NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    free-hotel-wifi-microsoft-warning-hackers-malware
    होटल का Free Wi-Fi यूज करने वाले सावधान! Microsoft ने दी बड़ी चेतावनी, डिवाइस में घुस रहे हैकर्स, अकाउंट हो सकता है खाली
    11 अगस्त 2026
    15-august-independence-day-red-fort-2026-vande-mataram-150-years
    15 अगस्त पर लाल किले में दिखेगा नया इतिहास! जश्न में पहली बार दो ऐतिहासिक पल
    11 अगस्त 2026
    abishek-porel-arrest-rape-blackmail-allegations
    Abishek Porel: IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल गिरफ्तार, महिला ने लगाए रेप और ब्लैकमेल के गंभीर आरोप
    11 अगस्त 2026
    software-engineer-37-thousand-to-2-2-crore-package-career-story
    ₹37 हजार की नौकरी से ₹2.2 करोड़ रुपये का पैकेज, सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कैसे हुआ इतना बड़ा बदलाव
    11 अगस्त 2026
    pakistan-rbi-central-bank-1947-history
    आजादी के बाद भी 11 महीने तक RBI के भरोसे चला था पाकिस्तान! नया मुल्क तो बना, लेकिन अपना बैंक बनाना भूल गए पड़ोसी
    11 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    crude-oil-price-trump-iran-tensions-brent-90-dollar
    Crude Oil Price: ट्रंप की कड़ी मांगों से डील की उम्मीदों को झटका, कच्चे तेल में 5% उछाल; ब्रेंट $90 के करीब
    11 अगस्त 2026
    gold-silver-price-weekly-outlook-us-inflation-fed-rate-dollar
    Gold Silver Price: सोने की कीमतों में गिरावट, चांदी में तेजी; इस हफ्ते बुलियन की कीमतों पर इन फैक्टर्स का रहेगा असर
    10 अगस्त 2026
    crude-oil-price-trump-iran-tensions-brent-90-dollar
    Crude Oil Import: भारत का तेल आयात 18% गिरा, फिर भी जून तिमाही में 26% बढ़ा बिल; जानिए पूरी वजह
    8 अगस्त 2026
    gold-silver-price-today-gold-rises-silver-jumps-us-nfp-fed-rate-outlook
    Gold Silver Price Today: सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, चांदी 1.5% उछली, इन अहम आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर
    7 अगस्त 2026
    gold-silver-rates-today-6-august-2026-city-wise-gold-price-silver-price
    Gold Silver Rates Today: सोने की बढ़ी चमक, चांदी हुई सस्ती! जानें आज आपके शहर में क्या हैं 24K, 22K और सिल्वर के ताजा भाव
    6 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    /sensex-nifty-closes-red-stock-market-fall-253-lakh-crore
    ₹2.53 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex 388 अंक कमजोर, Nifty टूटकर 24,472 पर बंद; इन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली
    11 अगस्त 2026
    market-view-august-series-24150-support-mphasis-gmdc-nmdc-moil
    Market View: अगस्त सीरीज में 24,150 के आसपास मजबूत सपोर्ट, इन मिडकैप शेयरों में खरीदारी के मौके
    11 अगस्त 2026
    kpi-green-q1-results-cfo-resignation-profit-falls-share-price
    KPI Green Q1 Results: CFO के इस्तीफे और मुनाफे में 18% की गिरावट, शेयर 9% लुढ़का
    11 अगस्त 2026
    mrf-q1-results-revenue-ebitda-margin-share-price
    MRF Q1 Results: रेवेन्यू बढ़ा लेकिन मार्जिन पर दबाव, कमजोर नतीजों से गिरा शेयर
    11 अगस्त 2026
    8th-pay-commission-consumption-stocks-trideep-bhattacharya
    8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर कंजम्प्शन शेयरों को लगेंगे पंख, एक्सपर्ट ने बताई वजह
    11 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Agni-6: क्या भारत की ये मिसाइल धरती के किसी भी कोने तक पहुंच सकती है? समझिए ICBM की पूरी साइंस
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Agni-6: क्या भारत की ये मिसाइल धरती के किसी भी कोने तक पहुंच सकती है? समझिए ICBM की पूरी साइंस

