Fly-Hi Maritime Travels IPO Listing: बी2बी ट्रैवल सर्विस देने वाली कंपनी फ्लाई-हाई मैरिटाइम ट्रैवल्स के शेयरों की मंगलवार को BSE SME प्लेटफॉर्म पर कमजोर शुरुआत हुई। कंपनी के IPO में शेयर का इश्यू प्राइस ₹102 तय किया गया था, लेकिन लिस्टिंग के दिन शेयर ₹81.60 पर खुला। इस तरह IPO निवेशकों को पहली ही कारोबारी शुरुआत में करीब 20% का नुकसान हुआ।
कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग से पहले IPO को निवेशकों की तरफ से बहुत मजबूत प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। इश्यू कुल मिलाकर 2.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था। हालांकि, रिटेल निवेशकों ने अपेक्षाकृत बेहतर दिलचस्पी दिखाई थी।
₹102 का शेयर ₹81.60 पर हुआ लिस्ट
फ्लाई-हाई मैरिटाइम ट्रैवल्स के IPO में शेयरों का इश्यू प्राइस ₹102 प्रति शेयर रखा गया था। BSE SME पर इसकी एंट्री ₹81.60 के भाव पर हुई। यानी लिस्टिंग प्राइस इश्यू प्राइस से ₹20.40 कम रहा।
प्रतिशत के हिसाब से देखें तो IPO निवेशकों को लिस्टिंग पर करीब 20% का नुकसान हुआ। यदि कोई निवेशक IPO में मिले एक लॉट के सभी शेयरों को लिस्टिंग प्राइस पर बेचता, तो उसे इश्यू प्राइस के मुकाबले कम रकम मिलती।
कैसा रहा Fly-Hi Maritime Travels IPO का सब्सक्रिप्शन?
फ्लाई-हाई मैरिटाइम ट्रैवल्स का करीब ₹53 करोड़ का IPO 1 सितंबर से 3 सितंबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस इश्यू को कुल मिलाकर 2.12 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
निवेशकों की अलग-अलग कैटेगरी में प्रतिक्रिया कुछ इस तरह रही:
- कुल सब्सक्रिप्शन: 2.12 गुना
- रिटेल निवेशक: 3.66 गुना
- NII कैटेगरी: 0.58 गुना
यानी रिटेल निवेशकों की ओर से इश्यू को अच्छा रिस्पांस मिला, लेकिन NII कैटेगरी पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं हो पाई। कमजोर सब्सक्रिप्शन और बाजार में बने दबाव का असर लिस्टिंग पर भी दिखाई दिया।
IPO से जुटाए पैसों का क्या करेगी कंपनी?
फ्लाई-हाई मैरिटाइम ट्रैवल्स के IPO में नए शेयर जारी करने के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल भी शामिल था। कंपनी ने करीब ₹43 करोड़ के नए शेयर जारी किए हैं। इसके अलावा ₹5 फेस वैल्यू वाले 9,99,600 शेयरों की OFS के जरिए बिक्री की गई।
OFS से मिलने वाली रकम कंपनी के बजाय शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरहोल्डर्स को जाती है। वहीं, नए शेयर जारी करके मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार से जुड़ी अलग-अलग जरूरतों में करेगी।
कंपनी के मुताबिक IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से इन कामों में किया जाना है:
- ₹24.24 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए
- ₹4 करोड़ कर्ज कम करने के लिए
- ₹1.80 करोड़ मार्केटिंग और बिजनेस डेवलपमेंट गतिविधियों पर
- ₹6.37 करोड़ सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए
- ₹6.03 करोड़ IPO से जुड़े खर्चों के लिए
इससे साफ है कि IPO से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के रोजमर्रा के कारोबार को सपोर्ट करने और वर्किंग कैपिटल की जरूरत पूरी करने में लगाया जाएगा।
क्या काम करती है Fly-Hi Maritime Travels?
