HighLights
- अदाणी पावर ने मार्केट कैप में इंफोसिस को पीछे छोड़ा
- AI के बढ़ते असर से दबाव में आया IT सेक्टर
- Infosys के शेयर एक साल में 26% टूटे
- Adani Power ने एक साल में दिया 125% रिटर्न
- OpenAI और Anthropic जैसे AI प्लेटफॉर्म्स से बढ़ी चिंता
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। देश के कॉरपोरेट सेक्टर में लंबे समय से मजबूत स्थिति रखने वाली IT दिग्गज Infosys को अब Adani Group की कंपनी Adani Power ने मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में पीछे छोड़ दिया है। यह बदलाव ऐसे समय पर आया है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के कारण भारतीय IT सेक्टर पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
27 मई को कारोबार के दौरान Adani Power का शेयर 252.65 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी का कुल मार्केट कैप करीब 4.82 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। दूसरी तरफ Infosys का मार्केट कैप करीब 4.75 लाख करोड़ रुपये रहा। यह पहली बार नहीं है जब अदाणी समूह की किसी कंपनी ने बाजार में बड़ा उलटफेर किया हो, लेकिन इस बार मामला खास इसलिए है क्योंकि Infosys लंबे समय से भारत की सबसे भरोसेमंद IT कंपनियों में गिनी जाती रही है।
एक साल में कहां पहुंच गए दोनों शेयर?
पिछले एक साल का प्रदर्शन देखें तो दोनों कंपनियों के बीच बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है। Adani Power के शेयरों में पिछले 12 महीनों में करीब 125% की तेज उछाल देखने को मिली है। कंपनी को पावर डिमांड बढ़ने, कोयला सप्लाई स्थिति में सुधार और ऊर्जा सेक्टर में मजबूत निवेश का फायदा मिला है।
वहीं Infosys के शेयर इस दौरान करीब 26% तक टूट गए। IT सेक्टर में कमजोरी, क्लाइंट्स द्वारा टेक खर्च कम करना और AI को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है।
आखिर IT सेक्टर पर इतना दबाव क्यों?
भारतीय IT कंपनियां लंबे समय से अमेरिका और यूरोप की कंपनियों को सॉफ्टवेयर सर्विसेज, क्लाउड सपोर्ट, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और टेक्नोलॉजी आउटसोर्सिंग सेवाएं देती रही हैं। लेकिन अब AI टूल्स तेजी से कई पारंपरिक कामों को ऑटोमेट करने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कोडिंग, टेस्टिंग, डेटा प्रोसेसिंग, कस्टमर सपोर्ट, बेसिक डेवलपमेंट सर्विसेज जैसे कामों में इंसानी जरूरत कम हो सकती है। यही वजह है कि निवेशक IT कंपनियों के भविष्य को लेकर सावधान हो गए हैं।
OpenAI और Anthropic ने बढ़ाई चिंता
इस महीने OpenAI द्वारा नए AI वेंचर की घोषणा के बाद IT शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक OpenAI करीब 4 अरब डॉलर के निवेश के साथ एंटरप्राइज AI सॉल्यूशंस पर काम कर रही है। इसका मकसद कंपनियों में सीधे AI आधारित इंजीनियरिंग मॉडल लागू करना है।
इससे भारतीय IT कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल पर खतरा बढ़ सकता है।
इसके अलावा AI कंपनी Anthropic ने भी अपना “Claude Code” प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसने बाजार में नई चिंता पैदा कर दी। निवेशकों को डर है कि भविष्य में बड़ी कंपनियां सीधे AI प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करेंगी और IT सर्विस कंपनियों पर उनकी निर्भरता घट सकती है।
तीन साल के निचले स्तर पर पहुंचा Nifty IT
AI को लेकर बढ़ती चिंता का असर पूरे सेक्टर पर दिखा। मई की शुरुआत में Nifty IT इंडेक्स करीब 3.6% टूट गया था और यह मई 2023 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
TCS, Infosys, Wipro, HCL Tech और Tech Mahindra जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में लगातार दबाव बना हुआ है। कई कंपनियों ने नए वित्त वर्ष के लिए कमजोर ग्रोथ गाइडेंस भी दिया है, जिससे बाजार की चिंता और बढ़ गई।
अमेरिकी बाजार पर ज्यादा निर्भरता बनी कमजोरी
भारतीय IT उद्योग की सबसे बड़ी चुनौती उसकी अमेरिकी बाजार पर निर्भरता भी है। सेक्टर की कमाई का बड़ा हिस्सा उत्तरी अमेरिका से आता है। ऐसे में अमेरिका में मंदी का खतरा, कॉर्पोरेट टेक खर्च में कटौती, ब्याज दरों का दबाव, AI आधारित ऑटोमेशन जैसे फैक्टर्स भारतीय कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ वर्षों में IT कंपनियों को अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करना पड़ सकता है। केवल पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल अब पहले जैसी ग्रोथ नहीं दे पाएगा।
दूसरी तरफ क्यों मजबूत हो रही हैं अदाणी समूह की कंपनियां?
Adani Group की कंपनियां इस समय इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, पोर्ट्स, ग्रीन एनर्जी और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर्स में तेजी से विस्तार कर रही हैं। भारत में बिजली की बढ़ती मांग और सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर फोकस का फायदा समूह को मिल रहा है।
विशेष रूप से Adani Power को:
- बढ़ती बिजली खपत
- इंडस्ट्रियल डिमांड
- लंबी अवधि के पावर कॉन्ट्रैक्ट
- क्षमता विस्तार
का फायदा मिला है। यही वजह है कि निवेशकों का रुझान तेजी से कंपनी की तरफ बढ़ा है।
क्या AI भारतीय IT सेक्टर के लिए सबसे बड़ा खतरा है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI पूरी तरह खतरा नहीं बल्कि बदलाव का संकेत है। जो कंपनियां समय रहते AI आधारित सेवाओं, ऑटोमेशन और नए टेक प्लेटफॉर्म्स में निवेश करेंगी, वे भविष्य में मजबूत स्थिति बना सकती हैं।
हालांकि फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर है कि Infosys, TCS और अन्य बड़ी IT कंपनियां AI के इस बदलते दौर में खुद को कितनी तेजी से ढाल पाती हैं।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में फिलहाल सेक्टर रोटेशन देखने को मिल रहा है। जहां पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में तेजी बनी हुई है, वहीं IT सेक्टर दबाव में है। ऐसे में निवेशकों को किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी की भविष्य की रणनीति, AI अपनाने की क्षमता, कमाई की ग्रोथ, वैल्यूएशन, सेक्टर ट्रेंड को ध्यान में रखना चाहिए।
निष्कर्ष
Adani Power द्वारा Infosys को मार्केट कैप में पीछे छोड़ना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय शेयर बाजार में बदलती प्राथमिकताओं का बड़ा संकेत माना जा रहा है। एक तरफ पारंपरिक IT मॉडल AI के दबाव से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां तेजी से निवेशकों की पसंद बनती जा रही हैं। आने वाले समय में AI का असर भारतीय IT उद्योग की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के लिए है। निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
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