GST Council Meeting: BRICS शिखर सम्मेलन के चलते 12 सितंबर को होने वाली GST Council की बैठक को टाल दिया गया है। अब यह बैठक 7 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगी। बैठक में बड़े कारोबारियों के GST रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने और रजिस्ट्रेशन कैंसिलेशन की प्रक्रिया में बदलाव समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
GST Council Meeting: जीएसटी काउंसिल की 12 सितंबर 2026 को प्रस्तावित बैठक अब 7 अक्टूबर 2026 को होगी। दरअसल, नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन होना है। इसी को देखते हुए GST Council की बैठक की तारीख आगे बढ़ाई गई है।
सूत्रों के मुताबिक, यह GST Council की 57वीं बैठक होगी। बैठक से पहले अधिकारियों की बैठक 5 और 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है। GST Council की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करती हैं, जबकि इसमें राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल होते हैं।
एक साल से ज्यादा समय बाद होगी GST Council की बैठक
GST Council की पिछली यानी 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर 2025 को हुई थी। उस बैठक में सरकार ने GST की दरों और टैक्स स्लैब को लेकर बड़ा बदलाव किया था।
नई GST व्यवस्था 22 सितंबर 2025 से लागू हुई थी। इसके तहत मुख्य रूप से 5% और 18% के दो टैक्स स्लैब रखे गए। वहीं, बेहद महंगी और कुछ चुनिंदा वस्तुओं के लिए 40% GST की दर तय की गई।
इससे पहले GST व्यवस्था में 5%, 12%, 18% और 28% के चार प्रमुख स्लैब थे। नई व्यवस्था का उद्देश्य टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाना और आम लोगों पर GST का बोझ कम करना था।
बड़े कारोबारियों के GST रजिस्ट्रेशन पर हो सकती है चर्चा
7 अक्टूबर को होने वाली GST Council की बैठक में बड़े कारोबारियों के GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने पर चर्चा संभव है।
खास तौर पर उन कारोबारियों के रजिस्ट्रेशन पर विचार किया जा सकता है, जिनकी हर महीने टैक्स क्रेडिट पास करने की राशि ₹2.5 लाख से अधिक है।
फिलहाल बड़े कारोबारियों के GST रजिस्ट्रेशन को लेकर देशभर में एक जैसी प्रक्रिया नहीं है। केंद्र और अलग-अलग राज्यों में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में अंतर देखने को मिलता है। इससे कारोबारियों और टैक्सपेयर्स को कई बार परेशानी और भ्रम का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में GST Council की बैठक में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को ज्यादा समान, पारदर्शी और आसान बनाने के विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
GST रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की प्रक्रिया में भी बदलाव संभव
बैठक में GST रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की मौजूदा प्रक्रिया को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। इसमें ऑटोमेशन और प्रक्रिया को सरल बनाने से जुड़े बदलावों पर विचार किया जा सकता है।
सरकार का उद्देश्य GST रजिस्ट्रेशन से जुड़ी प्रक्रियाओं को ज्यादा आसान और राज्यों में एकरूप बनाना है। इससे कारोबारियों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई और प्रक्रिया संबंधी दिक्कतों से राहत मिलने की उम्मीद है।
छोटे कारोबारियों के लिए पहले से आसान है GST रजिस्ट्रेशन
छोटे और कम जोखिम वाले कारोबारियों के लिए आसान GST रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था पहले ही शुरू की जा चुकी है। यह सुविधा 1 नवंबर 2025 से लागू हुई थी।
इस व्यवस्था के तहत डेटा के आधार पर GST सिस्टम जिन कारोबारियों को छोटे और कम जोखिम वाले कारोबारी के रूप में पहचानता है, वे इस आसान प्रक्रिया का विकल्प चुन सकते हैं।
कारोबारी खुद भी यह आकलन कर सकते हैं कि उनकी मासिक आउटपुट टैक्स देनदारी ₹2.5 लाख से ज्यादा नहीं है। निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कारोबारियों को अपेक्षाकृत सरल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का लाभ मिल सकता है।
देश में 1.68 करोड़ से ज्यादा GST रजिस्ट्रेशन
देश में इस समय करीब 1.68 करोड़ कारोबार GST के तहत रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में GST रजिस्ट्रेशन और कैंसिलेशन की प्रक्रिया में किसी भी बड़े बदलाव का असर बड़ी संख्या में कारोबारियों पर पड़ सकता है।
7 अक्टूबर को होने वाली GST Council की बैठक में टैक्स रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने और मौजूदा प्रक्रियाओं में एकरूपता लाने से जुड़े फैसलों पर खास नजर रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और एजेंसी इनपुट के आधार पर तैयार की गई है। GST Council की बैठक में अंतिम निर्णय लिए जाने के बाद नियमों में बदलाव की स्थिति स्पष्ट होगी।
एजेंसी इनपुट के साथ


