Banking for Youth Campaign: देश के युवाओं को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने और उन्हें आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी देने के लिए सरकारी बैंक एक विशेष अभियान शुरू करने जा रहे हैं। यह ‘बैंकिंग फॉर यूथ’ अभियान 2 अक्टूबर 2026 से शुरू किया जाएगा। अभियान की अवधि एक महीने या उससे अधिक हो सकती है। इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक युवाओं के लिए विशेष कियोस्क, बैंकिंग मित्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करेंगे।
HighLights
- 2 अक्टूबर से शुरू होगा ‘बैंकिंग फॉर यूथ’ अभियान।
- सरकारी बैंक युवाओं के लिए युवा कियोस्क और बैंकिंग मित्र बनाएंगे।
- युवाओं को UPI और दूसरी बैंकिंग सेवाओं के इस्तेमाल के लिए कूपन और वाउचर भी दिए जा सकते हैं।
- बैंक युवाओं को क्रेडिट स्कोर और बेहतर क्रेडिट हिस्ट्री के फायदे बताएंगे।
- वित्त मंत्री ने कृषि और खासकर प्रोसेस्ड फूड सेक्टर को अधिक कर्ज देने पर जोर दिया।
2 अक्टूबर से शुरू होगा Banking for Youth अभियान
युवाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए सभी सरकारी बैंक 2 अक्टूबर से ‘बैंकिंग फॉर यूथ’ अभियान चलाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को बैंकिंग सुविधाओं, डिजिटल पेमेंट और वित्तीय सेवाओं के बारे में जागरूक करना है।
इसके तहत सरकारी बैंक युवा कियोस्क और युवा बैंकिंग मित्र स्थापित करेंगे। यहां युवाओं को बैंक खाता खोलने, डिजिटल बैंकिंग, UPI भुगतान और अन्य बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
युवाओं को मिल सकते हैं कूपन और डिस्काउंट
अभियान के दौरान बैंक युवाओं को डिजिटल बैंकिंग के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश करेंगे। UPI भुगतान और दूसरी बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने पर योग एवं फिटनेस सेंटर जैसी जगहों के कूपन और वाउचर दिए जाने की योजना बताई गई है।
इन कूपन और वाउचर के जरिए युवा संबंधित सेवाओं पर डिस्काउंट का लाभ उठा सकेंगे। इसका उद्देश्य युवाओं के बीच बैंकिंग और डिजिटल भुगतान को अधिक आकर्षक बनाना है।
युवाओं के लिए बनाए जाएंगे खास बैंकिंग पोर्टल
सरकारी बैंक युवाओं से करियर और कैंपस स्तर पर जुड़ने के लिए विशेष पोर्टल भी तैयार करेंगे। इन पोर्टल पर युवाओं को बैंकिंग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही जगह मिल सकेंगी।
पोर्टल के जरिए युवा अपने आसपास मौजूद बैंक शाखा की जानकारी भी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा उन्हें यह भी बताया जाएगा कि वे कहां जाकर बिना किसी शुल्क के बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट खोल सकते हैं।
युवाओं को आसान और 24 घंटे उपलब्ध बैंकिंग की जरूरत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों और सरकारी वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों को युवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी युवा आबादी को बैंकिंग सेक्टर से जोड़ने के लिए एक केंद्रित अभियान की जरूरत है।
देश की कुल आबादी में 15 से 29 वर्ष की उम्र के युवाओं की हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत है। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर के लिए यह वर्ग काफी महत्वपूर्ण है।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि युवा सरकारी बैंकों की तुलना में निजी बैंकों की तरफ अधिक आकर्षित हो रहे हैं। इसलिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को युवाओं की जरूरत और पसंद के अनुसार अपनी बैंकिंग सेवाओं को आसान, तेज और चौबीसों घंटे उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए।
क्रेडिट स्कोर की जानकारी भी देंगे बैंक
‘बैंकिंग फॉर यूथ’ अभियान में युवाओं को क्रेडिट स्कोर के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। बैंक युवाओं को बताएंगे कि अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखना क्यों जरूरी है और भविष्य में इसका क्या फायदा मिल सकता है।
बेहतर क्रेडिट हिस्ट्री होने से भविष्य में होम लोन, एजुकेशन लोन, बिजनेस लोन या अन्य क्रेडिट सुविधाओं के लिए आवेदन करते समय मदद मिल सकती है। बैंकों से युवाओं को जिम्मेदारी के साथ क्रेडिट का इस्तेमाल करने के बारे में भी जानकारी देने की उम्मीद है।
युवाओं का पसंदीदा बैंक बनने की कोशिश
वित्त मंत्री ने सरकारी बैंकों से कहा कि उन्हें खुद को इस तरह तैयार करना चाहिए कि युवा उन्हें अपनी पहली पसंद मानें। बैंकिंग सेवाएं केवल खाता खोलने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि युवा उसी बैंक से होम लोन, कारोबार लोन और निवेश या जमा से जुड़ी सेवाएं भी लेना पसंद करें।
इसका मतलब है कि सरकारी बैंकों को युवाओं की बदलती जरूरतों के हिसाब से डिजिटल सुविधाओं और ग्राहक सेवा को और बेहतर बनाने पर जोर देना होगा।
कृषि और प्रोसेस्ड फूड सेक्टर को बढ़ेगा कर्ज
वित्त मंत्री ने सरकारी बैंकों को सिर्फ युवाओं से जुड़े निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि कृषि क्षेत्र में कर्ज बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने खासतौर पर प्रोसेस्ड फूड इंडस्ट्री को मिलने वाले ऋण में बढ़ोतरी की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को दिए जाने वाले कर्ज को और बढ़ाने की आवश्यकता है। बैंकों को केवल कर्ज वितरित करके अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करनी चाहिए, बल्कि लक्ष्य आधारित तरीके से ऐसे क्षेत्रों को वित्तीय मदद देनी चाहिए जिनसे कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
छोटे और गरीब किसानों पर विशेष ध्यान
वित्त मंत्री ने बैंकों से छोटे और गरीब किसानों पर विशेष ध्यान देने को कहा। किसानों को ऐसी वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए जिससे वे अपनी उत्पादकता बढ़ा सकें और नई तरह की फसलों की खेती कर सकें।
इसके साथ ही पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए भी कर्ज की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इससे किसानों को आधुनिक और टिकाऊ कृषि तकनीकों को अपनाने में मदद मिल सकती है।
युवाओं और कृषि दोनों पर फोकस
सरकारी बैंकों के लिए आने वाला अभियान दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर फोकस करता दिखाई दे रहा है। एक तरफ ‘बैंकिंग फॉर यूथ’ के जरिए युवाओं को बैंकिंग और डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की कोशिश होगी, वहीं दूसरी तरफ कृषि और प्रोसेस्ड फूड सेक्टर को अधिक ऋण देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर रहेगा।
अगर सरकारी बैंक इन योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करते हैं, तो युवाओं के बीच बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ने के साथ-साथ छोटे कारोबार, कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में कर्ज की उपलब्धता को भी बढ़ावा मिल सकता है।