फ्लाई-हाई मैरिटाइम ट्रैवल्स एक B2B ट्रैवल सर्विस कंपनी है। इसका मुख्य कारोबार कमर्शियल शिपिंग कंपनियों के क्रू के ट्रैवल मैनेजमेंट से जुड़ा है।
कंपनी शिपिंग कंपनियों के क्रू सदस्यों की यात्रा से संबंधित कई सेवाएं उपलब्ध कराती है। इनमें एयरलाइन टिकट बुकिंग से लेकर रूट प्लानिंग, होटल बुकिंग और एयरपोर्ट ट्रांसपोर्टेशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी की सेवाओं में शामिल हैं:
- एयर टिकट बुकिंग
- ट्रैवल रूट प्लानिंग
- एयरपोर्ट और ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन
- होटल बुकिंग
- वीजा और इमिग्रेशन को-ऑर्डिनेशन
- ओके-टू-बोर्ड कंफर्मेशन
- रियल-टाइम ट्रैवल ट्रैकिंग
- फ्लाइट में परेशानी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था
- इमरजेंसी ट्रैवल सपोर्ट
- क्रू के जहाज पर पहुंचने की पुष्टि
कंपनी भारत के अलावा साइप्रस, ग्रीस, अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर और यूएई समेत कई देशों में अपनी सेवाएं देती है।
तेजी से बढ़ा कंपनी का मुनाफा
लिस्टिंग पर भले ही कंपनी के शेयर ने निवेशकों को निराश किया हो, लेकिन इसके वित्तीय प्रदर्शन में पिछले कुछ वर्षों के दौरान अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है।
वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 115% से अधिक CAGR की दर से बढ़कर ₹8.43 करोड़ पहुंच गया। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय करीब 17% CAGR की रफ्तार से बढ़कर ₹62.21 करोड़ हो गई।
इससे पता चलता है कि कंपनी के कारोबार और मुनाफे में पिछले कुछ वर्षों में विस्तार हुआ है। हालांकि, सिर्फ मुनाफे की तेज ग्रोथ को देखकर किसी शेयर में निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। कंपनी का वैल्यूएशन, कैश फ्लो, कर्ज, भविष्य की ग्रोथ और SME शेयरों से जुड़े जोखिम भी देखना जरूरी होता है।
कंपनी पर कितना कर्ज है?
मार्च 2026 के अंत तक कंपनी पर करीब ₹12.97 करोड़ का कुल कर्ज था। वहीं, कंपनी के रिजर्व और सरप्लस करीब ₹12.95 करोड़ रहे।
IPO से जुटाई जाने वाली रकम में से ₹4 करोड़ कर्ज कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाने हैं। इससे कंपनी के ऊपर मौजूद कर्ज का बोझ कुछ कम करने में मदद मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखती है लिस्टिंग?
Fly-Hi Maritime Travels के शेयर की कमजोर लिस्टिंग ने दिखाया है कि IPO का सब्सक्रिप्शन और कंपनी की वित्तीय ग्रोथ अच्छी होने के बावजूद लिस्टिंग पर बाजार की धारणा अलग हो सकती है। इस मामले में IPO का इश्यू प्राइस ₹102 था, जबकि शेयर ₹81.60 पर लिस्ट हुआ।
इसलिए SME IPO में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए केवल GMP, सब्सक्रिप्शन या कंपनी के मुनाफे की ग्रोथ देखना पर्याप्त नहीं है। SME शेयरों में लिक्विडिटी और कीमत में उतार-चढ़ाव का जोखिम भी ज्यादा हो सकता है।
निष्कर्ष
Fly-Hi Maritime Travels ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी आय और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है। IPO से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल, कर्ज घटाने और कारोबार के विस्तार से जुड़ी गतिविधियों में किया जाएगा। हालांकि, शेयर की ₹81.60 पर कमजोर लिस्टिंग ने IPO निवेशकों को शुरुआती झटका दिया है। ऐसे में आगे शेयर का प्रदर्शन कंपनी के कारोबारी नतीजों के साथ-साथ बाजार की स्थिति पर भी निर्भर करेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और अन्य जोखिमों का स्वतंत्र रूप से विश्लेषण करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता।


