Deepa Jewellers IPO: ज्वेलरी कारोबार से जुड़ी कंपनी दीपा ज्वेलर्स का आईपीओ अभी खुला भी नहीं है, लेकिन ग्रे मार्केट में इसकी चर्चा तेज हो गई है। Deepa Jewellers IPO का GMP 55 रुपये तक पहुंच गया है। कंपनी का आईपीओ 1 सितंबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और निवेशक 3 सितंबर तक इसमें बोली लगा सकेंगे। अगर मौजूदा GMP और IPO के अपर प्राइस बैंड को आधार माना जाए तो शेयर की संभावित लिस्टिंग करीब 232 रुपये पर हो सकती है। यानी IPO प्राइस के मुकाबले लगभग 31 फीसदी का संभावित लिस्टिंग गेन दिख रहा है।
हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक बाजार का संकेत है। इसमें लगातार बदलाव हो सकता है और वास्तविक लिस्टिंग कीमत GMP से काफी अलग भी हो सकती है।
459.72 करोड़ रुपये का है Deepa Jewellers IPO
दीपा ज्वेलर्स का आईपीओ कुल 459.72 करोड़ रुपये का बुक-बिल्ड इश्यू है। इसमें कंपनी नए शेयर जारी करने के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल यानी OFS भी लेकर आ रही है।
IPO के तहत कंपनी 1.41 करोड़ नए शेयर जारी करके करीब 250 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसके अलावा 1.18 करोड़ शेयरों का OFS होगा, जिसकी वैल्यू करीब 209.72 करोड़ रुपये है।
कंपनी के शेयरों का अलॉटमेंट 4 सितंबर 2026 को होने की उम्मीद है। वहीं, NSE और BSE पर शेयरों की लिस्टिंग 8 सितंबर 2026 को संभावित है।
168 से 177 रुपये है IPO का प्राइस बैंड
दीपा ज्वेलर्स ने IPO के लिए 168 रुपये से 177 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक अपर प्राइस बैंड यानी 177 रुपये के हिसाब से IPO में बोली लगा सकते हैं।
एक IPO लॉट में 84 शेयर होंगे। इस हिसाब से अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए:
177 × 84 = 14,868 रुपये
लगाने होंगे।
यानी रिटेल निवेशक के लिए न्यूनतम निवेश राशि 14,868 रुपये होगी।
55 रुपये GMP, 232 रुपये की संभावित लिस्टिंग
Deepa Jewellers IPO को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP की हो रही है। बाजार में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक IPO का GMP फिलहाल 55 रुपये बताया जा रहा है।
अगर 177 रुपये के अपर प्राइस बैंड में 55 रुपये GMP जोड़ें तो संभावित लिस्टिंग कीमत इस तरह बनती है:
177 + 55 = 232 रुपये
इस हिसाब से IPO प्राइस की तुलना में संभावित फायदा करीब 31 फीसदी बैठता है।
यानी अगर मौजूदा GMP लिस्टिंग तक बना रहता है और शेयर 232 रुपये के आसपास लिस्ट होता है, तो एक लॉट पर संभावित लाभ करीब:
(232 – 177) × 84 = 4,620 रुपये
हो सकता है।
लेकिन यह सिर्फ GMP पर आधारित अनुमान है। शेयर बाजार में लिस्टिंग के दिन वास्तविक कीमत इससे कम या ज्यादा हो सकती है।
निवेशकों के लिए कितना हिस्सा आरक्षित?
IPO में अलग-अलग निवेशक वर्ग के लिए शेयरों का आरक्षण भी तय किया गया है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB के लिए नेट इश्यू का अधिकतम 50 फीसदी हिस्सा रखा गया है।
वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 35 फीसदी और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII के लिए कम से कम 15 फीसदी हिस्सा आरक्षित है।
इससे IPO में रिटेल निवेशकों की भागीदारी के लिए पर्याप्त हिस्सा उपलब्ध रहेगा।
2016 में शुरू हुई थी दीपा ज्वेलर्स
दीपा ज्वेलर्स लिमिटेड की शुरुआत 2016 में हुई थी। कंपनी सोने और हीरे के आभूषणों की रिटेल और थोक बिक्री के कारोबार से जुड़ी है।
कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन वाले कई तरह के आभूषण शामिल हैं। इनमें अंगूठियां, हार, झुमके, चूड़ियां और ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक तैयार किए जाने वाले कस्टमाइज्ड ज्वेलरी प्रोडक्ट शामिल हैं।
कंपनी अपने कारोबार में गुणवत्ता वाली सामग्री और कुशल कारीगरी पर फोकस करती है।
IPO से जुटाए पैसे का क्या होगा?
दीपा ज्वेलर्स IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में करेगी।
कंपनी ने इन्वेंट्री की खरीद और रखरखाव सहित लॉन्ग-टर्म वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए करीब 215 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।
इसके अलावा IPO से प्राप्त रकम का एक हिस्सा सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।
Deepa Jewellers IPO: एक नजर में
| जानकारी | डिटेल |
|---|---|
| कंपनी | Deepa Jewellers Ltd |
| IPO साइज | ₹459.72 करोड़ |
| IPO ओपन | 1 सितंबर 2026 |
| IPO क्लोज | 3 सितंबर 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹168-177 |
| लॉट साइज | 84 शेयर |
| न्यूनतम निवेश | ₹14,868 |
| GMP | ₹55 |
| अनुमानित लिस्टिंग | ₹232 |
| संभावित लिस्टिंग गेन | करीब 31% |
| अलॉटमेंट | 4 सितंबर 2026 |
| संभावित लिस्टिंग | 8 सितंबर 2026 |
| लिस्टिंग | NSE और BSE |
GMP देखकर निवेश का फैसला न करें
Deepa Jewellers IPO का मौजूदा GMP निश्चित तौर पर निवेशकों का ध्यान खींच रहा है। 55 रुपये के GMP के आधार पर करीब 31 फीसदी संभावित लिस्टिंग गेन का अनुमान बन रहा है। हालांकि, GMP कोई आधिकारिक या गारंटीड रिटर्न नहीं है।
IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार, वैल्यूएशन, जोखिम, इश्यू का उद्देश्य और बाजार की परिस्थितियों को देखना जरूरी है। सिर्फ ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
(अस्वीकरण: IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक है और वास्तविक लिस्टिंग कीमत अलग हो सकती है। निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज और अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह पर विचार करें।)


