Highlights
- AI से डरने के बजाय उसे इस्तेमाल करना सीखने की सलाह
- वेदांता चेयरमैन बोले- AI मेरे 75% काम का समय बचाता है
- चीन ने AI के दम पर दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत की
- भारत के युवाओं के पास AI में दुनिया को लीड करने का मौका
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर दुनियाभर में बहस तेज हो गई है। एक तरफ लोग डर रहे हैं कि आने वाले समय में AI लाखों नौकरियां खत्म कर सकता है, वहीं दूसरी तरफ बड़े उद्योगपति इसे भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बता रहे हैं। इसी बीच वेदांता समूह के चेयरमैन Anil Agarwal ने AI को लेकर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि AI से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे सीखकर इस्तेमाल करना चाहिए। उनके मुताबिक आने वाले समय में वही लोग आगे बढ़ेंगे जो AI को अपने काम, बिजनेस और रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करेंगे।
“AI मेरा 75% समय बचा रहा”
अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखे अपने पोस्ट में कहा कि AI उनके काम का करीब 75 फीसदी समय बचा रहा है। उन्होंने कहा कि समय ही सबसे बड़ा पैसा है और AI इंसान की उत्पादकता को कई गुना तक बढ़ा सकता है।
उन्होंने बताया कि अब कई ऐसे काम, जिनमें पहले घंटों लग जाते थे, AI की मदद से कुछ मिनटों में पूरे हो जाते हैं। खास बात यह है कि उन्होंने AI का फायदा सिर्फ टेक्नोलॉजी सेक्टर तक सीमित नहीं बताया, बल्कि बिजनेस स्ट्रैटेजी, रिसर्च, डेटा एनालिसिस और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी इसकी बड़ी भूमिका बताई।
उनका कहना था कि AI का असली फायदा उस इंसान को मिलेगा जो सही सवाल पूछना जानता है। यानी आने वाले समय में सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि “स्मार्ट काम” ज्यादा मायने रखेगा।
चीन का उदाहरण देकर क्या बोले?
अनिल अग्रवाल ने AI की ताकत समझाने के लिए चीन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पिछले एक-दो साल में चीन ने AI के दम पर पूरा खेल बदल दिया है।
उनके मुताबिक चीन अब इस तकनीक में अमेरिका के लगभग बराबर पहुंच चुका है। पहले जहां AI सेक्टर में अमेरिकी कंपनियों का दबदबा माना जाता था, वहीं अब चीन की कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
दरअसल, चीन ने पिछले कुछ वर्षों में AI रिसर्च, चिप टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश किया है। वहां सरकार और निजी कंपनियां मिलकर AI इकोसिस्टम तैयार कर रही हैं। इसका असर अब वैश्विक टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धा में साफ दिखाई दे रहा है।
AI को लेकर चीन की आक्रामक रणनीति का असर दुनिया की बड़ी कंपनियों पर भी पड़ा है। अमेरिका और यूरोप की कई कंपनियां अब AI निवेश बढ़ाने को मजबूर हो गई हैं।
भारत के लिए क्यों बड़ा मौका?
Sometimes I get a sense that people fear AI. Nobody should. Use it. Ask it the right questions.
I have experienced that it saves 75% of my time. And time is money. It will improve your productivity like you would never have imagined.
Look at what China has done with AI. In the… pic.twitter.com/Vy6ax6RQwg
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) May 21, 2026 अनिल अग्रवाल का मानना है कि भारत के पास भी AI में दुनिया को लीड करने का शानदार मौका है। उन्होंने कहा कि भारतीयों के पास टेक्नोलॉजी का मजबूत DNA है और देश की सबसे बड़ी ताकत अंग्रेजी भाषा है।
उनके मुताबिक भारतीय युवा AI टूल्स को दुनिया के कई देशों से बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। भारत में बड़ी संख्या में इंजीनियर, डेवलपर्स और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स मौजूद हैं, जो AI क्रांति का फायदा उठा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर भारत सही समय पर AI सेक्टर में तेजी से निवेश करता है तो आने वाले वर्षों में देश दुनिया का बड़ा टेक्नोलॉजी हब बन सकता है।
युवाओं से की खास अपील
वेदांता चेयरमैन ने खास तौर पर युवाओं को AI अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि AI की मदद से नए स्टार्टअप, बिजनेस मॉडल और इनोवेशन तैयार किए जा सकते हैं।
उनके मुताबिक आने वाले समय में AI सिर्फ नौकरी करने का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि रोजगार पैदा करने का सबसे बड़ा जरिया बन सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत के युवा अगर AI को जल्दी सीख लेते हैं तो वे दुनिया के लिए काम कर सकते हैं। इससे न सिर्फ उनकी कमाई बढ़ेगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
क्या सच में नौकरियां खत्म होंगी?
AI को लेकर सबसे बड़ा डर नौकरी जाने का है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ऑटोमेशन और AI के कारण लाखों पारंपरिक नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि AI नई तरह की नौकरियां भी पैदा करेगा। जैसे: AI Prompt Engineer, AI Trainer, Automation Specialist, Data Analyst, AI Content Strategist, Cyber Security Expert. यानी आने वाले समय में वही लोग ज्यादा सफल होंगे जो नई तकनीक के साथ खुद को तेजी से अपडेट करेंगे।
भारत में तेजी से बढ़ रहा AI बाजार
भारत में भी AI सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। बैंकिंग, हेल्थकेयर, एजुकेशन, ई-कॉमर्स, मीडिया और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर AI का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं।
सरकार भी डिजिटल इंडिया और टेक्नोलॉजी मिशन के जरिए AI को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। कई भारतीय स्टार्टअप AI आधारित प्रोडक्ट तैयार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले पांच वर्षों में AI भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार को पूरी तरह बदल सकता है।
AI से डरें नहीं, सीखें
अनिल अग्रवाल का साफ कहना है कि AI भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बनने वाला है। जो लोग इसे सीखेंगे और अपनाएंगे, वही आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हर नई तकनीक शुरुआत में डर पैदा करती है, लेकिन समय के साथ वही तकनीक दुनिया बदल देती है। इंटरनेट और स्मार्टफोन की तरह AI भी आने वाले समय में हर क्षेत्र का हिस्सा बनने जा रहा है।
ऐसे में भारत के युवाओं के लिए यह सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि बड़ा आर्थिक अवसर भी साबित हो सकता है।
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