नई दिल्ली: भारत और चीन, दुनिया के दो सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों की तस्वीर इस समय बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। एक तरफ भारत में सोने की बिक्री और आयात में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ चीन ने मई महीने में दो साल से अधिक समय का सबसे ज्यादा सोना आयात कर नया रिकॉर्ड बना दिया है।
ईरान-इजरायल तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की थी। इसके साथ ही सरकार ने सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया। इन दोनों कारणों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया और मई में सोने का आयात तेजी से घट गया।
मई में भारत का गोल्ड इंपोर्ट 39% घटा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में भारत ने 5.63 अरब डॉलर का सोना आयात किया था। लेकिन मई में यह आंकड़ा घटकर 3.42 अरब डॉलर रह गया। यानी सिर्फ एक महीने में सोने का आयात करीब 39.3% कम हो गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे तीन प्रमुख वजहें रहीं—
- सोने की रिकॉर्ड ऊंची कीमतें
- आयात शुल्क बढ़कर 15% होना
- निवेशकों और ग्राहकों का खरीदारी टालना
इन कारणों से ज्वेलरी कारोबारियों की बिक्री भी प्रभावित हुई।
चीन में लगातार तीसरे महीने 150 टन से ज्यादा आयात
भारत के विपरीत चीन में सोने की मांग बेहद मजबूत बनी हुई है। मई में चीन ने 163 टन सोने का आयात किया, जो मार्च 2024 के बाद सबसे अधिक है। खास बात यह है कि यह लगातार तीसरा महीना है जब चीन ने 150 टन से ज्यादा सोना आयात किया है।
साल 2026 के शुरुआती पांच महीनों में चीन का कुल सोना आयात 692 टन तक पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 76% अधिक है।
विश्लेषकों के अनुसार चीन में फिजिकल गोल्ड बार और बुलियन में निवेश की मांग लगातार बढ़ रही है। शेयर बाजार और रियल एस्टेट में अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
चीन का केंद्रीय बैंक भी लगातार खरीद रहा सोना
चीन के केंद्रीय बैंक ने भी मई में 10 टन सोना अपने रिजर्व में जोड़ा। यह लगातार 19वां महीना है जब पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने गोल्ड रिजर्व बढ़ाया है।
इस खरीदारी के बाद चीन का कुल आधिकारिक गोल्ड रिजर्व बढ़कर 2,331 टन हो गया है।
केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी यह संकेत देती है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोना अभी भी सबसे भरोसेमंद रिजर्व एसेट माना जा रहा है।
अमेरिका अब भी सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व रखने वाला देश
हालांकि चीन तेजी से अपने गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी कर रहा है, लेकिन इस मामले में अमेरिका अभी भी दुनिया में सबसे आगे है।
| देश | गोल्ड रिजर्व |
|---|---|
| अमेरिका | 8,133 टन |
| चीन | 2,331 टन |
अमेरिका का गोल्ड रिजर्व चीन से लगभग साढ़े तीन गुना अधिक है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में चीन लगातार अपने रिजर्व में इजाफा कर रहा है।
भारत और चीन की रणनीति में बड़ा अंतर
भारत में सोने की मांग मुख्य रूप से ज्वेलरी और पारंपरिक खरीदारी से जुड़ी रहती है। कीमतें बढ़ने पर घरेलू मांग कमजोर पड़ जाती है। वहीं चीन में व्यक्तिगत निवेशकों के अलावा केंद्रीय बैंक भी लगातार सोना खरीद रहा है, जिससे कुल मांग मजबूत बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता जारी रहती है, तो आने वाले महीनों में चीन की ओर से सोने की खरीदारी मजबूत बनी रह सकती है। वहीं भारत में मांग इस बात पर निर्भर करेगी कि कीमतों और आयात शुल्क में आगे क्या बदलाव होते हैं।
निष्कर्ष
मई का आंकड़ा यह दिखाता है कि भारत और चीन के गोल्ड मार्केट की दिशा फिलहाल अलग-अलग है। भारत में ऊंची कीमतों, आयात शुल्क और खरीदारी में सावधानी के कारण सोने का आयात घटा है, जबकि चीन में निवेशकों और केंद्रीय बैंक की लगातार खरीदारी ने सोने की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। यदि यह रुझान जारी रहा तो आने वाले महीनों में वैश्विक गोल्ड मार्केट पर चीन का प्रभाव और बढ़ सकता है।


