NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    anil-agarwal-ai-china-india-rich-formula-hindi-news
    ‘चीन ने पूरा खेल ही बदल दिया’, वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल बोले- AI सीखो, यही अमीर बनने का नया फॉर्मूला
    21 मई 2026
    china-yuan-vs-indian-rupee-dollar-strength-explained
    भारत का रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, लेकिन चीनी युआन ने रचा इतिहास; आखिर ड्रैगन ने डॉलर को कैसे साधा?
    21 मई 2026
    pm-modi-five-country-visit-india-40-billion-dollar-investment
    प्रधानमंत्री मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को 40 अरब डॉलर निवेश का भरोसा, सेमीकंडक्टर से AI तक कई सेक्टरों को मिलेगा फायदा
    21 मई 2026
    modi-gift-to-meloni-muga-silk-stole-price-and-speciality
    Modi Gift to Meloni: पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को गिफ्ट किया मूगा सिल्क स्टोल, जानिए क्यों कहलाता है ‘गोल्डन सिल्क’?
    21 मई 2026
    lockdown-whatsapp-scam-pm-modi-work-from-home-warning
    Lockdown Scam: PM Modi की वर्क फ्रॉम होम अपील के बाद एक्टिव हुए साइबर ठग, WhatsApp पर भूलकर भी ना करें ये 3 गलतियां
    21 मई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-today-gold-silver-rate-fall-in-india-city-wise-price
    Gold Silver Price Today: लगातार दूसरे दिन सोने-चांदी में गिरावट, जानिए आपके शहर में आज क्या है नया भाव
    21 मई 2026
    gold-silver-price-today-21-may-2026-gold-rate-silver-price-city-wise
    Gold Silver Price Today May 21: चांदी में बड़ी उछाल, सोना भी चमका, जानें आपके शहर में आज का नया रेट
    21 मई 2026
    diesel-price-today-india-21-may-2026-diesel-rate-hike-impact
    Diesel Price Today: कई शहरों में डीजल ₹100 के करीब, कच्चे तेल और टैक्स का दिख रहा असर; जानिए आपके शहर का नया रेट
    21 मई 2026
    petrol-price-today-india-21-may-2026
    Petrol Price Today: कई शहरों में ₹110 के करीब पहुंचा पेट्रोल, जानिए आपके शहर में क्या है नया रेट
    21 मई 2026
    png-price-today-india-mumbai-delhi-lucknow-city-wise-rates
    PNG Price Today: मुंबई में PNG ₹50 प्रति SCM पर स्थिर, जानिए दिल्ली से लखनऊ तक किस शहर में सबसे महंगी गैस
    21 मई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    rrp-defense-share-lower-circuit-after-bel-order
    Lower Circuit Share: 8 महीने में 3521% रिटर्न देने वाला शेयर अब लोअर सर्किट में, BEL से मिला ₹29.8 करोड़ का ऑर्डर
    21 मई 2026
    trent-may-exit-bse-sensex-hindalco-or-shriram-finance-likely-entry
    Share Market News: बीएसई सेंसेक्स से बाहर हो सकती है टाटा ग्रुप की यह दिग्गज कंपनी, हिंडाल्को-श्रीराम फाइनेंस की एंट्री की चर्चा
    21 मई 2026
    jubilant-foodworks-share-falls-after-q4-results-hsbc-downgrade-dominos-india
    Domino’s India चलाने वाली कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट, ब्रोकरेज ने दी चेतावनी
    21 मई 2026
    itc-q4-results-fy26-cigarette-tax-impact-brokerage-view
    कैसे रहेंगे ITC के Q4 रिजल्ट? तंबाकू पर बढ़े टैक्स का कंपनी के मुनाफे पर कितना होगा असर, ब्रोकरेज ने बताया
    21 मई 2026
    ola-electric-share-falls-after-q4-results-support-resistance-levels
    Ola Electric Share: नतीजों के बाद 4% टूटे ओला इलेक्ट्रिक के शेयर, अब कितना और गिर सकता है स्टॉक?
    21 मई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: China Economy News: ईरान युद्ध के बीच चीन की इकॉनमी पर मंदी का खतरा, आखिर क्यों बढ़ रही चिंता?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

China Economy News: ईरान युद्ध के बीच चीन की इकॉनमी पर मंदी का खतरा, आखिर क्यों बढ़ रही चिंता?

