Swades Actress Gayatri Oberoi House: शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेस’ में गीता का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाली गायत्री ओबेरॉय लंबे समय से फिल्मों से दूर हैं। हालांकि, उनकी लाइफस्टाइल और मुंबई के जुहू स्थित आलीशान घर की चर्चा अक्सर होती रहती है। समुद्र किनारे बना यह करीब 75 हजार वर्गफुट में फैला नौ मंजिला घर किसी लग्जरी रिजॉर्ट से कम नहीं है। निजी थिएटर, जिम, स्पा, रूफटॉप इन्फिनिटी पूल और शानदार आर्ट कलेक्शन जैसी सुविधाएं इसे बेहद खास बनाती हैं।
गायत्री ओबेरॉय ने एक्टिंग से दूरी बनाने के बाद बिजनेसमैन विकास ओबेरॉय के साथ अपनी पारिवारिक जिंदगी पर फोकस किया। दोनों का यह घर सिर्फ अपनी भव्यता के लिए ही नहीं, बल्कि इसके सोच-समझकर किए गए डिजाइन के लिए भी खास माना जाता है। घर की डिजाइनिंग में खुली जगह, प्राकृतिक रोशनी, समुद्र के नजारे और परिवार की निजता को प्रमुखता दी गई है।
75 हजार वर्गफुट में फैला 9 मंजिला घर
मुंबई के पॉश जुहू इलाके में समुद्र के सामने स्थित इस घर का क्षेत्रफल करीब 75 हजार वर्गफुट बताया जाता है। घर को मशहूर इतालवी आर्किटेक्ट पिएरो लिसोनी ने डिजाइन किया है।
ओबेरॉय परिवार ने इस घर की योजना करीब 2015 में शुरू की थी। डिजाइन का उद्देश्य सिर्फ एक बड़ा और महंगा घर बनाना नहीं था, बल्कि ऐसा स्पेस तैयार करना था जहां परिवार आराम से रह सके, मेहमानों की मेजबानी हो सके और बड़े आयोजनों के लिए भी पर्याप्त जगह मौजूद रहे।
घर की सबसे खास बात इसका लेआउट है। नीचे की मंजिलों को मुख्य रूप से मेहमानों और आयोजनों के लिए रखा गया है, जबकि ऊपर जाते-जाते घर का माहौल ज्यादा निजी होता जाता है।
घर में हैं दो अलग एंट्री और सीढ़ियां
इस विशाल घर में प्रवेश के लिए दो अलग-अलग एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं। यहां एक गोलाकार ड्राइववे भी है, जो घर के डिजाइन को और भव्य बनाता है।
घर में दो अलग सीढ़ियां हैं। इनमें से एक का इस्तेमाल मेहमानों के लिए किया जाता है, जबकि दूसरी निजी हिस्से तक पहुंचने के लिए है। इस तरह घर में मेहमानों और परिवार की आवाजाही को अलग रखने की कोशिश की गई है।
पिएरो लिसोनी ने घर के डिजाइन में सीढ़ियों को भी खास महत्व दिया है। उनका मानना रहा है कि घर के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने के साथ-साथ सीढ़ियां इसकी वास्तुकला का अहम हिस्सा भी बन सकती हैं।
बेसमेंट में जिम, स्पा और निजी थिएटर
घर की दो बेसमेंट मंजिलों में पार्किंग के साथ मनोरंजन और फिटनेस से जुड़ी कई सुविधाएं हैं। यहां निजी जिम और स्पा बनाया गया है, जहां परिवार को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
इसके अलावा घर में करीब 12 लोगों की क्षमता वाला निजी थिएटर भी है। यानी परिवार चाहे तो घर में ही फिल्म देखने का पूरा थिएटर जैसा अनुभव ले सकता है।
मेहमानों और बड़े आयोजनों के लिए अलग स्पेस
ग्राउंड फ्लोर से लेकर तीसरी मंजिल तक का बड़ा हिस्सा मेहमानों और सामाजिक कार्यक्रमों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहां डिनर, पार्टियों और दूसरे बड़े आयोजनों के लिए पर्याप्त जगह है।
गायत्री ने बताया था कि 2025 की शुरुआत में उन्होंने करीब 65 मेहमानों के लिए बैठकर डिनर आयोजित किया था। यह आयोजन एपिक फाउंडेशन के लिए किया गया था।
