भारत-अर्जेंटीना संबंध: भारत और अर्जेंटीना ने अपने आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ब्यूनस आयर्स में हुई भारत-अर्जेंटीना संयुक्त व्यापार समिति (JTC) की चौथी बैठक में दोनों देशों ने व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। बैठक में खास तौर पर लिथियम खनन, फार्मास्युटिकल्स, कृषि उत्पादों और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2025 में अर्जेंटीना यात्रा के दौरान तय किए गए सहयोग के रोडमैप की भी बैठक में समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार को और विस्तार देने तथा निवेश के नए अवसर तलाशने की प्रतिबद्धता दोहराई।
अर्जेंटीना में लिथियम परियोजना ने बढ़ाया भारत का फोकस
बैठक में खनन, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण लिथियम खनन को माना जा रहा है।
भारत की सरकारी कंपनी खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) अर्जेंटीना में लिथियम परियोजना पर काम कर रही है। कंपनी ने कैटामार्का प्रांत में अपनी परियोजना के दूसरे चरण की ड्रिलिंग पूरी कर ली है।
यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अर्जेंटीना में यह किसी भारतीय कंपनी की पहली लिथियम खनन परियोजना है। इसके अलावा भारत और अर्जेंटीना के बीच साल्टा तथा जुजुय प्रांतों में भी लिथियम और अन्य खनिज संसाधनों से जुड़े सहयोग के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं।
लिथियम इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण खनिज है। ऐसे में अर्जेंटीना के साथ सहयोग भारत की ईवी और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग रणनीति के लिए अहम साबित हो सकता है।
भारतीय दवाओं के लिए आसान हो सकता है अर्जेंटीना का बाजार
भारत और अर्जेंटीना के बीच फार्मास्युटिकल क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। अर्जेंटीना ने अपने औषधि नियामक ढांचे में भारत की स्थिति को एनेक्स-2 से एनेक्स-1 श्रेणी में उन्नत करने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।
इससे भारतीय दवा कंपनियों के लिए अर्जेंटीना के बाजार में प्रवेश से जुड़ी प्रक्रियाएं आसान हो सकती हैं। इसका फायदा भारतीय फार्मा कंपनियों को निर्यात बढ़ाने के रूप में मिल सकता है। साथ ही अर्जेंटीना में अपेक्षाकृत सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता भी बढ़ने की उम्मीद है।
दोनों देशों ने वर्ष 2019 में अर्जेंटीना की राष्ट्रीय औषधि, खाद्य एवं चिकित्सा प्रौद्योगिकी प्रशासन संस्था और भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के बीच हुए समझौते को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
बैठक में आयुर्वेद और योग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त पहल की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
6.5 अरब डॉलर के पार पहुंचा भारत-अर्जेंटीना व्यापार
भारत और अर्जेंटीना के बीच व्यापारिक रिश्तों में भी लगातार विस्तार देखने को मिल रहा है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 6.5 अरब डॉलर से अधिक हो गया। इसमें सालाना आधार पर 17 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई।
इस बढ़ते कारोबार के साथ भारत अर्जेंटीना का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है।
दोनों देशों की सरकारें अब व्यापार को और बढ़ाने के लिए नए क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने पर काम कर रही हैं।
भारतीय कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार के रास्ते खुलेंगे
भारत-अर्जेंटीना सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कृषि क्षेत्र भी है। दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य और पादप स्वच्छता मानकों से जुड़े तकनीकी मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ी है।
इसके तहत भारतीय कृषि उत्पादों के लिए अर्जेंटीना के बाजार में पहुंच बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है। इनमें प्याज, दूध और दुग्ध उत्पाद, अंगूर, आलू, केला और दलहन जैसे उत्पाद शामिल हैं।
अगर इन उत्पादों के लिए बाजार पहुंच आसान होती है तो भारतीय किसानों और कृषि निर्यातकों को अर्जेंटीना में नए ग्राहक और बाजार मिल सकते हैं। इससे भारत के कृषि निर्यात को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
5G और AI समेत डिजिटल सेक्टर पर भी नजर
भारत और अर्जेंटीना ने भविष्य के सहयोग के लिए केवल पारंपरिक क्षेत्रों पर ही ध्यान नहीं दिया। बैठक में विमानन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं को भी महत्वपूर्ण क्षेत्र के तौर पर चिन्हित किया गया।
खास तौर पर 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में दोनों देशों के बीच साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
इससे साफ है कि भारत-अर्जेंटीना संबंध अब केवल वस्तुओं के व्यापार तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि रणनीतिक खनिजों, स्वास्थ्य, कृषि और नई तकनीक तक फैल रहे हैं।
लिथियम से डिजिटल टेक्नोलॉजी तक बढ़ती साझेदारी
भारत और अर्जेंटीना के बीच हुई चौथी संयुक्त व्यापार समिति की बैठक से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा मिलने के संकेत मिले हैं। एक तरफ लिथियम जैसी महत्वपूर्ण खनिज संपदा भारत की ऊर्जा और ईवी रणनीति के लिए उपयोगी हो सकती है, वहीं फार्मा और कृषि सहयोग से दोनों देशों के कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है।
इसके साथ 5G, AI, अंतरिक्ष और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग भविष्य में भारत-अर्जेंटीना साझेदारी को और व्यापक बना सकता है। सरकार के अनुसार, इस तरह के सहयोग से भारतीय कंपनियों, किसानों और निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को भी समर्थन मिलेगा।