Namam Sharma
Last updated: 2026/05/21 at 3:01 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
china-economy-slowdown-amid-iran-war-oil-demand-retail-sales-auto-sector
SHARE

ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। चीन ने पहले ही बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का स्टॉक जमा कर लिया था, इसलिए वहां फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद चीन की अर्थव्यवस्था कई मोर्चों पर दबाव में दिखाई दे रही है। निवेश घट रहा है, फैक्ट्री उत्पादन धीमा पड़ रहा है, रिटेल बिक्री कमजोर है और कारों से लेकर सोना-चांदी तक की मांग में गिरावट दर्ज की जा रही है।

Contents
चीन की इकॉनमी में आखिर क्या हो रहा है?क्यों अहम है चीन का प्रॉपर्टी सेक्टर?इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में भी सुस्तीरिटेल बिक्री में आई बड़ी गिरावटकारों की बिक्री क्यों घटी?सोना-चांदी और जूलरी की मांग भी कमजोरक्या ईरान युद्ध ने बढ़ाई मुश्किलें?भारत पर क्या असर पड़ सकता है?फायदानुकसानग्लोबल इकॉनमी के लिए खतरे की घंटी?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चीन की आर्थिक सुस्ती लंबे समय तक जारी रहती है, तो इसका असर केवल एशिया ही नहीं बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्योंकि चीन दुनिया की सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग और कमोडिटी बाजार का सबसे बड़ा खिलाड़ी है।

चीन की इकॉनमी में आखिर क्या हो रहा है?

चीन ने ईरान युद्ध शुरू होने से पहले ही भारी मात्रा में कच्चे तेल की खरीदारी कर ली थी। इस कारण वहां ऊर्जा संकट जैसी स्थिति फिलहाल नहीं बनी। लेकिन असली समस्या तेल की उपलब्धता नहीं बल्कि घरेलू मांग में कमजोरी और निवेश में गिरावट है।

चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 के पहले चार महीनों में फिक्स्ड एसेट इन्वेस्टमेंट में 1.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि कंपनियां और डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट्स में निवेश करने से बच रहे हैं।

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह रियल एस्टेट सेक्टर माना जा रहा है। प्रॉपर्टी डेवलपमेंट निवेश में जनवरी से अप्रैल के दौरान 13.7 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है। इससे पहले जनवरी-मार्च अवधि में यह गिरावट 11.2 फीसदी थी। यानी चीन का प्रॉपर्टी संकट लगातार गहराता जा रहा है।

क्यों अहम है चीन का प्रॉपर्टी सेक्टर?

चीन की अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट सेक्टर का योगदान बेहद बड़ा माना जाता है। निर्माण, स्टील, सीमेंट, घरेलू उपकरण, बैंकिंग और रोजगार जैसे कई सेक्टर इससे जुड़े हैं। पिछले कुछ वर्षों में बड़े-बड़े चीनी डेवलपर्स कर्ज संकट में फंस गए थे। इसके बाद घरों की बिक्री घटी और लोगों का भरोसा कमजोर हुआ।

अब स्थिति यह है कि लोग नए घर खरीदने से बच रहे हैं जबकि डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट लॉन्च नहीं कर रहे। इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था में दिखाई देने लगा है।

इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में भी सुस्ती

चीन लंबे समय से दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब माना जाता है। लेकिन अप्रैल में देश का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन केवल 4.1 फीसदी बढ़ा, जो 2023 के मध्य के बाद सबसे कमजोर ग्रोथ मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप और अमेरिका में मांग कमजोर होने के कारण चीन के निर्यात पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा कई ग्लोबल कंपनियां “China Plus One” रणनीति के तहत भारत, वियतनाम और मेक्सिको जैसे देशों में उत्पादन बढ़ा रही हैं। इससे भी चीन की फैक्ट्री गतिविधियों पर असर पड़ा है।

