झारखंड के बोकारो जिले से एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जहां ट्रेजरी से पुलिस वेतन मद के नाम पर ₹3.15 करोड़ की फर्जी निकासी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अकाउंटेंट को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे सामने आया पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, Ajay Nath Jha के निर्देश पर ट्रेजरी ऑफिसर Gulab Chand Oraon ने बीएस सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
जांच के दौरान कोषागार रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
वेतन मद से करोड़ों की हेराफेरी
प्रारंभिक जांच में पता चला कि:
- पुलिस उपनिरीक्षक Upendra Singh के नाम पर
- मई 2024 से मार्च 2026 के बीच
- वेतन मद से लगातार रकम निकाली गई
इसके बाद इस राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
अकाउंटेंट ने पत्नी के खाते में भेजे पैसे
जांच में खुलासा हुआ कि पुलिस विभाग के अकाउंटेंट Kaushal Kumar Pandey ने फर्जी निकासी कर रकम अपनी पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी।
मामले की पुष्टि होते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
जिले के प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए:
- सभी संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज किया
- विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए
- अन्य आरोपियों की पहचान शुरू की
इस जांच की जिम्मेदारी Mohd Mumtaz Ansari को सौंपी गई थी, जिनकी रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टि हुई।
जांच जारी, और भी खुलासे संभव
प्रशासन ने साफ किया है कि:
- घोटाले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जाएगी
- किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा
- पूरे मामले की निगरानी खुद उपायुक्त कर रहे हैं
निष्कर्ष
बोकारो ट्रेजरी घोटाला यह दिखाता है कि सरकारी सिस्टम में पारदर्शिता और निगरानी कितनी जरूरी है। करोड़ों रुपये की इस फर्जी निकासी ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है और अब इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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