Stock Market Fall: भारतीय शेयर बाजार में सितंबर के पहले कारोबारी दिन तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने शानदार रिकवरी की, लेकिन यह तेजी ज्यादा देर कायम नहीं रह सकी। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में बिकवाली दोबारा हावी हुई और दोनों प्रमुख इंडेक्स लगातार दूसरे कारोबारी दिन लाल निशान में बंद हुए। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, बैंकिंग समेत कई प्रमुख सेक्टर्स में दबाव और एक्सपायरी से जुड़ी अस्थिरता ने बाजार की रिकवरी पर ब्रेक लगा दिया।
बेहतर जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों और निचले स्तरों पर हुई वैल्यू बाइंग से कारोबार के दौरान बाजार को सहारा मिला। हालांकि, दिन बढ़ने के साथ बैंकिंग, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली तेज हो गई। इसके अलावा ब्रेंट क्रूड के करीब 92 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने से भी निवेशकों की चिंता बढ़ी।
सेंसेक्स-निफ्टी में पूरे दिन दिखी जोरदार उठापटक
1 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 12.99 अंक यानी 0.02% गिरकर 76,944.28 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 24.60 अंक यानी 0.10% की गिरावट रही और यह 24,055.80 के स्तर पर बंद हुआ।
इंट्रा-डे कारोबार में बाजार ने काफी उतार-चढ़ाव देखा। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 193.01 अंक टूटकर 76,764.26 के स्तर तक पहुंच गया था। इसके बाद निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से इंडेक्स ने 467.61 अंक की रिकवरी की और दिन के हाई 77,231.87 तक पहुंच गया। हालांकि, इस स्तर पर बिकवाली फिर हावी हो गई और सेंसेक्स अपने डे-हाई से 575.75 अंक फिसलकर 76,656.12 तक आ गया।
निफ्टी की चाल भी कुछ ऐसी ही रही। यह शुरुआती कारोबार में 70.90 अंक गिरकर 24,009.50 तक पहुंचा। इसके बाद इंडेक्स ने 133.65 अंक की रिकवरी करते हुए 24,143.15 का इंट्रा-डे हाई बनाया। लेकिन इस हाई से निफ्टी 190.60 अंक टूटकर 23,952.55 तक आ गया।
बाजार की रिकवरी क्यों नहीं टिक पाई? ये 3 बड़ी वजहें
1. बैंकिंग और ऑटो शेयरों में तेज बिकवाली
बाजार को संभालने में एफएमसीजी और आईटी सेक्टर ने अहम भूमिका निभाई। दोनों सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में करीब 1% की मजबूती देखने को मिली। लेकिन दूसरी तरफ बैंकिंग, ऑटो और फार्मा शेयरों में दबाव इतना ज्यादा रहा कि बाजार की रिकवरी टिक नहीं सकी।
निफ्टी फार्मा में करीब 1.5% की गिरावट रही। वहीं निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 1% से ज्यादा कमजोर हुए। निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई।
बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का सीधा असर निफ्टी और सेंसेक्स दोनों पर पड़ा, क्योंकि प्रमुख इंडेक्स में इनका वेटेज काफी महत्वपूर्ण है।
2. Nifty की वीकली एक्सपायरी से बढ़ी वोलैटिलिटी
आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी भी थी। एक्सपायरी वाले दिन ऑप्शन मार्केट में पोजीशन एडजस्टमेंट और तेज खरीद-बिक्री के कारण इंडेक्स में सामान्य कारोबारी दिनों की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
आज भी इसका असर बाजार पर साफ नजर आया। निफ्टी पहले 24,000 के आसपास निचले स्तर से संभला और 24,143 तक पहुंच गया, लेकिन बाद में मुनाफावसूली और बिकवाली के चलते फिर 24,000 के नीचे चला गया।
3. कच्चे तेल की कीमतों में उबाल
बाजार की रिकवरी के सामने सबसे बड़ी चिंताओं में से एक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रहीं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
भारत अपनी जरूरत के एक बड़े हिस्से के लिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है। ऐसे में क्रूड की कीमतों में लगातार तेजी से देश के आयात बिल, करेंट अकाउंट और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है। यही वजह है कि कच्चे तेल में तेजी को भारतीय शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जाता है।
मिडकैप शेयरों पर भी रहा दबाव
बाजार की कमजोरी सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी तक सीमित नहीं रही। ब्रॉडर मार्केट में भी बिकवाली का दबाव दिखाई दिया।
निफ्टी मिडकैप 100 में 1.39% की गिरावट रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 0.25% कमजोर होकर बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने सिर्फ बड़े शेयरों में ही नहीं, बल्कि मिडकैप स्पेस में भी जोखिम कम करने की कोशिश की।
Nifty का टेक्निकल आउटलुक क्या है?
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स की चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, इससे पिछले कारोबारी सत्र में अगस्त के निचले स्तरों से बाजार में आई रिकवरी और बने हैमर पैटर्न ने आगे तेजी की उम्मीद जगाई थी।
फिलहाल बाजार की नजर 24,150 और 24,215 के स्तरों पर है। अगर निफ्टी इन स्तरों को पार करने में सफल रहता है तो आगे की तेजी को मजबूती मिल सकती है।
हालांकि, अगर इंडेक्स इन स्तरों के ऊपर टिकने में विफल रहता है और दोबारा 24,060-24,000 के दायरे में दबाव बढ़ता है, तो निफ्टी के लिए कमजोरी बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में 23,575 का स्तर अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
आज के कारोबार से साफ है कि बाजार में फिलहाल तेजी और गिरावट के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। एक तरफ बेहतर आर्थिक आंकड़े और निचले स्तरों पर खरीदारी बाजार को सहारा दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ महंगा कच्चा तेल, बैंकिंग शेयरों में कमजोरी और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव सेंटीमेंट पर दबाव डाल रहे हैं।
इसलिए आने वाले कारोबारी सत्रों में 24,150-24,215 का जोन निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। दूसरी ओर 24,000 और फिर 23,575 के स्तर बाजार की कमजोरी में अहम सपोर्ट के तौर पर देखे जा सकते हैं।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक या निवेश से जुड़ा फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता है।


