नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बिजली व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने पूर्वी दिल्ली में अत्याधुनिक स्मार्ट पैड माउंटेड सबस्टेशन का उद्घाटन किया है। इसके साथ ही ‘सोलेराइज ईस्ट’ अभियान की भी शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम से जोड़ना है।
गांधी नगर में शुरू हुआ स्मार्ट बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर
दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने गांधी नगर में स्मार्ट पैड माउंटेड सबस्टेशन का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, स्थानीय विधायक, पार्षद, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के प्रतिनिधि, हाउसिंग सोसायटी के सदस्य, बीवाईपीएल (BYPL) के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
बिजली मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार बिजली क्षेत्र में ऐसी दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है, जिससे आने वाले वर्षों में राजधानी की बढ़ती बिजली जरूरतों को बिना किसी परेशानी के पूरा किया जा सके।
बिजली क्षेत्र में 1,427 करोड़ रुपये का निवेश
आशीष सूद ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान दिल्ली सरकार ने बिजली क्षेत्र में 1,427 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश (Capital Expenditure) किया है।
उन्होंने कहा कि इस निवेश का उपयोग कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं—
- ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करना
- बिजली वितरण प्रणाली (Distribution Network) का विस्तार
- नए सबस्टेशन का निर्माण
- पुराने बिजली ढांचे का आधुनिकीकरण
- स्मार्ट ग्रिड और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाना
सरकार का लक्ष्य केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि भविष्य की ऊर्जा मांग के लिए भी मजबूत आधार तैयार करना है।
रिकॉर्ड बिजली मांग के बावजूद नहीं हुई बड़ी कटौती
बिजली मंत्री के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक दिल्ली में 8,748 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक पावर डिमांड दर्ज की गई। इसके बावजूद राजधानी में किसी बड़े स्तर पर बिजली कटौती की स्थिति नहीं बनी।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सरकार की बेहतर योजना, बिजली वितरण कंपनियों की तैयारी, इंजीनियरों की मेहनत और मजबूत बिजली नेटवर्क का परिणाम है।
‘सोलेराइज ईस्ट’ अभियान से बढ़ेगा रूफटॉप सोलर का उपयोग
सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘सोलेराइज ईस्ट’ अभियान पूर्वी दिल्ली के अधिक से अधिक घरों और आवासीय सोसायटियों को रूफटॉप सोलर सिस्टम अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
इस अभियान के माध्यम से नागरिक ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ उठाकर अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवा सकेंगे। इससे बिजली बिल में कमी आने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
आधुनिक और ग्रीन बिजली व्यवस्था पर सरकार का फोकस
आशीष सूद ने कहा कि किसी भी आधुनिक शहर के विकास की मजबूत नींव भरोसेमंद बिजली व्यवस्था होती है। उद्योग, व्यापार, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, डिजिटल सेवाएं और आम नागरिकों का दैनिक जीवन निर्बाध बिजली आपूर्ति पर निर्भर करता है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल बिजली उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि नागरिकों तक भरोसेमंद, किफायती, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल (ग्रीन) बिजली पहुंचाना है। सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिजली क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवीकरणीय ऊर्जा को लगातार बढ़ावा दे रही है।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार की नई पहल से राजधानी की बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्मार्ट सबस्टेशन और ‘सोलेराइज ईस्ट’ अभियान जैसे कदम भविष्य में बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