Namam Sharma
Last updated: 2026/08/11 at 3:10 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
13 Min Read
agni-6-missile-range-icbm-india-science
SHARE

Agni-6: भारत के अग्नि मिसाइल कार्यक्रम में Agni-6 को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। इसे भारत की भविष्य की बेहद लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता से जोड़कर देखा जाता है। इसकी संभावित रेंज को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 8,000 से 12,000 किलोमीटर तक के आंकड़े सामने आते रहे हैं। हालांकि, इसकी अंतिम डिजाइन, वास्तविक ऑपरेशनल रेंज और तैनाती से जुड़ी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

Contents
Agni-6 क्या है?हजारों किलोमीटर दूर तक कैसे पहुंचती है बैलिस्टिक मिसाइल?मल्टी-स्टेज रॉकेट तकनीक क्यों महत्वपूर्ण है?क्या Agni-6 धरती के किसी भी कोने तक पहुंच सकती है?बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी आखिर होती क्या है?Agni-6 के विकास में किन तकनीकों की जरूरत होगी?सबसे मुश्किल चरणों में से एक है री-एंट्रीसिर्फ रेंज नहीं, सटीकता भी मायने रखती हैAgni परिवार से भारत ने क्या सीखा?Agni-6 की संभावित रेंज कितनी है?निष्कर्ष: Agni-6 की असली ताकत सिर्फ लंबी रेंज नहीं

लेकिन सवाल यह है कि आखिर कोई मिसाइल हजारों किलोमीटर की दूरी कैसे तय कर सकती है? क्या इतनी लंबी दूरी तक पहुंचने के लिए उसे पूरी उड़ान के दौरान इंजन चलाना पड़ता है? इसका जवाब बैलिस्टिक मिसाइल की उड़ान की मूल साइंस में छिपा है। रॉकेट प्रोपल्शन, मल्टी-स्टेजिंग, बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी, गाइडेंस सिस्टम और वायुमंडल में री-एंट्री—ये सभी तकनीकें मिलकर लंबी दूरी की मिसाइल को इतनी बड़ी दूरी तय करने में सक्षम बनाती हैं।

Agni-6 क्या है?

Agni-6 को भारत के अग्नि मिसाइल परिवार की भविष्य की पीढ़ी की लंबी दूरी की क्षमता से जोड़कर देखा जाता है। इसे संभावित ICBM यानी Intercontinental Ballistic Missile के रूप में चर्चा में रखा जाता है। हालांकि, इसके बारे में सार्वजनिक डोमेन में मौजूद जानकारी सीमित है और इसकी कई तकनीकी विशेषताओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

भारत ने अग्नि परिवार की अलग-अलग मिसाइलों को विकसित करते हुए रॉकेट प्रोपल्शन, गाइडेंस, नेविगेशन, एयरोडायनामिक्स, स्ट्रक्चरल डिजाइन और हाई-टेम्परेचर मटेरियल जैसे क्षेत्रों में अपनी तकनीकी क्षमता विकसित की है। यही क्षेत्र किसी भी लंबी दूरी की बैलिस्टिक प्रणाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

यह भी समझना जरूरी है कि अग्नि परिवार के अलग-अलग संस्करणों की अपनी अलग क्षमताएं होती हैं। इसलिए किसी एक अग्नि मिसाइल की तकनीक या रेंज को सीधे Agni-6 की अंतिम क्षमता मान लेना सही नहीं होगा।

हजारों किलोमीटर दूर तक कैसे पहुंचती है बैलिस्टिक मिसाइल?

बैलिस्टिक मिसाइल की उड़ान सामान्य यात्री विमान से बिल्कुल अलग होती है। विमान को लंबे समय तक अपने इंजन की मदद से हवा में रहना पड़ता है, जबकि बैलिस्टिक मिसाइल अपनी उड़ान के शुरुआती हिस्से में रॉकेट इंजन से तेज गति और ऊंचाई हासिल करती है।

इसके बाद उड़ान का एक बड़ा हिस्सा ऐसी प्रक्षेपवक्र पर होता है जिसमें वाहन गुरुत्वाकर्षण और पहले से हासिल की गई गति के प्रभाव में आगे बढ़ता है। इसे सरल भाषा में एक लंबी आर्क या घुमावदार ट्रैजेक्टरी के रूप में समझा जा सकता है।

