छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में Amit Jogi को 2003 के चर्चित हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें साजिश का “मास्टरमाइंड” और “मुख्य संचालक” करार दिया।
कोर्ट ने क्या कहा?
Chhattisgarh High Court की डिवीजन बेंच—चीफ जस्टिस Ramesh Sinha और जस्टिस Arvind Kumar Verma—ने ट्रायल कोर्ट के 2007 के फैसले को पलट दिया।
कोर्ट ने कहा कि:
- ट्रायल कोर्ट का फैसला “गलत और साक्ष्यों के विपरीत” था
- उपलब्ध सबूत साफ तौर पर अमित जोगी की भूमिका साबित करते हैं
- साजिश में उनकी केंद्रीय भूमिका थी
किस मामले में हुई सजा?
यह मामला Ramavatar Jaggi की हत्या से जुड़ा है, जो Nationalist Congress Party के नेता थे।
- 4 जून 2003 को रायपुर में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई
- अगले दिन अस्पताल में उनकी मौत हो गई
CBI जांच और आरोप
मामले की जांच पहले राज्य पुलिस ने की, बाद में इसे Central Bureau of Investigation को सौंपा गया।
CBI के अनुसार:
- हत्या एक बड़ी आपराधिक साजिश का हिस्सा थी
- यह राजनीतिक कारणों से की गई थी
- अमित जोगी इस साजिश के “मुख्य योजनाकार” थे
किन धाराओं में सजा?
कोर्ट ने अमित जोगी को:
- IPC की धारा 302 (हत्या)
- IPC की धारा 120-B (आपराधिक साजिश)
के तहत दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
पहले क्या हुआ था?
- 2007 में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था
- बाद में CBI और अन्य पक्षों ने इसे चुनौती दी
- Supreme Court of India के निर्देश पर केस दोबारा खोला गया
अब आगे क्या होगा?
- अमित जोगी फिलहाल जमानत पर हैं
- कोर्ट ने 3 हफ्ते में सरेंडर करने का निर्देश दिया
- उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर दी है
परिवार की प्रतिक्रिया
मृतक के बेटे Satish Jaggi ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि:
- यह फैसला उनके परिवार के लिए “सच्ची श्रद्धांजलि” है
- वे सुप्रीम कोर्ट में सजा बढ़ाकर फांसी की मांग करेंगे
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का यह फैसला एक लंबे समय से चले आ रहे हाई-प्रोफाइल राजनीतिक हत्याकांड में बड़ा मोड़ साबित हुआ है। अब इस मामले पर अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट में अपील के बाद तय होगा।
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