नई दिल्ली। देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनी ITC Limited आज वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी करने जा रही है। इस बार बाजार की नजर सिर्फ कंपनी की कमाई पर नहीं, बल्कि उस असर पर भी है जो केंद्र सरकार द्वारा तंबाकू उत्पादों पर बढ़ाए गए टैक्स के बाद कंपनी के कारोबार पर पड़ा है।
दरअसल, 1 फरवरी 2026 के बजट में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाया गया था। इसके बाद यह ITC की पहली पूर्ण तिमाही है, इसलिए निवेशक यह समझना चाहते हैं कि कंपनी के सबसे बड़े बिजनेस यानी सिगरेट कारोबार पर इसका कितना असर पड़ा है।
ITC की कुल कमाई और मुनाफे में सिगरेट कारोबार की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रहती है। ऐसे में टैक्स बढ़ोतरी का सीधा असर कंपनी के मार्जिन, वॉल्यूम ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी पर दिख सकता है। हालांकि, FMCG और होटल कारोबार से कुछ राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
जनवरी से दबाव में ITC का शेयर
ITC के शेयरों में जनवरी 2026 से लगातार कमजोरी देखने को मिली है। बजट के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ी कि तंबाकू पर टैक्स बढ़ने से कंपनी की सबसे मजबूत कमाई वाली कैटेगरी प्रभावित हो सकती है।
इसी वजह से कंपनी का शेयर करीब 402 रुपये के स्तर से गिरकर 287 रुपये तक पहुंच गया। फिलहाल स्टॉक करीब 307 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि Q4 नतीजे आने के बाद शेयर में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।
सिगरेट कारोबार पर सबसे ज्यादा नजर
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इस तिमाही में ITC के सिगरेट कारोबार पर दबाव रह सकता है। ब्रोकरेज हाउस Citi के अनुसार, कंपनी के सिगरेट बिजनेस के राजस्व में सालाना आधार पर लगभग 2 फीसदी तक गिरावट आ सकती है। वहीं, सेल्स वॉल्यूम लगभग सपाट रहने का अनुमान है। इसका मतलब यह है कि टैक्स बढ़ने के बाद मांग में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आई, लेकिन ग्रोथ की रफ्तार जरूर धीमी हुई है।
इसके अलावा कच्चे तंबाकू की लागत बढ़ने से कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि सिगरेट सेगमेंट का EBIT करीब 5 फीसदी तक गिर सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह ITC के लिए चिंता की बात होगी क्योंकि यही बिजनेस कंपनी को सबसे ज्यादा मुनाफा देता है।
FMCG बिजनेस से मिल सकती है राहत
हालांकि ITC के लिए पूरी तस्वीर नकारात्मक नहीं दिख रही। कंपनी का FMCG बिजनेस लगातार मजबूत हो रहा है। पैकेज्ड फूड, स्नैक्स, बिस्किट, आटा, डेयरी और पर्सनल केयर सेगमेंट में कंपनी अच्छी ग्रोथ दर्ज कर सकती है। ITC पिछले कुछ सालों से अपने नॉन-तंबाकू कारोबार को तेजी से बढ़ाने पर फोकस कर रही है ताकि सिगरेट बिजनेस पर निर्भरता कम की जा सके।
ब्रोकरेज फर्म Nuvama और Yes Securities का मानना है कि FMCG कारोबार में सुधार से कंपनी को कुछ राहत मिलेगी, हालांकि यह सिगरेट कारोबार की कमजोरी की पूरी भरपाई नहीं कर पाएगा।
EBITDA मार्जिन में गिरावट की आशंका
विश्लेषकों के मुताबिक ITC का कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन इस तिमाही में घट सकता है। Nuvama और Yes Securities का अनुमान है कि कंपनी का EBITDA मार्जिन करीब 72 से 76 बेसिस पॉइंट तक घटकर लगभग 34 फीसदी रह सकता है। इसका मुख्य कारण बढ़ती इनपुट लागत और टैक्स दबाव माना जा रहा है।
अगर मार्जिन में उम्मीद से ज्यादा गिरावट आती है तो निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है। दूसरी तरफ अगर कंपनी बेहतर मार्जिन बनाए रखने में सफल रहती है तो यह शेयर के लिए पॉजिटिव संकेत माना जाएगा।
कृषि कारोबार भी रह सकता है कमजोर
ITC का एग्री बिजनेस भी इस बार दबाव में रह सकता है। ग्लोबल कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और निर्यात मांग में नरमी की वजह से इस सेगमेंट में कमजोरी देखने को मिल सकती है।
यही कारण है कि कई ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के कुल राजस्व में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं जताई है। अनुमान है कि कंपनी की कुल आय लगभग सपाट रह सकती है या बेहद मामूली वृद्धि दर्ज कर सकती है।
निवेशकों के लिए सबसे अहम क्या रहेगा?
इस बार सिर्फ Q4 नंबर ही नहीं, बल्कि मैनेजमेंट की भविष्य को लेकर टिप्पणी ज्यादा अहम होगी। बाजार खासतौर पर इन बातों पर नजर रखेगा: टैक्स बढ़ोतरी के बाद सिगरेट मांग का ट्रेंड, कंपनी आगे कीमतें बढ़ाएगी या नहीं, FMCG बिजनेस की ग्रोथ रणनीति, मार्जिन सुधार की संभावना, FY27 के लिए कंपनी का आउटलुक अगर मैनेजमेंट मजबूत गाइडेंस देता है और FMCG कारोबार उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करता है, तो शेयर में रिकवरी देखने को मिल सकती है।
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि ITC अब एक ट्रांजिशन फेज में है। पहले कंपनी का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन सिर्फ सिगरेट बिजनेस था, लेकिन अब FMCG, होटल और एग्री बिजनेस भी बड़ी भूमिका निभाने लगे हैं। हालांकि सच्चाई यह भी है कि आज भी कंपनी की सबसे ज्यादा कमाई सिगरेट कारोबार से ही आती है। इसलिए सरकार की टैक्स पॉलिसी का असर ITC पर सबसे ज्यादा दिखाई देता है।
यही वजह है कि आज आने वाले Q4 नतीजे सिर्फ एक तिमाही रिपोर्ट नहीं, बल्कि आने वाले महीनों के लिए कंपनी की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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