नई दिल्ली: क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के सबसे ज्यादा अरबपति (Billionaires) किस शहर में रहते हैं? अगर आपका जवाब न्यूयॉर्क है तो आप बिल्कुल सही हैं। लेकिन यह बढ़त अब ज्यादा समय तक कायम रहेगी या नहीं, इस पर सवाल उठने लगे हैं। वजह है चीन के शहरों में तेजी से बढ़ती अरबपतियों की संख्या।
Hurun Global Rich List 2026 के मुताबिक, दुनिया के सबसे ज्यादा 146 बिलियनेयर अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहते हैं। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के साथ-साथ दुनिया की शीर्ष कंपनियों का भी सबसे बड़ा केंद्र है। लेकिन चीन के शहर तेजी से इस अंतर को कम कर रहे हैं।
न्यूयॉर्क के बाद चीन का दबदबा
न्यूयॉर्क के बाद चीन का शेनजेन दूसरे स्थान पर है, जहां 132 बिलियनेयर रहते हैं। इसके बाद शंघाई में 120 और बीजिंग में 107 अरबपति रहते हैं। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में 102 बिलियनेयर हैं।
भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई इस सूची में शानदार प्रदर्शन करते हुए 95 अरबपतियों के साथ पांचवें स्थान पर है। यह दिखाता है कि भारत का वित्तीय और कारोबारी इकोसिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है।
टॉप 10 शहर जहां रहते हैं सबसे ज्यादा बिलियनेयर
| रैंक | शहर | देश | बिलियनेयर |
|---|---|---|---|
| 1 | न्यूयॉर्क | अमेरिका | 146 |
| 2 | शेनजेन | चीन | 132 |
| 3 | शंघाई | चीन | 120 |
| 4 | बीजिंग | चीन | 107 |
| 5 | लंदन | ब्रिटेन | 102 |
| 6 | मुंबई | भारत | 95 |
| 7 | हॉन्ग कॉन्ग | चीन (SAR) | 88 |
| 8 | सैन फ्रांसिस्को | अमेरिका | 86 |
| 9 | मॉस्को | रूस | 82 |
| 10 | हांगझोउ | चीन | 65 |
भारत के तीन शहर सूची में शामिल
भारत के लिए यह गर्व की बात है कि दुनिया के सबसे ज्यादा बिलियनेयर वाले शहरों की सूची में तीन भारतीय शहर शामिल हैं।
- मुंबई – 95 बिलियनेयर
- दिल्ली – 64 बिलियनेयर
- बेंगलुरु – 30 बिलियनेयर
मुंबई लंबे समय से देश की वित्तीय राजधानी रही है, जबकि दिल्ली में कारोबारी और औद्योगिक घरानों की मजबूत मौजूदगी है। वहीं बेंगलुरु आईटी, स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी कंपनियों के दम पर तेजी से नए अरबपति तैयार कर रहा है।
सिंगापुर, दुबई और एशिया के अन्य शहर
एशिया के कई अन्य शहर भी इस सूची में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
| शहर | बिलियनेयर |
|---|---|
| सिंगापुर | 59 |
| ताइपे | 51 |
| पेरिस | 44 |
| साओ पाउलो | 41 |
| ग्वांगझू | 41 |
| लॉस एंजिलिस | 40 |
| बैंकॉक | 40 |
| जकार्ता | 32 |
| टोक्यो | 31 |
| इस्तांबुल | 31 |
| स्टॉकहोम | 29 |
| मिलान | 28 |
| टोरंटो | 26 |
| मेलबर्न | 24 |
| दुबई | 24 |
एशिया बन रहा है नई संपत्ति का केंद्र
Hurun Global Rich List 2026 के अनुसार, दुनिया के 32 प्रमुख बिलियनेयर शहरों में से 18 एशिया में हैं। इनमें अकेले चीन की हिस्सेदारी लगभग 34% है। यह दर्शाता है कि एशियाई अर्थव्यवस्थाएं तेजी से वैश्विक संपत्ति निर्माण का केंद्र बन रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-कॉमर्स और वित्तीय सेवाओं के विस्तार की वजह से आने वाले वर्षों में चीन और भारत के शहरों में अरबपतियों की संख्या और तेजी से बढ़ सकती है।
भारत के लिए क्या संकेत हैं?
भारत के तीन शहरों का इस सूची में शामिल होना देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था, बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है। मुंबई वित्तीय गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है, जबकि दिल्ली और बेंगलुरु नई पीढ़ी के उद्यमियों और टेक कंपनियों के दम पर तेजी से वैश्विक पहचान बना रहे हैं। यदि आर्थिक वृद्धि की यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में भारत के शहर भी दुनिया के शीर्ष बिलियनेयर हब की सूची में और ऊपर पहुंच सकते हैं।


