सर्दी-जुकाम होने पर राहत पाने के लिए लोग अक्सर गर्म चाय, काढ़ा, शहद, अदरक और कई तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। इनमें से कुछ उपाय गले की खराश, खांसी या बंद नाक जैसे लक्षणों को कुछ समय के लिए कम कर सकते हैं। लेकिन लक्षणों से राहत मिलना और जुकाम का जल्दी ठीक होना एक ही बात नहीं है।
आम सर्दी-जुकाम ज्यादातर वायरल संक्रमण की वजह से होता है और सामान्य मामलों में शरीर खुद ही इससे लड़ता है। कई लोगों में इसके लक्षण करीब एक सप्ताह तक रहते हैं, जबकि कुछ मामलों में 10 दिन या उससे अधिक समय भी लग सकता है।
इसलिए जरूरी है कि घरेलू उपायों को बीमारी का पक्का इलाज मानने के बजाय उन्हें लक्षणों से राहत देने वाले तरीके के तौर पर समझा जाए। आइए जानते हैं जुकाम के दौरान कौन-सी चीजें वास्तव में मदद कर सकती हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. पहले समझें सर्दी-जुकाम का सामान्य पैटर्न

सर्दी-जुकाम में छींक आना, नाक बहना या बंद होना, गले में खराश, हल्की खांसी और थकान जैसे लक्षण आम हैं। शुरुआत के कुछ दिनों में लक्षण ज्यादा परेशान कर सकते हैं और इसके बाद धीरे-धीरे इनमें कमी आने लगती है।
इस दौरान किसी घरेलू नुस्खे से थोड़ी देर राहत मिलने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि संक्रमण तेजी से खत्म हो रहा है। शरीर को संक्रमण से उबरने में अपना समय लग सकता है।
यही वजह है कि जुकाम में सबसे ज्यादा ध्यान आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और लक्षणों को नियंत्रित करने पर देना चाहिए।
2. खांसी और गले की खराश में शहद दे सकता है राहत
खांसी या गले में खराश होने पर शहद कुछ लोगों को आराम दे सकता है। इसे सीधे थोड़ी मात्रा में लिया जा सकता है या गुनगुने पानी में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
गर्म पानी, सूप और अन्य गर्म तरल पदार्थ भी गले को आराम देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, अदरक की चाय या काढ़े से गर्माहट और राहत महसूस हो सकती है, लेकिन इन्हें जुकाम का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
ध्यान रखें: एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए।
3. पानी और दूसरे तरल पदार्थ लेते रहें
जुकाम के दौरान शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी देना जरूरी है। पानी के अलावा सूप, गर्म पानी या अन्य तरल पदार्थ लिए जा सकते हैं।
पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से शरीर में पानी की कमी से बचने में मदद मिलती है और गले में जमा स्राव को कुछ हद तक पतला रखने में मदद मिल सकती है।
अगर भूख कम लग रही हो तो बहुत भारी भोजन करने के बजाय हल्का और आसानी से पचने वाला खाना लेना बेहतर हो सकता है।
4. बंद नाक में सलाइन स्प्रे मदद कर सकता है
नाक बंद होने या नाक में सूखापन महसूस होने पर सलाइन नेजल स्प्रे या सलाइन रिंस से राहत मिल सकती है। यह नाक के अंदर जमा स्राव को साफ करने और नाक को नम रखने में मदद कर सकता है।
हालांकि, घर पर नाक की सफाई के लिए सलाइन रिंस तैयार करते समय पानी की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए सीधे नल के पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। डिस्टिल्ड या स्टरलाइज्ड पानी इस्तेमाल करें या पानी को उबालकर अच्छी तरह ठंडा करने के बाद इस्तेमाल करें।
5. गले में खराश हो तो गर्म पानी से गरारे करें
गले में दर्द या खराश होने पर गुनगुने खारे पानी से गरारे करने से अस्थायी राहत मिल सकती है। यह एक आसान घरेलू उपाय है, जिसे कई वयस्क और बड़े बच्चे इस्तेमाल कर सकते हैं।
बहुत गर्म पानी से गरारे करने से बचें, क्योंकि इससे मुंह और गले में जलन या चोट हो सकती है।
6. अच्छी नींद और आराम को न करें नजरअंदाज
सर्दी-जुकाम के दौरान शरीर को आराम देना बेहद जरूरी है। पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें और जब तक कमजोरी या बीमारी के लक्षण ज्यादा हों, तब तक बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत या कठिन एक्सरसाइज से बचें।
दिनभर लगातार काम करने या पर्याप्त आराम न करने से आपको ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। इसलिए शरीर के संकेतों को समझें और जरूरत के मुताबिक आराम करें।
7. विटामिन C और अदरक को लेकर क्या सच है?
सर्दी-जुकाम होते ही कई लोग विटामिन C, अदरक या अलग-अलग तरह के काढ़े लेना शुरू कर देते हैं। इन चीजों को सामान्य आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन यह मानना सही नहीं है कि इनसे जुकाम तुरंत खत्म हो जाएगा।
इसी तरह हर घरेलू नुस्खे का वैज्ञानिक प्रमाण एक जैसा नहीं होता। किसी उपाय से आपको आराम महसूस हो सकता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि उसने संक्रमण को खत्म कर दिया है।
इसलिए जुकाम के दौरान किसी भी घरेलू उपाय को इलाज का विकल्प मानने से बचना चाहिए।
8. हरा या पीला बलगम देखकर खुद से एंटीबायोटिक न लें
जुकाम के दौरान नाक से निकलने वाले बलगम का रंग सफेद से पीला या हरा हो सकता है। सिर्फ बलगम का रंग देखकर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं है कि आपको बैक्टीरियल इंफेक्शन हो गया है।
सामान्य वायरल सर्दी-जुकाम में भी बलगम का रंग बदल सकता है। इसलिए केवल इस आधार पर खुद से एंटीबायोटिक शुरू नहीं करनी चाहिए।
एंटीबायोटिक का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
9. किन लक्षणों में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अधिकतर सामान्य सर्दी-जुकाम में घर पर आराम और लक्षणों की देखभाल से धीरे-धीरे सुधार हो जाता है। लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
अगर तेज बुखार बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द हो, लक्षण लगातार बिगड़ते जाएं या करीब 10 दिन बाद भी सुधार न हो, तो मेडिकल सलाह लेना बेहतर है।
इसी तरह अगर जुकाम के लक्षण कुछ दिनों में ठीक होने के बाद अचानक दोबारा ज्यादा गंभीर हो जाएं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
घरेलू नुस्खों को समझदारी से करें इस्तेमाल
सर्दी-जुकाम में हर घरेलू नुस्खा बीमारी को जल्दी खत्म नहीं करता। कुछ उपाय केवल खांसी, गले की खराश या बंद नाक जैसे लक्षणों से अस्थायी राहत दे सकते हैं। वहीं, शरीर को संक्रमण से उबरने में अपना समय लग सकता है।
इसलिए जुकाम होने पर पर्याप्त आराम करें, पानी और दूसरे तरल पदार्थ लेते रहें, जरूरत के अनुसार गर्म पेय या सलाइन जैसे उपायों से लक्षणों को नियंत्रित करें और बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक न लें।
अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें या गंभीर संकेत दिखाई दें, तो घरेलू इलाज पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही कदम है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी गंभीर या लगातार बने रहने वाले लक्षण की स्थिति में योग्य डॉक्टर से सलाह लें।