यानी मिसाइल को हर किलोमीटर की दूरी के लिए लगातार इंजन चलाने की जरूरत नहीं होती। शुरुआती चरण में रॉकेट उसे आवश्यक वेग प्रदान करते हैं और इसके बाद उसकी गति तथा निर्धारित उड़ान पथ उसे बहुत लंबी दूरी तय करने में मदद करते हैं।

यही कारण है कि बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज समझने के लिए केवल इंजन की ताकत देखना पर्याप्त नहीं होता। कुल द्रव्यमान, प्रोपल्शन, उड़ान पथ, पेलोड और गाइडेंस जैसी कई चीजें मिलकर इसकी क्षमता निर्धारित करती हैं।

मल्टी-स्टेज रॉकेट तकनीक क्यों महत्वपूर्ण है?

लंबी दूरी के रॉकेट सिस्टम में मल्टी-स्टेजिंग बेहद महत्वपूर्ण तकनीक है। इसका मूल सिद्धांत काफी सरल है—जिस हिस्से का काम पूरा हो चुका है, उसे आगे साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होती।

कल्पना कीजिए कि किसी वाहन में कई अलग-अलग चरण हैं। जब पहला चरण अपना ईंधन इस्तेमाल कर लेता है और उसका काम पूरा हो जाता है, तो उसे अलग किया जा सकता है। इससे आगे बढ़ रहे वाहन का वजन कम हो जाता है।

कम वजन का मतलब यह है कि आगे उपलब्ध ऊर्जा का इस्तेमाल अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। इसी सिद्धांत का इस्तेमाल अंतरिक्ष रॉकेटों में भी किया जाता है।

लंबी दूरी की बैलिस्टिक प्रणाली के लिए यह तकनीक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हजारों किलोमीटर की दूरी तय करने में वजन और ऊर्जा का संतुलन बहुत अहम भूमिका निभाता है।

क्या Agni-6 धरती के किसी भी कोने तक पहुंच सकती है?

Agni-6 को लेकर कई बार यह कहा जाता है कि इसकी संभावित क्षमता इतनी ज्यादा हो सकती है कि यह दुनिया के बहुत बड़े हिस्से तक पहुंच सकती है। लेकिन “धरती के किसी भी कोने तक पहुंचना” तकनीकी तौर पर एक सटीक सैन्य या वैज्ञानिक परिभाषा नहीं है।

किसी मिसाइल की वास्तविक पहुंच उसकी लॉन्च साइट, पेलोड, प्रक्षेपवक्र और डिजाइन पर निर्भर करती है। 8,000 से 12,000 किलोमीटर जैसी संभावित रेंज का अर्थ यह नहीं है कि मिसाइल पृथ्वी के हर स्थान तक समान क्षमता के साथ पहुंच सकती है।

इसके अलावा, रेंज बढ़ाने और पेलोड के बीच भी संतुलन होता है। किसी प्रणाली की अधिकतम संभावित दूरी एक विशेष कॉन्फिगरेशन में हासिल हो सकती है, जबकि अलग पेलोड या अन्य परिचालन परिस्थितियों में प्रभावी रेंज अलग हो सकती है।

इसलिए Agni-6 के मामले में “दुनिया के किसी भी कोने” जैसी भाषा को इसकी संभावित लंबी दूरी की क्षमता के संदर्भ में समझना ज्यादा सही है, न कि शाब्दिक अर्थ में।

बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी आखिर होती क्या है?

बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी को आसान उदाहरण से समझा जा सकता है। यदि किसी वस्तु को पर्याप्त गति से ऊपर और आगे की दिशा में फेंका जाए, तो वह गुरुत्वाकर्षण के कारण एक घुमावदार पथ पर आगे बढ़ती है।

बैलिस्टिक मिसाइल में यही सिद्धांत बहुत अधिक जटिल और नियंत्रित रूप में इस्तेमाल होता है।

मिसाइल का शुरुआती powered phase रॉकेट मोटरों द्वारा नियंत्रित होता है। इस दौरान वाहन को आवश्यक गति और दिशा दी जाती है। इसके बाद उड़ान का हिस्सा बैलिस्टिक प्रकृति का हो सकता है, जिसमें उसकी पहले से हासिल गति और पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यही कारण है कि बैलिस्टिक मिसाइल को हर समय रॉकेट इंजन चलाकर उड़ाने की आवश्यकता नहीं होती।

Agni-6 के विकास में किन तकनीकों की जरूरत होगी?

