Bandhan Bank Q1 Results: बंधन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजों में 35% की शानदार शुद्ध लाभ (Net Profit) वृद्धि दर्ज की। इसके बावजूद निवेशकों की प्रतिक्रिया बेहद नकारात्मक रही और बैंक का शेयर एक ही दिन में करीब 14% तक टूट गया। इसकी सबसे बड़ी वजह बैंक प्रबंधन द्वारा भविष्य के प्रदर्शन को लेकर सतर्क संकेत (Guidance Cut) देना और प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों द्वारा रेटिंग में कटौती करना रहा।
Highlights
- पहली तिमाही में बंधन बैंक का शुद्ध लाभ 35% बढ़कर ₹502 करोड़ पहुंचा
- शेयर बाजार में बैंक का स्टॉक करीब 14% तक लुढ़का
- RoA और लोन ग्रोथ गाइडेंस में कटौती से निवेशकों की चिंता बढ़ी
- मोतीलाल ओसवाल ने रेटिंग घटाकर ‘Hold’ की
- JP Morgan और Nomura ने भी सतर्क रुख बनाए रखा
35% बढ़ा मुनाफा, फिर भी निवेशक क्यों घबराए?
बंधन बैंक ने जून तिमाही में ₹502 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹372 करोड़ से करीब 35% अधिक है।
हालांकि, इस मुनाफे के पीछे मुख्य वजह बैंक की मजबूत परिचालन आय नहीं, बल्कि प्रोविजन (Provision) में बड़ी कमी रही। बैंक का प्रावधान खर्च 41% घटकर ₹683 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹1,147 करोड़ था।
दूसरी ओर, बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों के कारण बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 19% घट गया, जिससे निवेशकों को बैंक की वास्तविक कमाई क्षमता को लेकर चिंता बढ़ी।
शेयर में 14% तक की बड़ी गिरावट
तिमाही नतीजों के बाद बाजार खुलते ही बंधन बैंक का शेयर दबाव में आ गया।
- पिछला बंद भाव: ₹208.60
- ओपनिंग: ₹187.75 (करीब 10% नीचे)
- इंट्राडे लो: ₹179.25
- कुल गिरावट: लगभग 14%
इस तेज गिरावट से साफ संकेत मिला कि निवेशकों ने केवल मौजूदा मुनाफे पर नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं पर अधिक ध्यान दिया।
मैनेजमेंट ने घटाया RoA गाइडेंस
बंधन बैंक के मैनेजमेंट ने अर्निंग्स कॉल के दौरान अपने Exit Return on Assets (RoA) अनुमान को पहले के 1.6%–1.8% से घटाकर 1.2%–1.4% कर दिया।
इसके अलावा बैंक ने माना कि आने वाले समय में कई चुनौतियां बनी रह सकती हैं, जिनमें शामिल हैं—
- जमा (Deposit) पर बढ़ती लागत
- नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
- कमजोर या अनिश्चित मानसून
- टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च
यही वजह रही कि बाजार ने तिमाही नतीजों से ज्यादा बैंक के भविष्य के संकेतों को गंभीरता से लिया।
मोतीलाल ओसवाल ने घटाई रेटिंग
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने बंधन बैंक की रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Hold’ कर दी है।
हालांकि, उसने ₹225 प्रति शेयर का लक्ष्य मूल्य बरकरार रखा है। यह मौजूदा स्तर से कुछ बढ़त की संभावना दिखाता है, लेकिन पहले की तुलना में ब्रोकरेज का भरोसा कमजोर हुआ है।
साथ ही ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए बैंक की अनुमानित कमाई (Earnings Estimate) में क्रमशः 14% और 6% की कटौती कर दी है।
JP Morgan का क्या कहना है?
वैश्विक ब्रोकरेज JP Morgan ने बंधन बैंक पर ‘Neutral’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹175 प्रति शेयर का लक्ष्य मूल्य दिया है।
ब्रोकरेज का मानना है कि—
- RoA गाइडेंस में कटौती चिंता का बड़ा कारण है।
- लोन ग्रोथ का अनुमान भी 14%-15% के निचले स्तर पर लाया गया है।
- आने वाले समय में शेयर पर दबाव बना रह सकता है।
यदि JP Morgan का अनुमान सही साबित होता है तो मौजूदा स्तर से शेयर में और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
Nomura ने भी रखा सतर्क रुख
ब्रोकरेज फर्म Nomura ने भी बंधन बैंक पर ‘Neutral’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹190 प्रति शेयर का लक्ष्य मूल्य बनाए रखा है।
Nomura का मानना है कि बैंक की भविष्य की ग्रोथ और मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है, इसलिए फिलहाल आक्रामक निवेश की बजाय सतर्क रहने की जरूरत है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बंधन बैंक के तिमाही नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया कि केवल मुनाफा बढ़ना पर्याप्त नहीं होता। यदि कंपनी भविष्य को लेकर कमजोर संकेत देती है, तो बाजार उसकी कड़ी प्रतिक्रिया देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाली तिमाहियों में बैंक की मार्जिन, लोन ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और RoA पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। यदि इन मोर्चों पर सुधार देखने को मिलता है, तभी शेयर में स्थिर रिकवरी की संभावना बनेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


