HighLights
- पिछले 1 साल में अडानी पावर के शेयर ने करीब 100% रिटर्न दिया।
- 5 साल में निवेशकों की संपत्ति 10 गुना से ज्यादा बढ़ी।
- मॉर्गन स्टेनली ने प्राइस टार्गेट बढ़ाया, भविष्य की ग्रोथ पर जताया भरोसा।
- अडानी ग्रुप ने अगले 5 वर्षों में 45 GW क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य रखा।
नई दिल्ली: अडानी समूह की प्रमुख बिजली उत्पादन कंपनी अडानी पावर (Adani Power) एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। हाल के महीनों में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी के शेयर ने शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले छह महीनों में इस स्टॉक ने 60% से अधिक रिटर्न दिया है, जबकि बीते एक साल में निवेशकों की पूंजी लगभग दोगुनी हो गई है। अब वैश्विक ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley की सकारात्मक रिपोर्ट और कंपनी की आक्रामक विस्तार योजनाओं ने इस शेयर को लेकर बाजार की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं।
एक साल में लगभग दोगुना हुआ निवेश
सोमवार के कारोबार में अडानी पावर के शेयर में हल्की मुनाफावसूली देखने को मिली। दोपहर के कारोबार में यह करीब 0.85% की गिरावट के साथ 227.30 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया। हालांकि इंट्राडे में यह 224.65 रुपये तक फिसला था, लेकिन बाद में इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली।
यदि रिटर्न की बात करें तो:
- पिछले 6 महीनों में शेयर 60% से अधिक चढ़ा।
- 1 साल में लगभग 95% का रिटर्न दिया।
- 5 वर्षों में 900% से अधिक की तेजी दर्ज की।
इसका मतलब है कि यदि किसी निवेशक ने पांच साल पहले इस शेयर में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी निवेश राशि करीब 10 लाख रुपये के आसपास पहुंच जाती। (निवेश का वास्तविक मूल्य शेयर की खरीद कीमत और तिथि पर निर्भर करेगा।)
कंपनी की ग्रोथ स्टोरी पर बाजार की नजर
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने हाल ही में हुई समूह की वार्षिक आम बैठक (AGM) में भविष्य की रणनीति साझा करते हुए कहा कि समूह अब केवल थर्मल और रिन्यूएबल एनर्जी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) क्षेत्र में भी निवेश की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने बताया कि अडानी पावर देश के निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बिजली उत्पादन विस्तार कार्यक्रम चला रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजीगत निवेश (Capex) के जरिए अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 45 गीगावाट (GW) तक पहुंचाना है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विस्तार योजना तय समय पर पूरी होती है तो कंपनी की आय, नकदी प्रवाह और बाजार हिस्सेदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
मॉर्गन स्टेनली ने क्यों जताया भरोसा?
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley ने अडानी पावर पर अपना भरोसा दोहराते हुए कंपनी के प्राइस टार्गेट में करीब 60% की बढ़ोतरी की है।
फर्म के अनुसार,
- अडानी समूह का यूटिलिटी कारोबार अपेक्षाकृत कम जोखिम और बेहतर रिटर्न देने वाला बिजनेस मॉडल बनता जा रहा है।
- अडानी पावर आने वाले वर्षों में अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में तेज विकास दर्ज कर सकती है।
- वित्त वर्ष 2032 तक कंपनी का सकल ब्लॉक लगभग 2.5 गुना होने का अनुमान है।
- वित्त वर्ष 2026-2032 के दौरान कंपनी के EBITDA में 24% CAGR रहने का अनुमान है, जो कई अन्य पावर कंपनियों से बेहतर माना जा रहा है।
क्या आगे भी जारी रह सकती है तेजी?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बिजली की बढ़ती मांग, डेटा सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी से बिजली की खपत बढ़ रही है। ऐसे में बड़े पावर उत्पादकों को लंबी अवधि में इसका लाभ मिल सकता है।
हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बिजली क्षेत्र में ईंधन लागत, नियामकीय बदलाव, ब्याज दरें और बाजार की अस्थिरता जैसे कई कारक शेयर की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए केवल पिछले रिटर्न को देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
अडानी पावर ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार रिटर्न देकर निवेशकों का भरोसा जीता है। कंपनी की विस्तार योजनाएं, बढ़ती बिजली मांग और वैश्विक ब्रोकरेज की सकारात्मक राय भविष्य के लिए मजबूत संकेत देती हैं। हालांकि शेयर पहले ही बड़ी तेजी दिखा चुका है, इसलिए नए निवेशकों को चरणबद्ध निवेश और उचित जोखिम प्रबंधन की रणनीति अपनानी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई राय और अनुमान विभिन्न ब्रोकरेज रिपोर्ट एवं बाजार विश्लेषण पर आधारित हैं। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