किसी बेहद लंबी दूरी की मिसाइल का विकास केवल शक्तिशाली रॉकेट इंजन बनाने का काम नहीं है। इसमें कई अलग-अलग इंजीनियरिंग क्षेत्रों का संयोजन होता है।

सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रोपल्शन, गाइडेंस, नेविगेशन, कंट्रोल सिस्टम, एयरोडायनामिक्स और मटेरियल साइंस शामिल हैं।

रॉकेट को आवश्यक गति देने के लिए प्रोपल्शन सिस्टम जरूरी है। वहीं गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम यह सुनिश्चित करने में मदद करते हैं कि वाहन अपनी निर्धारित उड़ान दिशा और प्रक्षेपवक्र के अनुरूप बना रहे।

दूसरी तरफ, एयरोडायनामिक्स और संरचनात्मक डिजाइन यह निर्धारित करते हैं कि वाहन अलग-अलग उड़ान परिस्थितियों में किस तरह व्यवहार करेगा।

इन सभी तकनीकों में लंबे समय तक रिसर्च और परीक्षण की जरूरत होती है।

सबसे मुश्किल चरणों में से एक है री-एंट्री

बहुत लंबी दूरी की बैलिस्टिक उड़ान में री-एंट्री, यानी वायुमंडल में दोबारा प्रवेश, बेहद चुनौतीपूर्ण चरण माना जाता है।

जब कोई वाहन बहुत अधिक गति से पृथ्वी के वायुमंडल की ओर लौटता है, तो उसे तेजी से बढ़ते वायुगतिकीय दबाव और अत्यधिक गर्मी का सामना करना पड़ता है। इसलिए री-एंट्री के दौरान वाहन की संरचना और उसकी बाहरी सतह को अत्यधिक तापीय परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम होना पड़ता है।

यही वजह है कि हाई-टेम्परेचर मटेरियल, थर्मल प्रोटेक्शन और एयरोडायनामिक डिजाइन लंबी दूरी की बैलिस्टिक प्रणालियों में महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्र हैं।

री-एंट्री केवल गर्मी झेलने की समस्या नहीं है। वाहन को इस चरण में अपनी संरचनात्मक अखंडता और आवश्यक उड़ान व्यवहार भी बनाए रखना होता है।

सिर्फ रेंज नहीं, सटीकता भी मायने रखती है

किसी ICBM या लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल की क्षमता का मूल्यांकन केवल उसकी रेंज से नहीं किया जाता।

अगर कोई प्रणाली बहुत लंबी दूरी तय कर सकती है लेकिन अपने निर्धारित उड़ान पथ को पर्याप्त रूप से बनाए नहीं रख सकती, तो केवल उसकी अधिकतम रेंज महत्वपूर्ण नहीं रह जाती।

इसलिए गाइडेंस, नेविगेशन और कंट्रोल तकनीक बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। उड़ान के दौरान वाहन की स्थिति और गति से जुड़ी जानकारी को संभालना और उसके व्यवहार को नियंत्रित करना एक जटिल इंजीनियरिंग चुनौती है।

यही कारण है कि लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक को कई अलग-अलग प्रणालियों के संयुक्त विकास के रूप में देखना चाहिए।

Agni परिवार से भारत ने क्या सीखा?

भारत का अग्नि कार्यक्रम कई दशकों में विकसित हुआ है। इस दौरान देश ने रॉकेट प्रोपल्शन, गाइडेंस, नियंत्रण, संरचनात्मक डिजाइन और अन्य संबंधित तकनीकों में लगातार काम किया है।

इन तकनीकों में से कई का संबंध अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रणालियों में इस्तेमाल होने वाली इंजीनियरिंग से भी है। हालांकि, सैन्य मिसाइल और अंतरिक्ष रॉकेट के उद्देश्य, डिजाइन प्राथमिकताएं और परिचालन जरूरतें अलग होती हैं।

Agni परिवार के विकास से हासिल तकनीकी अनुभव भविष्य की लंबी दूरी की प्रणालियों के लिए आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

Agni-6 की संभावित रेंज कितनी है?

