नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और उससे पैदा हुए आर्थिक दबाव के बीच केंद्र सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) तथा एविएशन सेक्टर को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS 5.0) के तहत बैंकों ने अब तक ₹35,000 करोड़ से अधिक के लोन को मंजूरी दे दी है। सरकार का उद्देश्य उन उद्योगों को तत्काल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है जो बढ़ती लागत, नकदी संकट और वैश्विक अनिश्चितताओं से प्रभावित हुए हैं।
Highlights
- MSME और एविएशन सेक्टर के लिए ₹35,000 करोड़ से अधिक के लोन स्वीकृत।
- ECLGS 5.0 के तहत 5-7 दिन में लोन वितरण का दावा।
- 80,000 से अधिक आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है।
- नियमित लोन खातों वाले कारोबारियों को मिलेगा फायदा।
- SMA-2 श्रेणी वाले उधारकर्ता योजना से बाहर रहेंगे।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत लोन स्वीकृति और वितरण प्रक्रिया को काफी हद तक डिजिटल बनाया गया है। इसी वजह से पात्र आवेदकों को कई मामलों में केवल 5 से 7 दिनों के भीतर राशि मिलने लगी है। MSME सेक्टर, जो देश के रोजगार और उत्पादन का एक बड़ा आधार माना जाता है, उसके लिए यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
80 हजार से ज्यादा आवेदनों को मिली मंजूरी
वित्तीय सेवा विभाग के संयुक्त सचिव मनोज मुत्तथिल अयप्पन के अनुसार, 29 मई तक बैंकों ने लगभग 80,000 आवेदनों को मंजूरी दी है। इन स्वीकृतियों का कुल मूल्य ₹35,194 करोड़ तक पहुंच चुका है। इसके अलावा ₹15,720 करोड़ की गारंटी भी जारी की जा चुकी है।
सरकार का मानना है कि संकट के समय उद्योगों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने के लिए जरूरी है। इसी कारण ECLGS 5.0 के तहत अतिरिक्त कर्ज सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
क्या है ECLGS 5.0 योजना?
ECLGS यानी Emergency Credit Line Guarantee Scheme को पहली बार वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू किया गया था। उस समय लाखों छोटे व्यवसायों और उद्योगों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए यह योजना लाई गई थी।
अब सरकार ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के प्रभाव को देखते हुए इसका नया संस्करण ECLGS 5.0 लागू किया है। योजना का उद्देश्य उन व्यवसायों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देना है जिनकी कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं लेकिन जिनकी बुनियादी वित्तीय स्थिति अभी भी मजबूत है।
₹2.55 लाख करोड़ अतिरिक्त कर्ज देने का लक्ष्य
ECLGS 5.0 के तहत सरकार ने कुल ₹2.55 लाख करोड़ के अतिरिक्त कर्ज वितरण का लक्ष्य रखा है। इस पैकेज में एयरलाइन उद्योग के लिए ₹5,000 करोड़ का विशेष प्रावधान भी शामिल किया गया है।
योजना का कुल अनुमानित व्यय ₹18,100 करोड़ बताया गया है। इसके तहत बैंक और वित्तीय संस्थान पात्र कंपनियों को उनकी मौजूदा कार्यशील पूंजी सीमा के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण प्रदान कर सकते हैं।
MSME को मिलेगा 100% गारंटी कवर
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत सरकारी गारंटी है। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) MSME क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण पर 100 प्रतिशत तक गारंटी कवरेज उपलब्ध करा रही है।
वहीं गैर-MSME संस्थाओं के लिए 90 प्रतिशत तक गारंटी दी जा रही है। इससे बैंकों का जोखिम कम होता है और वे ज्यादा तेजी से ऋण स्वीकृत कर पाते हैं।
किन कारोबारियों को मिलेगा फायदा?
