पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ा भरोसा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
सरकार ने सोमवार को कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं और ईंधन सप्लाई पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने लोगों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और ऊर्जा की खपत कम करने को कहा था।
मंत्रालय ने क्या कहा?
Our refineries are operating at optimal levels. There is no dry-out reported at any retail outlet. LPG distributorships are also functioning smoothly, with no dry-out being reported. Sufficient stocks of petrol and diesel are available, and #LPG is being supplied for domestic… pic.twitter.com/IAQIKexIKo
— PIB India (@PIB_India) May 11, 2026 नई दिल्ली में आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोलियम मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी सुजाता शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिल रहा है, लेकिन भारत ने हालात से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी कर रखी है।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बाधित न हो और LPG की उपलब्धता सामान्य बनी रहे। सरकार के मुताबिक देश में कहीं से भी पेट्रोल पंपों या LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
कितना है देश के पास तेल और गैस का स्टॉक?
सरकार ने पहली बार विस्तार से बताया कि भारत के पास 60 दिनों का कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) स्टॉक, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों का LPG स्टॉक मौजूद है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह रिजर्व किसी भी आपात स्थिति में देश की ऊर्जा जरूरतों को संभालने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कर रहीं काम
सुजाता शर्मा ने कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां बिना किसी रुकावट के काम कर रही हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑयल रिफाइनिंग देश है और घरेलू मांग को पूरा करने में सक्षम है।
सरकार के मुताबिक पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
3 दिन में 1.26 करोड़ LPG सिलेंडर की डिलीवरी
मंत्रालय ने LPG सप्लाई के आंकड़े भी जारी किए। सरकार के मुताबिक पिछले तीन दिनों में 1.14 करोड़ LPG बुकिंग हुईं, जबकि 1.26 करोड़ घरों तक सिलेंडर पहुंचाए गए। इसके अलावा 17,000 टन से ज्यादा कमर्शियल LPG बेची गई, 762 टन से ज्यादा ऑटो LPG की बिक्री हुई और 1,400 से ज्यादा छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर वितरित किए गए।
सरकार का कहना है कि देश का LPG वितरण नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय और स्थिर है।
PNG कनेक्शन की तरफ बढ़ रहे लोग
मंत्रालय ने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में लोग पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। सरकार के अनुसार करीब 52,300 उपभोक्ताओं ने LPG कनेक्शन सरेंडर किया और PNG सेवाओं को अपनाया।
इसके अलावा 6.7 लाख PNG कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं, 2.68 लाख नए कनेक्शनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है और 7.29 लाख से ज्यादा नए उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
पीएम मोदी ने क्यों की थी अपील?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की थी।
उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और सप्लाई चेन संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। सरकार चाहती है कि विदेशी मुद्रा की बचत हो, ईंधन आयात पर दबाव कम हो और देश ऊर्जा संकट से सुरक्षित रहे।
उर्वरक स्टॉक को लेकर भी सरकार ने दिया अपडेट
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि खरीफ 2026 सीजन के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय के मुताबिक कुल जरूरत 390.54 लाख मीट्रिक टन है, जबकि अभी 199.65 लाख मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है। यह सामान्य स्तर से काफी ज्यादा माना जा रहा है।
क्या घबराने की जरूरत है?
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता जरूर है, लेकिन भारत ने रणनीतिक तेल भंडार, रिफाइनिंग क्षमता और सप्लाई मैनेजमेंट के जरिए अपनी स्थिति पहले से मजबूत की है।
हालांकि अगर पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचता है तो कच्चे तेल की कीमतें, महंगाई और आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है।
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