रिटेल बिक्री में आई बड़ी गिरावट

चीन की घरेलू मांग भी कमजोर होती दिख रही है। अप्रैल में रिटेल सेल ग्रोथ केवल 0.2 फीसदी रही। यह आंकड़ा दिसंबर 2022 के बाद सबसे कमजोर माना जा रहा है, जब कोरोना प्रतिबंध हटाए गए थे।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि चीन में लोग खर्च करने से बच रहे हैं। रोजगार को लेकर अनिश्चितता और प्रॉपर्टी बाजार में कमजोरी के कारण उपभोक्ताओं का भरोसा कमजोर पड़ा है। लोग बचत बढ़ा रहे हैं और गैर-जरूरी खर्च घटा रहे हैं।

कारों की बिक्री क्यों घटी?

चीन दुनिया का सबसे बड़ा ऑटो बाजार है। लेकिन अप्रैल में वहां कारों की बिक्री में सालाना आधार पर करीब 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यह 2022 के बाद सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।

इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं: लोगों की खरीद क्षमता पर दबाव, प्रॉपर्टी बाजार में कमजोरी, रोजगार को लेकर चिंता, ईवी सेक्टर में कीमतों की जंग, बैंक लोन की सख्त शर्तें

कार बिक्री में गिरावट किसी भी देश की आर्थिक कमजोरी का बड़ा संकेत मानी जाती है क्योंकि वाहन खरीद आमतौर पर उपभोक्ता विश्वास से जुड़ी होती है।

सोना-चांदी और जूलरी की मांग भी कमजोर

चीन में सोने, चांदी और जूलरी की बिक्री में भी 21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। आमतौर पर आर्थिक अनिश्चितता के समय सोने की मांग बढ़ती है, लेकिन चीन में घरेलू उपभोक्ता खर्च इतना कमजोर है कि लग्जरी और जूलरी खरीद भी प्रभावित हो रही है।

इसका असर वैश्विक बुलियन बाजार पर भी पड़ सकता है क्योंकि चीन दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड कंज्यूमर देशों में शामिल है।

क्या ईरान युद्ध ने बढ़ाई मुश्किलें?

विशेषज्ञ मानते हैं कि ईरान युद्ध ने चीन की मौजूदा आर्थिक समस्याओं को और बढ़ा दिया है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से: ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हुई, शिपिंग लागत बढ़ी, व्यापारिक अनिश्चितता बढ़ी, निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ हालांकि चीन के पास पर्याप्त तेल भंडार है, लेकिन वैश्विक आर्थिक माहौल खराब होने से उसके निर्यात और निवेश दोनों पर दबाव बढ़ा है।

भारत पर क्या असर पड़ सकता है?

अगर चीन की अर्थव्यवस्था कमजोर रहती है, तो भारत पर इसका दोहरा असर पड़ सकता है।

फायदा

ग्लोबल कंपनियां भारत की ओर शिफ्ट हो सकती हैं, “China Plus One” रणनीति को गति मिल सकती है, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा हो सकता है

नुकसान

वैश्विक मांग कमजोर पड़ सकती है, कमोडिटी बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है, निर्यात पर असर पड़ सकता है

ग्लोबल इकॉनमी के लिए खतरे की घंटी?

चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। इसलिए वहां की कमजोरी को केवल स्थानीय समस्या नहीं माना जा सकता। IMF और विश्व बैंक पहले ही वैश्विक विकास दर को लेकर चिंता जता चुके हैं। ऐसे में अगर चीन की मांग और निवेश लंबे समय तक कमजोर रहते हैं, तो इसका असर पूरी दुनिया की ग्रोथ पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में चीन सरकार को बड़े आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज और ब्याज दरों में कटौती जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं ताकि अर्थव्यवस्था को सहारा दिया जा सके।

Also Read:

  • Lower Circuit Share: 8 महीने में 3521% रिटर्न देने वाला शेयर अब लोअर सर्किट में, BEL से मिला ₹29.8 करोड़ का ऑर्डर
  • Share Market News: बीएसई सेंसेक्स से बाहर हो सकती है टाटा ग्रुप की यह दिग्गज कंपनी, हिंडाल्को-श्रीराम फाइनेंस की एंट्री की चर्चा

You Might Also Like

‘चीन ने पूरा खेल ही बदल दिया’, वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल बोले- AI सीखो, यही अमीर बनने का नया फॉर्मूला

भारत का रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, लेकिन चीनी युआन ने रचा इतिहास; आखिर ड्रैगन ने डॉलर को कैसे साधा?

