DDA Dwarka Commercial Hub Plan: राजधानी दिल्ली का द्वारका क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े बिजनेस और कमर्शियल हब में शामिल हो सकता है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली प्रशासन द्वारका को निवेश, रोजगार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का नया केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर निवेश, शहरी विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े रोडमैप पर चर्चा की।
बैठक में साफ संकेत दिया गया कि द्वारका को एक स्वच्छ, आधुनिक, तकनीक-आधारित और रोजगार सृजित करने वाले आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
द्वारका बनेगा दिल्ली का नया आर्थिक केंद्र
उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली के दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए शहरी पुनर्विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश-अनुकूल नीतियां बेहद जरूरी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि द्वारका में ऐसा औद्योगिक और व्यावसायिक इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा करे।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बनेगी सबसे बड़ी ताकत
द्वारका की सबसे बड़ी विशेषता इसकी शानदार लोकेशन और कनेक्टिविटी है। यह क्षेत्र इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बेहद करीब है और मेट्रो, एक्सप्रेसवे तथा सड़क नेटवर्क से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
उपराज्यपाल ने कहा कि एशिया के सबसे बड़े योजनाबद्ध (Planned) उप-शहरों में शामिल द्वारका अब पूरी तरह विकसित हो चुका है। ऐसे में यह कॉमर्स, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए निवेश का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता रखता है।
प्रदूषण मुक्त उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन का फोकस ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देने पर रहेगा जो पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं। द्वारका में केवल ग्रीन, क्लीन और नॉन-पॉल्यूटिंग इंडस्ट्रीज को प्राथमिकता देने की योजना है ताकि आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।
FAR नियमों की होगी समीक्षा
बैठक में रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के प्रतिनिधियों ने कई अहम सुझाव दिए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) नियमों की समीक्षा
- निवेशकों के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम
- मंजूरी प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना
- आधुनिक रिसर्च और इनोवेशन सेंटर विकसित करना
- बेहतर शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना
उपराज्यपाल ने इन सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि बदलती शहरी जरूरतों के अनुसार विकास नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाया जाएगा।
आईटी, जीसीसी और नॉलेज इंडस्ट्री पर रहेगा फोकस
द्वारका को केवल पारंपरिक बिजनेस हब नहीं बल्कि नॉलेज-बेस्ड इंडस्ट्रीज का केंद्र बनाने की भी योजना है। इसके तहत—
- आईटी और आईटीईएस कंपनियों को प्रोत्साहन
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने पर जोर
- रिसर्च एवं इनोवेशन सुविधाओं का विस्तार
- स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बेहतर माहौल
साथ ही यशोभूमि और भारत मंडपम जैसे विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर का लाभ उठाकर बिजनेस टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
TOD पॉलिसी से निवेश को मिलेगी रफ्तार
डीडीए ने बताया कि भविष्य की परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। हाल ही में लागू ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी के तहत पात्र परियोजनाओं को सिंगल-पॉइंट और समयबद्ध मंजूरी दी जा रही है।
दिल्ली सरकार भी नई औद्योगिक नीति तैयार कर रही है, जिसके तहत विभागों के बीच मंजूरी प्रक्रिया को डिजिटल और एकीकृत बनाया जाएगा ताकि निवेशकों को कम समय में स्वीकृति मिल सके।
5-स्टार होटल और इवनिंग इकोनॉमी पर भी जोर
दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग ने बताया कि राजधानी की इवनिंग इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए नए अर्बन डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे। वहीं आईटीपीओ ने द्वारका और आसपास के क्षेत्र में फाइव-स्टार होटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की, जिससे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, प्रदर्शनी और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली के विकास को मिलेगी नई दिशा
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Ease of Doing Business विजन को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली प्रशासन पारदर्शी, निवेशक-अनुकूल और तेज मंजूरी वाले इकोसिस्टम पर काम कर रहा है। द्वारका का यह मेगा कमर्शियल हब न केवल निवेश आकर्षित करेगा बल्कि हजारों नए रोजगार पैदा करेगा और दिल्ली को वैश्विक आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


