Hindustan Copper OFS: सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों में मंगलवार, 25 अगस्त को भारी बिकवाली देखने को मिली। सरकार ने कंपनी में 3% हिस्सेदारी बेचने के लिए OFS शुरू किया है, जबकि ओवरसब्सक्रिप्शन की स्थिति में अतिरिक्त 3% हिस्सेदारी ग्रीन-शू ऑप्शन के जरिए बेचने का विकल्प भी रखा गया है। OFS का फ्लोर प्राइस ₹514 प्रति शेयर तय किया गया है, जो पिछले कारोबारी दिन के बंद भाव ₹574.15 से करीब 10.4% कम है। इसके बावजूद शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 7% तक टूट गया।
हिंदुस्तान कॉपर शेयर में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
25 अगस्त को OFS खुलने के साथ ही बाजार में हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों पर दबाव बढ़ गया। शेयर करीब ₹542 पर खुला और कारोबार के दौरान ₹534 के आसपास तक फिसल गया। सुबह के कारोबार में इसमें करीब 7% की गिरावट दर्ज की गई।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह OFS का फ्लोर प्राइस माना जा रहा है। जब किसी कंपनी के प्रमोटर या सरकार की ओर से बाजार भाव से काफी नीचे कीमत पर बड़ी संख्या में शेयर बिक्री के लिए उपलब्ध होते हैं, तो मौजूदा बाजार भाव पर खरीदारी करने वाले निवेशकों पर दबाव बनता है। निवेशक अक्सर OFS के डिस्काउंटेड भाव का इंतजार करते हैं, जिससे शेयर की स्पॉट कीमत भी नीचे आ सकती है।
₹514 में मिल रहा शेयर, फिर भी निवेशक क्यों बेच रहे हैं?
हिंदुस्तान कॉपर का सोमवार का NSE क्लोजिंग भाव ₹574.15 था, जबकि OFS का फ्लोर प्राइस ₹514 रखा गया है। यानी OFS का भाव बाजार भाव से करीब 10.4% नीचे है।
यही अंतर शेयर में गिरावट की मुख्य वजह बन गया है। अगर कोई निवेशक बाजार में ₹574 के आसपास शेयर खरीदता है, जबकि सरकार के OFS में ₹514 का फ्लोर प्राइस उपलब्ध है, तो वह करीब ₹60 प्रति शेयर अधिक कीमत चुका रहा होगा। इसी वजह से बाजार में शेयर की कीमत OFS फ्लोर प्राइस की ओर खिसकने लगी।
हालांकि, फ्लोर प्राइस का यह मतलब नहीं है कि रिटेल निवेशक को निश्चित रूप से ₹514 में शेयर मिल ही जाएंगे। OFS में मांग और बोली के आधार पर अंतिम आवंटन और कीमत तय होती है।
सरकार बेच रही है 3% हिस्सेदारी, 3% का ग्रीन-शू विकल्प
भारत सरकार हिंदुस्तान कॉपर में अपनी 3% हिस्सेदारी OFS के जरिए बेच रही है। इसके अलावा ओवरसब्सक्रिप्शन होने पर सरकार अतिरिक्त 3% हिस्सेदारी बेच सकती है। इस तरह कुल बिक्री 6% तक जा सकती है।
इससे बाजार में कंपनी के अतिरिक्त शेयर उपलब्ध होंगे। इसी संभावित अतिरिक्त सप्लाई को लेकर भी निवेशकों में शॉर्ट टर्म में दबाव देखने को मिल रहा है।
रिटेल निवेशक 26 अगस्त को लगा सकेंगे बोली
OFS का नॉन-रिटेल हिस्सा 25 अगस्त को खुला है, जबकि रिटेल निवेशकों के लिए बोली लगाने का मौका 26 अगस्त 2026 को मिलेगा। ऑफर में रिटेल निवेशकों के लिए 10% हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा योग्य कर्मचारियों के लिए 25,000 शेयर अलग रखे गए हैं।
इसलिए रिटेल निवेशकों के लिए अगला महत्वपूर्ण दिन 26 अगस्त है। उन्हें OFS में बोली लगाने से पहले फ्लोर प्राइस के साथ-साथ बाजार भाव, मांग और कंपनी के फंडामेंटल पर भी ध्यान देना चाहिए।
2026 में शेयर ने दिया है शानदार रिटर्न
हिंदुस्तान कॉपर के शेयर ने इस साल अब तक जोरदार प्रदर्शन किया है। 2026 में शेयर में 126% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। ऐसे में सरकार का OFS निवेशकों के लिए मुनाफावसूली का एक ट्रिगर भी बन गया है।
तेजी के बाद जब किसी कंपनी में बड़ा OFS आता है, तो निवेशक शॉर्ट टर्म में शेयर की कीमत पर अतिरिक्त सप्लाई के असर को लेकर सतर्क हो सकते हैं। यही वजह है कि डिस्काउंट के बावजूद शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली।
कंपनी के हालिया नतीजे भी रहे मजबूत
OFS से जुड़ी खबर ऐसे समय आई है जब हिंदुस्तान कॉपर के हालिया तिमाही नतीजों में मुनाफे में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई थी। कंपनी ने Q1 FY27 में करीब ₹352.61 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 163% अधिक था। कंपनी का रेवेन्यू भी सालाना आधार पर करीब 81% बढ़कर ₹936.50 करोड़ रहा।
इससे कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन को लेकर तस्वीर मजबूत दिखाई देती है। हालांकि, शेयर की कीमत पर कंपनी के फंडामेंटल के साथ-साथ कमोडिटी कीमतों, OFS की मांग और बाजार के सेंटीमेंट का भी असर पड़ता है।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
हिंदुस्तान कॉपर OFS में डिस्काउंट आकर्षक दिखाई दे सकता है, लेकिन सिर्फ डिस्काउंट देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि OFS के बाद शेयर की सप्लाई कितनी बढ़ेगी, बाजार में शेयर किस कीमत पर ट्रेड कर रहा है और OFS में मांग कैसी रहती है।
खास तौर पर रिटेल निवेशकों को ₹514 के फ्लोर प्राइस और बाजार भाव के बीच के अंतर को समझना चाहिए। OFS में शेयर मिलना और उसके बाद बाजार भाव का ऊपर जाना दो अलग-अलग बातें हैं।
निष्कर्ष
हिंदुस्तान कॉपर के OFS ने शेयर में शॉर्ट टर्म दबाव जरूर बढ़ाया है। सरकार का 3% बेस ऑफर और अतिरिक्त 3% ग्रीन-शू विकल्प बाजार में संभावित सप्लाई बढ़ाता है। वहीं ₹514 का फ्लोर प्राइस पिछले बंद भाव से करीब 10.4% कम है। यही वजह है कि डिस्काउंट के बावजूद शेयर 25 अगस्त को करीब 7% तक टूट गया।
रिटेल निवेशकों के लिए OFS 26 अगस्त को खुलेगा। ऐसे में केवल डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल, मौजूदा बाजार भाव और OFS में निवेशकों की मांग को ध्यान में रखकर फैसला लेना बेहतर होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से सलाह लें।