इतने बड़े आयोजन को घर में आसानी से आयोजित कर पाना इस बात का अंदाजा देता है कि इसकी प्लानिंग कितने बड़े स्तर पर की गई है।
ऊपर की मंजिलों पर बढ़ जाती है प्राइवेसी
इस घर की डिजाइन की एक दिलचस्प खासियत यह है कि मंजिल ऊपर बढ़ने के साथ-साथ निजता भी बढ़ती जाती है।
नीचे के हिस्सों में जहां मेहमानों और आयोजनों के लिए खुली जगहें हैं, वहीं ऊपरी मंजिलों में परिवार के लिए लाउंज और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े निजी हिस्से बनाए गए हैं।
इस डिजाइन के कारण एक ही घर में सामाजिक गतिविधियों और पारिवारिक निजता के लिए अलग-अलग जोन तैयार हो जाते हैं।
रूफटॉप पर इन्फिनिटी पूल, सामने अरब सागर
इस घर की सबसे आकर्षक सुविधाओं में इसका रूफटॉप इन्फिनिटी पूल शामिल है। यहां से अरब सागर का शानदार नजारा दिखाई देता है।
समुद्र को सिर्फ घर के बाहर दिखाई देने वाला दृश्य नहीं माना गया, बल्कि पूरे डिजाइन का हिस्सा बनाया गया है। घर के कई हिस्सों से समुद्र का नजारा मिलता है, जिससे अंदर और बाहर की जगहों के बीच एक खूबसूरत कनेक्शन महसूस होता है।
विकास ओबेरॉय चाहते थे घर में होटल जैसी व्यवस्था
विकास ओबेरॉय की इच्छा थी कि घर की सर्विस और मैनेजमेंट किसी लग्जरी बुटीक होटल की तरह व्यवस्थित हो। शुरुआत में गायत्री को यह विचार बहुत पसंद नहीं आया था। उनका मानना था कि घर का माहौल घर जैसा ही होना चाहिए।
हालांकि, समय के साथ उन्हें भी महसूस हुआ कि इस तरह की व्यवस्था बड़े घर को संभालने और परिवार के साथ-साथ मेहमानों की जरूरतों को पूरा करने में काफी मददगार है।
बड़ी रसोई में बड़े आयोजनों की तैयारी
घर में मोल्टेनी डिजाइन की बड़ी रसोई भी मौजूद है। इसे खासतौर पर बड़े आयोजनों और डिनर के लिए तैयार किया गया है।
विकास ओबेरॉय की इच्छा थी कि जरूरत पड़ने पर विदेशों से शेफ बुलाकर घर में खाना तैयार कराया जा सके। इससे बड़े स्तर पर चैरिटी डिनर जैसे कार्यक्रम आयोजित करना आसान हो सके।
यानी इस घर की रसोई भी सिर्फ परिवार के रोजमर्रा के खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े आयोजनों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है।
महंगा घर, लेकिन इंटीरियर में दिखती है सादगी
इतना बड़ा और लग्जरी घर होने के बावजूद इसके इंटीरियर को जरूरत से ज्यादा चमकदार या भड़कीला नहीं बनाया गया है।
घर में हल्के रंगों, संगमरमर, लकड़ी और प्राकृतिक टेक्सचर का इस्तेमाल किया गया है। वहीं कुछ जगहों पर चमकीले रंगों के जरिए इंटीरियर में गर्माहट और जीवंतता जोड़ी गई है।
इसका पूरा डिजाइन आधुनिक लग्जरी और सादगी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है।
एमएफ हुसैन से मंजित बावा तक, घर में खास आर्ट कलेक्शन
ओबेरॉय दंपति को कला में भी खास दिलचस्पी है। उनके घर में एम.एफ. हुसैन, रविंदर रेड्डी और मंजित बावा जैसे चर्चित कलाकारों की कलाकृतियां मौजूद हैं।
दिलचस्प बात यह है कि घर की हर दीवार को पेंटिंग से भरने के बजाय चुनिंदा कलाकृतियों को ही जगह दी गई है। गायत्री के मुताबिक, पिछले कई वर्षों में यात्राओं और नीलामियों के दौरान उन्होंने वही कलाकृतियां खरीदीं, जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से पसंद आईं।
यही वजह है कि इस नौ मंजिला घर की खूबसूरती सिर्फ इसके आकार और लग्जरी सुविधाओं में नहीं, बल्कि इसके डिजाइन, कला और समुद्र के साथ बनाए गए खूबसूरत तालमेल में भी नजर आती है।


