UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारों का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना सबसे ज्यादा है, जबकि पश्चिमी यूपी में अभी बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रहने का अनुमान है।
मौसम में यह बदलाव निचले क्षोभमंडल में पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से देखने को मिल रहा है। इसके कारण मानसूनी हवाओं में मजबूती आई है और पूर्वी यूपी के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
पूर्वी यूपी के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अगस्त से 30 अगस्त की सुबह तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं:
- चित्रकूट
- प्रयागराज
- जौनपुर
- गाजीपुर
- आजमगढ़
- बस्ती
- गोंडा
- श्रावस्ती
- बहराइच
- लखीमपुर खीरी
- सीतापुर
- बाराबंकी
- सुल्तानपुर
- अयोध्या
- अंबेडकर नगर
इन इलाकों में भारी बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और अनावश्यक रूप से जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
सोनभद्र में भी भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 30 से 31 अगस्त के दौरान सोनभद्र और इसके आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी और निचले इलाकों में तेज बारिश होने की स्थिति में स्थानीय जलस्रोतों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
इस दौरान लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
31 अगस्त से इन जिलों में बढ़ेगा बारिश का असर
बारिश का सिलसिला अगस्त के आखिरी दिनों में भी जारी रहने की संभावना है। 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर और जौनपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।
इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों में पूर्वी यूपी के कई जिलों में मानसून की सक्रियता बनी रह सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
2 सितंबर को पश्चिमी यूपी में भी बारिश बढ़ने के आसार
अभी तक भारी बारिश का मुख्य असर पूर्वी उत्तर प्रदेश में रहने का अनुमान है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार 2 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
29 अगस्त से 1 सितंबर के बीच पश्चिमी यूपी के लिए व्यापक भारी बारिश की अलग चेतावनी नहीं है, लेकिन कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बौछारें पड़ सकती हैं। सितंबर की शुरुआत में मानसूनी गतिविधियों में बदलाव के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
भारी बारिश से जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा
तेज बारिश के कारण प्रदेश के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। सुरंगों, अंडरपास और निचले स्थानों पर पानी जमा होने की आशंका ज्यादा रहती है।
इसके अलावा मौसमी नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। लगातार बारिश होने पर कच्ची सड़कों के कमजोर होने और फिसलन बढ़ने का खतरा भी रहेगा। कई जगहों पर कम दृश्यता के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
बारिश के दौरान लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने से बचना चाहिए। अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए भी मौसम विभाग की सलाह
भारी बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। खेतों में अधिक पानी जमा होने से फसलों की जड़ों में ऑक्सीजन की कमी और रोगों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, विभिन्न दलहन और सब्जियों जैसी फसलों में अत्यधिक नमी नुकसान पहुंचा सकती है। किसानों को बारिश के दौरान जरूरी कृषि गतिविधियों को टालने और खेतों में जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने पर ध्यान देना चाहिए।
सितंबर की शुरुआत में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सितंबर की शुरुआत तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। वहीं पश्चिमी यूपी में अगस्त के बाकी दिनों में मानसूनी गतिविधियां सीमित रहने के बाद सितंबर के शुरुआती सप्ताह में बारिश में बढ़ोतरी हो सकती है।
ऐसे में यूपी के लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।


