Asian Market Today: बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। वॉल स्ट्रीट पर रातभर की तेजी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से बाजार की धारणा को सहारा मिला है। हालांकि, अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Nvidia की तिमाही कमाई के नतीजों से पहले निवेशकों में सावधानी बनी हुई है।
Nvidia के नतीजों पर दुनियाभर के निवेशकों की नजर है, क्योंकि इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI सेक्टर में मांग और आगे की ग्रोथ को लेकर संकेत मिल सकते हैं। इसी वजह से अमेरिकी इक्विटी इंडेक्स फ्यूचर्स में हल्की कमजोरी देखने को मिली।
निक्केई और कोस्पी में बढ़त
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई करीब 0.56 फीसदी की बढ़त के साथ 66,228.00 के आसपास कारोबार करता नजर आया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 0.87 फीसदी चढ़ा।
अन्य प्रमुख बाजारों की बात करें तो ताइवान का बाजार 0.31 फीसदी की तेजी के साथ 45,308.25 के स्तर पर पहुंच गया। हांगकांग का हैंगसेंग 0.99 फीसदी की बढ़त के साथ 25,764.00 के आसपास कारोबार करता दिखा।
चीन का शंघाई कंपोजिट 0.50 फीसदी चढ़कर 3,909.04 के स्तर पर नजर आया। इसके उलट सिंगापुर के स्ट्रेट्स टाइम्स में करीब 0.27 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली।
निवेशकों का रुख मिला-जुला
एशियाई बाजारों का मौजूदा रुख निवेशकों की सावधानी को दर्शाता है। एक तरफ कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी से शेयर बाजारों को राहत मिली है। दूसरी तरफ अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं।
इससे पहले अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ था। AI और टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी ने अमेरिकी बाजार को सहारा दिया। अब निवेशकों की नजर Nvidia के नतीजों पर है, जिन्हें AI से जुड़े शेयरों के लिए अहम संकेतक माना जा रहा है।
US ट्रेजरी यील्ड में लगातार दूसरे दिन गिरावट
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में भी नरमी देखने को मिली। 10 साल और 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड लगातार दूसरे दिन नीचे आई। निवेशक अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट द्वारा ट्रेजरी बायबैक बढ़ाने के फैसले के संभावित प्रभावों का आकलन कर रहे हैं।
बॉन्ड यील्ड में गिरावट से आम तौर पर शेयर बाजार के लिए माहौल बेहतर हो सकता है, क्योंकि इससे कंपनियों और निवेशकों के लिए वित्तीय परिस्थितियां कुछ आसान होती हैं। हालांकि, बाजार की दिशा पर महंगाई, ब्याज दरों और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का भी असर बना रहेगा।
डॉलर में हल्की कमजोरी
करेंसी बाजार में भी सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला। डॉलर इंडेक्स, जो प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.1 फीसदी गिरकर 98.87 पर आ गया।
यूरो 0.13 फीसदी मजबूत होकर 1.1677 डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, जापानी येन के मुकाबले डॉलर 0.03 फीसदी मजबूत होकर 159.13 येन पर कारोबार करता दिखा।
एक हफ्ते के निचले स्तर पर क्रूड
कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई। बाजार में अमेरिका और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के बीच ट्रेडर्स के रुख के कारण क्रूड एक सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.14 फीसदी गिरकर 86.68 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, WTI क्रूड फ्यूचर्स 1.91 फीसदी की गिरावट के साथ 80.79 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।
क्रूड की कीमतों में नरमी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए सकारात्मक मानी जा सकती है। हालांकि, रुपये की चाल, वैश्विक तेल आपूर्ति और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे भी कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
भारतीय शेयर बाजार पर भी रहेगी नजर
एशियाई बाजारों के मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ क्रूड की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर रहेगी। इसके अलावा अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों की चाल और Nvidia के नतीजे भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, एशियाई बाजारों में फिलहाल तेजी और कमजोरी के मिले-जुले संकेत हैं। क्रूड और बॉन्ड यील्ड में नरमी बाजार के लिए राहत देने वाली है, लेकिन भू-राजनीतिक अनिश्चितता और प्रमुख अमेरिकी टेक कंपनियों के नतीजों से पहले निवेशकों का सतर्क रहना बाजार की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है।
डिस्क्लेमर: NewsJagran.in पर प्रकाशित बाजार और निवेश संबंधी जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए विचार निवेश सलाह नहीं हैं। निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