योजना का लाभ उन MSME और अन्य पात्र संस्थाओं को मिलेगा जिनका लोन खाता नियमित स्थिति में है। ऐसे व्यवसाय जो अस्थायी नकदी संकट का सामना कर रहे हैं लेकिन उनकी ऋण चुकाने की क्षमता बनी हुई है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अतिरिक्त पूंजी उद्योगों को कच्चा माल खरीदने, कर्मचारियों का वेतन जारी रखने, उत्पादन चक्र बनाए रखने और व्यापार विस्तार में मदद करेगी।
कौन नहीं ले पाएगा योजना का लाभ?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ श्रेणियों के उधारकर्ताओं को योजना से बाहर रखा गया है।
31 मार्च 2026 तक जिन खातों को SMA-2 श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, वे ECLGS 5.0 के लिए पात्र नहीं होंगे।
SMA-2 श्रेणी में वे खाते आते हैं जिनमें मूलधन या ब्याज का भुगतान 60 दिनों से अधिक और 90 दिनों तक बकाया रहता है। ऐसे खातों को संभावित डिफॉल्ट जोखिम वाला माना जाता है।
लोन चुकाने की अवधि क्या होगी?
सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग पुनर्भुगतान अवधि तय की है।
एयरलाइन सेक्टर के लिए ऋण अवधि 7 वर्ष निर्धारित की गई है। इसमें पहले 2 वर्ष तक मोरेटोरियम की सुविधा भी मिलेगी।
वहीं MSME और अन्य पात्र व्यवसायों के लिए ऋण अवधि 5 वर्ष होगी। इसमें पहले 1 वर्ष का मोरेटोरियम शामिल रहेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य उद्योगों को तत्काल नकदी राहत देना और शुरुआती दबाव कम करना है।
MSME मालिक आवेदन कैसे कर सकते हैं?
योजना का लाभ उठाने के लिए व्यवसायी अपने मौजूदा बैंक या वित्तीय संस्थान से संपर्क कर सकते हैं। कई बैंक ऑनलाइन आवेदन सुविधा भी उपलब्ध करा रहे हैं।
आवेदन के दौरान आमतौर पर निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है:
- Udyam Registration Certificate
- GST Registration
- KYC दस्तावेज
- बैंक स्टेटमेंट
- मौजूदा ऋण खाते का विवरण
- वित्तीय विवरण (Financial Statements)
हालांकि अंतिम दस्तावेजों की सूची बैंक और ऋणदाता संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
रोजगार और अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?
MSME क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में करोड़ों लोगों को रोजगार देने में इस क्षेत्र की बड़ी भूमिका है।
यदि छोटे और मध्यम उद्योगों को समय पर पूंजी उपलब्ध हो जाती है तो उत्पादन गतिविधियां प्रभावित होने से बच सकती हैं। इससे रोजगार सुरक्षित रखने, निर्यात बढ़ाने और घरेलू विनिर्माण को समर्थन मिलने की संभावना है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक संकट के दौर में ऐसे राहत पैकेज आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
क्या ECLGS 5.0 से उद्योगों को मिलेगी बड़ी राहत?
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन व्यवसायों को केवल अस्थायी नकदी संकट का सामना करना पड़ रहा है, उनके लिए ECLGS 5.0 काफी उपयोगी साबित हो सकती है। सरकारी गारंटी के कारण ऋण स्वीकृति प्रक्रिया तेज हुई है और उद्योगों को कम समय में पूंजी उपलब्ध हो पा रही है।
हालांकि किसी भी व्यवसाय को अतिरिक्त ऋण लेने से पहले अपनी नकदी स्थिति, पुनर्भुगतान क्षमता और भविष्य की कारोबारी संभावनाओं का मूल्यांकन जरूर करना चाहिए।
FAQs
Q. ECLGS 5.0 क्या है?
यह सरकार की आपातकालीन क्रेडिट गारंटी योजना है जिसके तहत पात्र व्यवसायों को अतिरिक्त ऋण सुविधा प्रदान की जाती है।
Q. इस योजना में कितना ऋण मिल सकता है?
मौजूदा कार्यशील पूंजी सीमा के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण मिल सकता है।
Q. पैसा कितने दिनों में मिल सकता है?
डिजिटल प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई मामलों में 5 से 7 दिनों के भीतर राशि मिल सकती है।
Q. क्या सभी MSME आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। SMA-2 श्रेणी वाले खाते इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
Q. MSME के लिए गारंटी कवरेज कितना है?
NCGTC द्वारा MSME ऋणों पर 100 प्रतिशत तक गारंटी कवरेज उपलब्ध कराया जा रहा है।