प्रधानमंत्री मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को 40 अरब डॉलर निवेश का भरोसा, सेमीकंडक्टर से AI तक कई सेक्टरों को मिलेगा फायदा

Modi Gift to Meloni: पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को गिफ्ट किया मूगा सिल्क स्टोल, जानिए क्यों कहलाता है ‘गोल्डन सिल्क’?

Lockdown Scam: PM Modi की वर्क फ्रॉम होम अपील के बाद एक्टिव हुए साइबर ठग, WhatsApp पर भूलकर भी ना करें ये 3 गलतियां

TAGGED: Auto Sales, Business News Hindi, China economy, china news, Crude Oil, Economic Slowdown, Global economy, Gold Silver, Iran War, Property Crisis, Retail Sales, World Economy
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article rrp-defense-share-lower-circuit-after-bel-order Lower Circuit Share: 8 महीने में 3521% रिटर्न देने वाला शेयर अब लोअर सर्किट में, BEL से मिला ₹29.8 करोड़ का ऑर्डर
Next Article china-yuan-vs-indian-rupee-dollar-strength-explained भारत का रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, लेकिन चीनी युआन ने रचा इतिहास; आखिर ड्रैगन ने डॉलर को कैसे साधा?

Recent Posts

  • ‘चीन ने पूरा खेल ही बदल दिया’, वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल बोले- AI सीखो, यही अमीर बनने का नया फॉर्मूला
  • भारत का रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, लेकिन चीनी युआन ने रचा इतिहास; आखिर ड्रैगन ने डॉलर को कैसे साधा?
  • China Economy News: ईरान युद्ध के बीच चीन की इकॉनमी पर मंदी का खतरा, आखिर क्यों बढ़ रही चिंता?
  • Lower Circuit Share: 8 महीने में 3521% रिटर्न देने वाला शेयर अब लोअर सर्किट में, BEL से मिला ₹29.8 करोड़ का ऑर्डर
  • Share Market News: बीएसई सेंसेक्स से बाहर हो सकती है टाटा ग्रुप की यह दिग्गज कंपनी, हिंडाल्को-श्रीराम फाइनेंस की एंट्री की चर्चा

Recent Comments

  1. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Namam Sharma
  2. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Namam Sharma
  3. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Supriya Singh
  4. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Chaman Singh
  5. Saba (@thewordmuse_) Profile: 1.2M+ Followers वाली Urdu Poetry & Voice Artist Influencer की पूरी कहानी पर Namam Sharma

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • प्रॉपर्टी इन सोहना
  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

Latest News

anil-agarwal-ai-china-india-rich-formula-hindi-news
‘चीन ने पूरा खेल ही बदल दिया’, वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल बोले- AI सीखो, यही अमीर बनने का नया फॉर्मूला
बिजनेस न्यूज़ 21 मई 2026
china-yuan-vs-indian-rupee-dollar-strength-explained
भारत का रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, लेकिन चीनी युआन ने रचा इतिहास; आखिर ड्रैगन ने डॉलर को कैसे साधा?
बिजनेस न्यूज़ 21 मई 2026
rrp-defense-share-lower-circuit-after-bel-order
Lower Circuit Share: 8 महीने में 3521% रिटर्न देने वाला शेयर अब लोअर सर्किट में, BEL से मिला ₹29.8 करोड़ का ऑर्डर
शेयर बाज़ार 21 मई 2026
trent-may-exit-bse-sensex-hindalco-or-shriram-finance-likely-entry
Share Market News: बीएसई सेंसेक्स से बाहर हो सकती है टाटा ग्रुप की यह दिग्गज कंपनी, हिंडाल्को-श्रीराम फाइनेंस की एंट्री की चर्चा
शेयर बाज़ार 21 मई 2026
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?