HAL Share Price: सरकारी फैसले के बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में मंगलवार, 8 सितंबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही शेयर करीब 4 फीसदी तक चढ़ गया। दरअसल, डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये के डिफेंस इक्विपमेंट खरीद प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें 138 एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) की खरीद भी शामिल है।
भारतीय डिफेंस सेक्टर की प्रमुख सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के निवेशकों के लिए मंगलवार का कारोबारी सत्र काफी अहम रहा। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर में तेज उछाल आया। इस तेजी की बड़ी वजह डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) का करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद को मंजूरी देना है।
खास बात यह है कि इस खरीद में करीब 98 फीसदी हिस्सा भारतीय कंपनियों से लिया जाना है। ऐसे में HAL समेत देश की अन्य डिफेंस कंपनियों के लिए आने वाले समय में बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
बाजार खुलते ही 4 फीसदी तक उछला HAL का शेयर
HAL के शेयर में मंगलवार को कारोबार शुरू होते ही खरीदारी देखने को मिली। सुबह करीब 11 बजे तक कंपनी का शेयर लगभग 3.80 फीसदी की तेजी के साथ 5,039 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। इससे पहले शुरुआती कारोबार में इसमें करीब 4 फीसदी तक की तेजी देखी गई।
साल 2026 में अब तक HAL के शेयर ने निवेशकों को 14 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। खास बात यह है कि इसी अवधि में व्यापक बाजार सूचकांक Nifty पर दबाव रहा है।
HAL भारत सरकार की प्रमुख डिफेंस कंपनियों में शामिल है। कंपनी फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर और दूसरे रक्षा उपकरणों के निर्माण के साथ-साथ उनके रखरखाव से जुड़ा काम भी करती है।
1.1 लाख करोड़ रुपये के डिफेंस खरीद प्रस्ताव को मंजूरी
डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने 7 सितंबर 2026 को लगभग 1.1 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद के प्रस्तावों को मंजूरी दी।
इस खरीद का इस्तेमाल भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रस्तावित खरीद में करीब 98 फीसदी खरीदारी भारतीय कंपनियों से किए जाने की शर्त है।
इससे घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है। सरकार पिछले कुछ वर्षों से डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दे रही है।
HAL को मिलेगा 138 ALH का ऑर्डर
DAC की मंजूरी में 138 Advanced Light Helicopters (ALH) की खरीद का प्रस्ताव भी शामिल है। इस फैसले को HAL के लिए खास तौर पर सकारात्मक माना जा रहा है, क्योंकि ALH का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड करती है।
बड़े हेलिकॉप्टर ऑर्डर से कंपनी की भविष्य की ऑर्डर बुक को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि DAC के फैसले के बाद निवेशकों ने HAL के शेयर में खरीदारी बढ़ाई।
CLSA ने दिया 5,481 रुपये का टारगेट
विदेशी ब्रोकरेज फर्म CLSA ने HAL के शेयर पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 5,481 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
अगर 7 सितंबर के क्लोजिंग स्तर से इसकी तुलना की जाए, तो CLSA के टारगेट तक पहुंचने पर शेयर में करीब 13 फीसदी तक की संभावित तेजी बन सकती है।
CLSA के मुताबिक HAL की मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है। ब्रोकरेज का मानना है कि बाजार में मजबूत स्थिति होने के बावजूद कंपनी का शेयर वैल्यूएशन के लिहाज से आकर्षक नजर आता है।
HAL की ऑर्डर बुक बनी सबसे बड़ी ताकत
HAL के लिए सबसे महत्वपूर्ण पॉजिटिव फैक्टर उसकी मजबूत ऑर्डर बुक है। भारतीय डिफेंस सेक्टर में सरकार की बढ़ती खरीद और स्वदेशी रक्षा उपकरणों पर जोर से कंपनी को लंबे समय में फायदा मिल सकता है।
फाइटर जेट और हेलिकॉप्टर से लेकर उनके मेंटेनेंस और अपग्रेडेशन तक HAL की मौजूदगी डिफेंस सप्लाई चेन के कई हिस्सों में है। इसलिए नए सरकारी ऑर्डर कंपनी की भविष्य की कमाई के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
बाजार में गिरावट के बीच HAL में तेजी
HAL के शेयर में यह तेजी ऐसे समय आई है जब मंगलवार को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखने को मिल रहा था।
करीब 11 बजे तक Nifty लगभग 0.41 फीसदी यानी 98 अंक गिरकर 23,682 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Sensex करीब 391 अंक यानी 0.52 फीसदी की गिरावट के साथ 75,734 के आसपास था।
Bank Nifty में भी लगभग 0.27 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली। यानी व्यापक बाजार में दबाव के बावजूद HAL के शेयर में निवेशकों की खरीदारी बनी रही।
क्या HAL में अभी निवेश करना सही है?
HAL को लेकर डिफेंस सेक्टर में बढ़ती सरकारी खरीद, मजबूत ऑर्डर बुक और घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर सरकार के जोर को सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। CLSA का 5,481 रुपये का टारगेट मौजूदा स्तर से संभावित तेजी की ओर इशारा करता है।
हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले केवल ब्रोकरेज के टारगेट को आधार नहीं बनाना चाहिए। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है और किसी भी कंपनी के शेयर की कीमत कई अन्य कारकों से प्रभावित हो सकती है।
इसलिए निवेशकों को कंपनी के तिमाही नतीजे, ऑर्डर बुक, वैल्यूएशन, कर्ज, सरकारी ऑर्डर और बाजार की स्थिति का आकलन करने के बाद ही निवेश का फैसला लेना चाहिए। जरूरत पड़ने पर SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
जरूरी डिस्क्लेमर
यह लेख उपलब्ध बाजार जानकारी और ब्रोकरेज की राय पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें।


