हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों का सामान सुरक्षित रखना एयरलाइंस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। लेकिन हाल ही में सामने आए एक मामले ने इस भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक फिल्ममेकर ने आरोप लगाया है कि एयरलाइन की लापरवाही के कारण उनका करीब ₹55,000 कीमत का कैमरा ट्राइपॉड पूरी तरह टूट गया। इतना ही नहीं, नुकसान के बदले उन्हें केवल ₹5,000 मुआवजे की पेशकश की गई। सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है और लोग एयरलाइंस की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं।
गोवा से मुंबई की फ्लाइट में हुआ हादसा
फ्रीलांस फिल्ममेकर समीर पंजाबी के अनुसार, उन्होंने 20 जुलाई को गोवा से मुंबई की फ्लाइट में अपना कैमरा ट्राइपॉड चेक-इन कराया था। यह ट्राइपॉड उनका खुद का नहीं बल्कि किराए पर लिया गया प्रोफेशनल उपकरण था, जिसकी कीमत करीब ₹55,000 बताई गई।
समीर का कहना है कि चेक-इन के समय उन्होंने एयरलाइन स्टाफ को स्पष्ट रूप से बताया था कि यह Fragile (नाजुक) सामान है और इसे बेहद सावधानी से संभाला जाए। इसके बावजूद जब वे मुंबई पहुंचे और अपना सामान लिया, तो ट्राइपॉड पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिला।
एयरपोर्ट पर तीन घंटे तक करना पड़ा इंतजार
समीर ने दावा किया कि नुकसान का पता चलते ही उन्होंने एयरलाइन के कस्टमर सर्विस डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, उन्हें करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
उनका आरोप है कि समस्या का समाधान निकालने के बजाय उन्हें केवल औपचारिक जवाब दिए गए और उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
₹55 हजार के नुकसान पर सिर्फ ₹5 हजार का मुआवजा
समीर के मुताबिक, एयरलाइन ने अपनी आंतरिक नीति (SOP) का हवाला देते हुए उन्हें केवल ₹5,000 का मुआवजा देने की पेशकश की।
उन्होंने कहा कि यह ट्राइपॉड किराए का था और अब उन्हें उसके मालिक को पूरे नुकसान की भरपाई करनी पड़ेगी। ऐसे में ₹5,000 का मुआवजा वास्तविक नुकसान के मुकाबले बेहद कम है।
एयरलाइन कर्मचारियों का कहना था कि मुआवजे की राशि कंपनी की नीति और सामान की मौजूदा कीमत के आधार पर तय की जाती है।
सामान फेंकने का वीडियो भी किया शेयर
समीर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें कथित तौर पर ग्राउंड स्टाफ विमान से सामान उतारने के बाद उसे फेंकते हुए दिखाई दे रहा है।
उनका दावा है कि जब उन्होंने यह वीडियो अधिकारियों को दिखाया, तो उन्हें बताया गया कि सामान लोड और अनलोड करने का यही सामान्य तरीका है। इसी जवाब ने उन्हें सबसे ज्यादा निराश किया।
यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों के सामान की सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई।
सोशल मीडिया पर एयरलाइन की जवाबदेही पर उठे सवाल
समीर की पोस्ट वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने उनका समर्थन किया।
कई यूजर्स का कहना है कि एयरलाइंस को यात्रियों के महंगे और नाजुक सामान के प्रति अधिक जिम्मेदार होना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने सलाह दी कि उन्हें जल्दबाजी में ₹5,000 का मुआवजा स्वीकार नहीं करना चाहिए और उचित मुआवजे के लिए आगे कानूनी या उपभोक्ता मंच का सहारा लेना चाहिए।
एयरलाइन ने मांगी माफी
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद संबंधित एयरलाइन ने प्रतिक्रिया देते हुए समीर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
साथ ही एयरलाइन ने आगे की जांच के लिए उनसे PNR और यात्रा से जुड़ी अन्य जानकारी साझा करने का अनुरोध किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम निर्णय सामने आना बाकी है।
हवाई यात्रा में सामान सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये सावधानियां
यदि आप कैमरा, लैपटॉप या अन्य महंगे उपकरण लेकर यात्रा कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें—
- नाजुक सामान पर Fragile टैग जरूर लगवाएं।
- जहां संभव हो, महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केबिन बैगेज में रखें।
- चेक-इन से पहले सामान की फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लें।
- बैगेज टैग और बोर्डिंग पास सुरक्षित रखें।
- सामान क्षतिग्रस्त मिलने पर एयरपोर्ट छोड़ने से पहले तुरंत लिखित शिकायत दर्ज करें।
निष्कर्ष
समीर पंजाबी का मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों के सामान की सुरक्षा के लिए एयरलाइंस कितनी जवाबदेह हैं। यदि कोई यात्री पहले से सामान के नाजुक होने की जानकारी देता है, तब भी नुकसान होने पर उचित मुआवजा और त्वरित समाधान मिलना बेहद जरूरी है। फिलहाल सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जांच के बाद यात्री को वास्तविक नुकसान के अनुरूप न्याय मिलेगा।


