ऑफिस में काम करते समय हर स्थिति का जवाब बहस या गुस्से से देना जरूरी नहीं होता। कई बार समझदारी से सवाल पूछना, बातचीत को रिकॉर्ड में रखना और अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करना ज्यादा फायदेमंद होता है। एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने ऑफिस की मुश्किल परिस्थितियों से निपटने के लिए ऐसे ही कुछ व्यावहारिक तरीके बताए हैं, जो करियर में आगे बढ़ने और प्रोफेशनल रिश्ते बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं।
ऑफिस में हर परेशानी खुलकर सामने नहीं आती। कई बार मैनेजर अचानक कोई नया काम दे देते हैं, जरूरी जानकारी आपसे छूट जाती है, कोई सहकर्मी आपको गॉसिप में शामिल करने की कोशिश करता है या किसी गलती की जिम्मेदारी सीधे आपके ऊपर डाल दी जाती है। ऐसी परिस्थितियों में जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने के बजाय शांत रहकर स्थिति को समझना ज्यादा बेहतर होता है।
अंकुर वारिकू के बताए ये तरीके आपको ऑफिस की अनावश्यक राजनीति और तनाव से बचाने के साथ-साथ अपने काम पर फोकस बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

1. जरूरी बातचीत का डॉक्यूमेंटेशन करें
अगर कोई सीनियर या मैनेजर आपको ऐसा काम देता है जिसे लेकर आपको कुछ असमंजस या असहजता महसूस हो रही है, तो तुरंत बहस करने के बजाय बातचीत को लिखित रूप में रखने की कोशिश करें।
आप उनसे विनम्रता से कह सकते हैं कि काम से जुड़ी जानकारी ईमेल या मैसेज में भेज दें, ताकि सभी निर्देश स्पष्ट रहें। इससे आपको काम की प्राथमिकता, समयसीमा और जिम्मेदारी समझने में आसानी होगी।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि भविष्य में अगर काम को लेकर कोई गलतफहमी होती है, तो आपके पास बातचीत का स्पष्ट रिकॉर्ड मौजूद रहेगा। प्रोफेशनल माहौल में स्पष्ट कम्युनिकेशन कई विवादों को शुरुआत में ही रोक सकता है।
2. हर जानकारी के लिए एक व्यक्ति पर निर्भर न रहें
लगभग हर ऑफिस में कोई न कोई ऐसा व्यक्ति होता है जिसे टीम की छोटी-बड़ी गतिविधियों और अंदर की खबरों की जानकारी रहती है। लेकिन करियर के लिहाज से सिर्फ एक व्यक्ति पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं है।
बेहतर है कि आप टीम के अलग-अलग सदस्यों के साथ अच्छे प्रोफेशनल संबंध बनाएं। अलग-अलग लोगों से बातचीत करने पर आपको काम और संगठन से जुड़ी चीजों को कई नजरियों से समझने का मौका मिलता है।
इसके अलावा अपनी जानकारी और काम से जुड़े जरूरी संसाधनों को खुद समझने की आदत डालें। जितना आप अपने काम में आत्मनिर्भर होंगे, उतना ही किसी एक सहकर्मी पर आपकी निर्भरता कम होगी।
3. ऑफिस की गॉसिप से दूरी बनाकर रखें
ऑफिस में किसी सहकर्मी के बारे में राय पूछी जाए तो तुरंत अपनी प्रतिक्रिया देने से बचना समझदारी हो सकती है। जो बात आपको निजी बातचीत लग रही है, वह आगे किसी दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकती है।
खासकर किसी सहकर्मी की निजी जिंदगी, काम करने के तरीके या मैनेजर से जुड़े मामलों पर अनावश्यक टिप्पणी करने से बचें। आपकी कही हुई बात का संदर्भ बदलकर भी आगे पहुंचाया जा सकता है।
अगर किसी कर्मचारी के काम को लेकर वास्तव में फीडबैक देना जरूरी है, तो उसे सही व्यक्ति के सामने और प्रोफेशनल तरीके से रखें। इससे आपकी छवि भी बेहतर रहती है और अनावश्यक विवाद से भी बचा जा सकता है।
4. जरूरत से ज्यादा काम अपने ऊपर न लें
कई कर्मचारी अच्छे प्रदर्शन की कोशिश में हर नया काम बिना सवाल किए स्वीकार कर लेते हैं। शुरुआत में यह अच्छी बात लग सकती है, लेकिन लगातार जरूरत से ज्यादा जिम्मेदारियां लेने से काम की गुणवत्ता और आपकी उत्पादकता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
अगर आप पहले से कई महत्वपूर्ण काम संभाल रहे हैं और मैनेजर आपको कोई नया टास्क देते हैं, तो अपनी स्थिति स्पष्ट करें। सीधे मना करने के बजाय आप कह सकते हैं कि नया काम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले से कुछ जरूरी काम चल रहे हैं।
इसके बाद मैनेजर से पूछें कि मौजूदा कामों में से किसकी प्राथमिकता कम की जाए। इससे आप काम से बचने वाले कर्मचारी के बजाय प्राथमिकताएं स्पष्ट करने वाले प्रोफेशनल के रूप में सामने आते हैं।
5. गलती का आरोप लगे तो पहले सवाल पूछें
अगर ऑफिस में किसी गलती के लिए आपको जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो तुरंत गुस्सा करने या यह कहने के बजाय कि गलती आपकी नहीं है, पहले पूरी स्थिति समझने की कोशिश करें।
आप शांत तरीके से पूछ सकते हैं कि गलती किस चरण पर हुई और आगे आपसे क्या उम्मीद की जा रही है। इससे बातचीत आरोप-प्रत्यारोप के बजाय समस्या को समझने और उसका समाधान निकालने पर केंद्रित हो जाती है।
साथ ही, अगर वास्तव में आपकी गलती है तो उसे स्वीकार करके सुधार करना आपके प्रोफेशनल व्यवहार को मजबूत करता है। वहीं, अगर गलती किसी गलत कम्युनिकेशन या अस्पष्ट जिम्मेदारी की वजह से हुई है, तो सवाल पूछने से असली स्थिति सामने आ सकती है।
करियर में आगे बढ़ने के लिए क्यों जरूरी हैं ये तरीके?
ऑफिस में प्रमोशन या सैलरी हाइक सिर्फ ज्यादा घंटे काम करने से ही नहीं मिलती। आपकी कम्युनिकेशन स्किल, जिम्मेदारियों को संभालने का तरीका, टीम के साथ व्यवहार और मुश्किल परिस्थितियों में आपका रवैया भी प्रोफेशनल ग्रोथ में अहम भूमिका निभाता है।
अंकुर वारिकू की इन सलाहों का मूल उद्देश्य ऑफिस की हर स्थिति में टकराव पैदा करने के बजाय समझदारी से प्रतिक्रिया देना है। जरूरी बातचीत को रिकॉर्ड में रखना, किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न रहना, गॉसिप से दूरी बनाना, काम की प्राथमिकताएं स्पष्ट करना और आरोप लगने पर सही सवाल पूछना आपको ज्यादा प्रोफेशनल तरीके से काम करने में मदद कर सकता है।
आखिरकार, ऑफिस में हर लड़ाई जीतना जरूरी नहीं है। ज्यादा जरूरी यह है कि आप अपनी ऊर्जा सही जगह लगाएं, अपने काम की गुणवत्ता बनाए रखें और बिना अनावश्यक ड्रामे के अपने करियर को आगे बढ़ाते रहें।