Agni-6 की रेंज को लेकर सार्वजनिक चर्चा में 8,000 से 12,000 किलोमीटर तक के आंकड़े सामने आते रहे हैं। लेकिन इन आंकड़ों को इसकी आधिकारिक और अंतिम ऑपरेशनल रेंज के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

किसी मिसाइल की वास्तविक रेंज कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है। इनमें पेलोड, लॉन्च कंडीशन और उड़ान प्रक्षेपवक्र जैसे कारक शामिल हो सकते हैं।

इसलिए जब तक भारत की ओर से Agni-6 की अंतिम क्षमता को लेकर स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक मीडिया रिपोर्टों में दिए गए आंकड़ों को संभावित अनुमान के तौर पर ही देखना चाहिए।

निष्कर्ष: Agni-6 की असली ताकत सिर्फ लंबी रेंज नहीं

Agni-6 को भारत की भविष्य की लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, इसकी अंतिम डिजाइन, वास्तविक रेंज और ऑपरेशनल क्षमताओं की सार्वजनिक जानकारी सीमित है।

अगर इसे ICBM श्रेणी की प्रणाली के रूप में विकसित किया जाता है, तो इसकी क्षमता के पीछे सिर्फ एक शक्तिशाली रॉकेट इंजन नहीं होगा। मल्टी-स्टेज प्रोपल्शन, बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी, गाइडेंस और नेविगेशन, एयरोडायनामिक्स, संरचनात्मक डिजाइन और हाई-स्पीड री-एंट्री जैसी कई तकनीकों का एक साथ काम करना जरूरी होगा।

इसलिए “क्या Agni-6 धरती के किसी भी कोने तक पहुंच सकती है?” का सीधा जवाब है—नहीं, इसे शाब्दिक रूप से धरती के हर हिस्से तक पहुंचने वाली मिसाइल कहना सही नहीं होगा। लेकिन अगर इसकी बताई जा रही संभावित 8,000-12,000 किलोमीटर रेंज सही साबित होती है, तो यह भारत की लंबी दूरी की रणनीतिक क्षमता को एक महत्वपूर्ण स्तर तक ले जा सकती है।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Agni-6 से जुड़े कई तकनीकी दावे सार्वजनिक रिपोर्टों और अनुमानों पर आधारित हैं। इसलिए इसकी वास्तविक क्षमता के बारे में अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक परीक्षणों और भारत सरकार/DRDO की पुष्टि के बाद ही निकाला जाना चाहिए।

You Might Also Like

होटल का Free Wi-Fi यूज करने वाले सावधान! Microsoft ने दी बड़ी चेतावनी, डिवाइस में घुस रहे हैकर्स, अकाउंट हो सकता है खाली

15 अगस्त पर लाल किले में दिखेगा नया इतिहास! जश्न में पहली बार दो ऐतिहासिक पल

Abishek Porel: IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल गिरफ्तार, महिला ने लगाए रेप और ब्लैकमेल के गंभीर आरोप

₹37 हजार की नौकरी से ₹2.2 करोड़ रुपये का पैकेज, सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कैसे हुआ इतना बड़ा बदलाव

आजादी के बाद भी 11 महीने तक RBI के भरोसे चला था पाकिस्तान! नया मुल्क तो बना, लेकिन अपना बैंक बनाना भूल गए पड़ोसी

TAGGED: Agni 6 Range, Agni-6, Agni-6 Missile, ballistic missile, Defence News, DRDO, ICBM, India Defence, Indian Missile, Missile Technology
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article youtube-monetization-rules-2027-watch-time-shorts-views YouTube Monetization Rules 2027: YouTube से कमाई होगी और मुश्किल! वॉच टाइम और Shorts Views के नए नियम जानें
Next Article iphone-18-pro-color-dark-cherry-light-blue-dark-gray iPhone 18 Pro का नया अवतार हुआ लीक! इन रंगों में लॉन्च हो सकता है Apple का फोन

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: Shiprocket से Dhoot Transmission तक इन IPOs का GMP मजबूत, जानें आज के लेटेस्ट प्रीमियम और संभावित लिस्टिंग गेन
शेयर बाज़ार फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?