35.8% से घटकर 35.4%
- ऑपरेशंस से कैश फ्लो: ₹163 करोड़
- ARPU (Average Revenue Per User): 7.8% बढ़कर ₹69,000
कंपनी की कमाई और मुनाफे में वृद्धि जरूर हुई, लेकिन बाजार की नजर उन संकेतकों पर थी जो भविष्य की ग्रोथ बताते हैं। यही वजह रही कि अच्छे नतीजों के बावजूद शेयर दबाव में आ गया।
शेयर टूटने की पहली बड़ी वजह: लगातार घट रहे Paying Subscribers
IndiaMART के लिए सबसे बड़ी चिंता उसका Paying Subscriber Base बन गया है।
- मार्च 2026 तिमाही में पेड सब्सक्राइबर्स: 2.20 लाख
- जून 2026 तिमाही में पेड सब्सक्राइबर्स: 2.18 लाख
यह लगातार तीसरी तिमाही है जब कंपनी के पेड सब्सक्राइबर्स की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। किसी भी सब्सक्रिप्शन आधारित बिजनेस के लिए नए ग्राहकों का जुड़ना सबसे अहम माना जाता है। ऐसे में लगातार गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
दूसरी वजह: Customer Collections Growth हुई सबसे धीमी
कंपनी का Customer Collections सालाना आधार पर सिर्फ 8% बढ़ा।
यह पिछले पांच तिमाहियों की सबसे धीमी ग्रोथ है। इससे पहले चार तिमाहियों में यह वृद्धि लगातार 10% से 17.5% के बीच रही थी।
धीमी कलेक्शन ग्रोथ यह संकेत देती है कि नए ग्राहकों की रफ्तार कमजोर पड़ रही है और मौजूदा बिजनेस की गति भी पहले जैसी नहीं रही।
ARPU बढ़ने से मिली थोड़ी राहत
हालांकि ग्राहकों की संख्या घटी है, लेकिन कंपनी ने मौजूदा पेड सप्लायर्स से अधिक कमाई की है।
ARPU (Average Revenue Per User) सालाना आधार पर बढ़कर ₹69,000 पहुंच गया, जो लगभग 7.8% की वृद्धि है।
इससे साफ है कि कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों से बेहतर रेवेन्यू हासिल करने में सफल रही है।
IndiaMART Finance बनाएगी नई ग्रोथ की राह?
कंपनी के बोर्ड ने रेगुलेटरी मंजूरी मिलने के बाद IndiaMART Finance नाम से एक Wholly-Owned Subsidiary बनाने को मंजूरी दी है।
इस नई इकाई के जरिए कंपनी छोटे और मध्यम कारोबारियों को Short-Term Working Capital Finance उपलब्ध कराएगी। इससे भविष्य में कंपनी के बिजनेस मॉडल को नया विस्तार मिल सकता है।
ब्रोकरेज फर्मों का क्या है नजरिया?
Nomura ने दी ‘Reduce’ रेटिंग
ब्रोकरेज फर्म Nomura ने IndiaMART पर Reduce रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,810 का टारगेट प्राइस दिया है।
ब्रोकरेज का मानना है कि:
- नए पेड सब्सक्राइबर्स जोड़ने की गति कमजोर बनी हुई है।
- कंपनी को अपने प्रोडक्ट्स में लगातार सुधार करना होगा।
- शेयर में बड़ी तेजी तभी संभव होगी जब नए ग्राहकों की संख्या मजबूत तरीके से बढ़े।
Jefferies ने दिया और भी कम टारगेट
Jefferies ने IndiaMART पर Underperform रेटिंग देते हुए ₹1,650 का टारगेट प्राइस तय किया है।
ब्रोकरेज के अनुसार:
- पेड सप्लायर बेस में गिरावट बड़ा निगेटिव संकेत है।
- लगातार कमजोर Subscriber Addition से कंपनी का Network Effect प्रभावित हो सकता है।
- यदि यह ट्रेंड जारी रहा तो भविष्य की ग्रोथ पर दबाव बढ़ सकता है।
आगे निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाली तिमाहियों में निवेशकों को इन संकेतकों पर खास ध्यान देना चाहिए—
- नए Paying Subscribers की संख्या
- Customer Collections Growth
- ARPU में सुधार जारी रहता है या नहीं
- IndiaMART Finance के लॉन्च की प्रगति
- EBITDA Margin में सुधार
यदि कंपनी इन मोर्चों पर बेहतर प्रदर्शन करती है, तो शेयर में रिकवरी देखने को मिल सकती है। वहीं, यदि सब्सक्राइबर बेस में गिरावट जारी रहती है तो शेयर पर दबाव बना रह सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


